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Kubreshwar Dham में भिखारियों को थमाए नकली 200 के नोट, चिल्लर के बहाने 8-10 हजार रुपये लेकर फरार

Kubreshwar Dham कुबरेश्वर धाम में गरीब और दिव्यांग भिखारियों से कथित ठगी का मामला सामने आया है। आरोप है कि एक व्यक्ति ने चिल्लर लेने के बहाने 200-200 रुपये के नकली नोट दिए और करीब 8 से 10 हजार रुपये की चिल्लर लेकर फरार हो गया। पुलिस के मुताबिक अभी

September 10, 2026 5:06 AM
Kubreshwar Dham में नकली 200 रुपये के नोट से भिखारियों से कथित ठगी
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Kubreshwar Dham में भिखारियों से कथित ठगी का मामला सामने आया है। आरोपी ने नकली ₹200 के नोट देकर करीब 8-10 हजार रुपये की चिल्लर लेने का आरोप है।

Fake Note Scam। आज के वक्त में ठगों ने एक से एक बढ़कर नायाब तरीके इजाद कर दिये हैं। हैरानी की बात ये है कि ये ठग अब भगवान क्या भिखारियों तक से ठगी से बाज नहीं आ रहे हैं। ऐसा ही कुछ मामला मध्य प्रदेश के प्रसिद्ध कुबरेश्वर धाम में सामने आया है। यहां, ठगों ने मंदिर के बाहर भीख मांग रहे लोगों को ठगी का निशाना बनाया है।

मंदिर परिसर में भीख मांगकर जीवन चलाने वाले तीन से चार वृद्ध और दिव्यांग लोगों को एक अज्ञात व्यक्ति ने कथित तौर पर नकली 200-200 रुपये के नोट थमाए और बदले में चिल्लर लेकर वहां से फरार हो गया। पीड़ितों के मुताबिक इस तरह आरोपी करीब 8 से 10 हजार रुपये की चिल्लर लेकर भाग गया। मामला मंडी थाना क्षेत्र का बताया जा रहा है। हालांकि, अब तक किसी पीड़ित ने थाने में लिखित शिकायत दर्ज नहीं कराई है।

पत्नी के लिए चिल्लर चाहिए बताकर बनाया भरोसा

जानकारी के मुताबिक, देर शाम कुछ अज्ञात लोग मंदिर परिसर पहुंचे। वहां मौजूद भिखारियों से बातचीत के दौरान काले कोट पहने एक व्यक्ति ने कथित तौर पर कहा कि उसकी पत्नी कुबरेश्वर धाम में चिल्लर चढ़ाना चाहती है और उसे छोटे सिक्कों की जरूरत है।बताया जा रहा है कि इसी बात का भरोसा दिलाकर उसने भिखारियों से चिल्लर मांगी और बदले में उन्हें 200-200 रुपये के नोट दिए। चिल्लर लेने के बाद वह व्यक्ति मौके से निकल गया।उस समय किसी को नोटों के नकली होने का शक नहीं हुआ।

नाश्ता खरीदने पहुंचा तो खुला नकली नोट का राज

ठगी का पता कुछ देर बाद चला। एक पीड़ित जब नाश्ता खरीदने के लिए दुकान पर पहुंचा और आरोपी द्वारा दिया गया नोट दुकानदार को दिया, तो दुकानदार ने उसे नकली नोट बताया। नोट नकली होने की जानकारी मिलते ही पीड़ित के होश उड़ गए। इसके बाद दूसरे लोगों को दिए गए नोटों को लेकर भी संदेह पैदा हुआ।पीड़ितों का आरोप है कि आरोपी ने उनकी गरीबी और असहाय स्थिति का फायदा उठाया और चिल्लर के बदले नकली नोट देकर हजारों रुपये की चपत लगा दी।

8 से 10 हजार रुपये की चिल्लर ले जाने का दावा

पीड़ितों के अनुसार आरोपी ने तीन से चार लोगों से अलग-अलग मात्रा में चिल्लर ली। कुल मिलाकर करीब 8 से 10 हजार रुपये की रकम होने का अनुमान लगाया जा रहा है।हालांकि, इस रकम और नकली नोटों की संख्या की आधिकारिक पुष्टि फिलहाल पुलिस रिकॉर्ड में नहीं हुई है, क्योंकि मामले में अभी तक कोई औपचारिक शिकायत दर्ज नहीं कराई गई है।

पुलिस तक नहीं पहुंचे पीड़ित

घटना सामने आने के बाद भी पीड़ितों ने पुलिस से शिकायत नहीं की। बताया जा रहा है कि गरीबी, असहायता और डर के कारण उन्होंने थाने जाने से परहेज किया।यही वजह है कि आरोपी के खिलाफ फिलहाल कोई औपचारिक कार्रवाई शुरू नहीं हुई है।

भारी भीड़ का फायदा उठाने की आशंका

कुबरेश्वर धाम में रोजाना बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं। मंदिर परिसर और आसपास के इलाकों में कई गरीब लोग भीख मांगकर अपना जीवन यापन करते हैं।स्थानीय लोगों और श्रद्धालुओं का कहना है कि इतनी बड़ी भीड़ के बीच ऐसे लोगों को आसानी से निशाना बनाया जा सकता है। उन्होंने मंदिर परिसर में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने और संदिग्ध लोगों पर नजर रखने की मांग की है।

Police का क्या कहना है?

मंडी थाना प्रभारी सुनील मेहर के मुताबिक, कुबरेश्वर धाम में भिखारियों के साथ नकली नोट देकर ठगी किए जाने की कोई लिखित शिकायत अभी थाने में नहीं आई है।उन्होंने कहा कि भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोकने के लिए संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखी जाएगी।

श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों ने सुरक्षा बढ़ाने की मांग की

इधर, घटना की जानकारी सामने आने के बाद स्थानीय लोगों ने मंदिर परिसर में निगरानी बढ़ाने की मांग की है। उनका कहना है कि बुजुर्ग, दिव्यांग और आर्थिक रूप से कमजोर लोगों को इस तरह के ठग आसानी से अपना निशाना बना सकते हैं।फिलहाल पुलिस शिकायत का इंतजार कर रही है। शिकायत मिलने के बाद ही मामले की औपचारिक जांच और आरोपी की पहचान को लेकर आगे की कार्रवाई हो सकेगी।

नकली नोट की पहचान कैसे करें? इन बातों पर दें ध्यान

किसी नोट के नकली होने का संदेह हो तो केवल एक पहचान के आधार पर फैसला न लें। नोट की कई सुरक्षा विशेषताओं को ध्यान से जांचें।

  • कागज और प्रिंट की गुणवत्ता देखें: असली भारतीय नोट की छपाई और कागज की बनावट सामान्य प्रिंटेड पेपर से अलग होती है। बहुत खराब प्रिंट, धुंधले अक्षर या असामान्य रंग संदेह पैदा कर सकते हैं।
  • नोट को रोशनी में देखें: भारतीय बैंक नोटों में कई ऐसी सुरक्षा विशेषताएं होती हैं जिन्हें रोशनी के सामने देखने पर पहचाना जा सकता है।
  • सिक्योरिटी थ्रेड और वॉटरमार्क जांचें: नोट में मौजूद सुरक्षा धागे और वॉटरमार्क को ध्यान से देखें। इनमें छेड़छाड़ या प्रिंट की असामान्यता दिखाई दे तो सावधान रहें।
  • नोट के नंबर और प्रिंटिंग देखें: सीरियल नंबर की छपाई स्पष्ट और समान होनी चाहिए। असामान्य फॉन्ट, धुंधली छपाई या रंग में अंतर पर ध्यान दें।
  • छूकर भी जांच करें: भारतीय करेंसी में कुछ हिस्सों पर उभरी हुई छपाई होती है। नोट को हाथ से छूकर ऐसी सुरक्षा विशेषताओं को महसूस किया जा सकता है।
  • एक साथ कई फीचर चेक करें: केवल किसी एक निशान या रंग को देखकर नोट को असली या नकली न मानें। नोट की कई सुरक्षा विशेषताओं की जांच करें।
  • संदेह होने पर नोट आगे न चलाएं: यदि किसी नोट के नकली होने का संदेह है, तो उसे किसी दूसरे व्यक्ति को भुगतान के रूप में देने के बजाय बैंक या संबंधित अधिकारियों से जांच कराना बेहतर है।

 

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