रायपुर। 10 रुपये के चक्कर में दो अफसरों की छुट्टी हो गयी। छत्तीसगढ़ में शराब की निर्धारित कीमत से अधिक वसूली और अवैध शराब निर्माण के खिलाफ आबकारी विभाग ने बड़ा एक्शन लिया है। महासमुंद में 190 रुपये की शराब 200 रुपये में बेचने का मामला पकड़े जाने पर आबकारी उप निरीक्षक नितेश सिंह बैस को निलंबित कर दिया गया है।
वहीं कांकेर के भानुप्रतापपुर क्षेत्र में अवैध शराब निर्माण से जुड़ी सामग्री की बड़ी बरामदगी के मामले में आबकारी उप निरीक्षक रानू मरकाम और प्रभारी सहायक जिला आबकारी अधिकारी मधुकर श्याम हरित पर भी निलंबन की कार्रवाई की गई है।कांकेर में कार्रवाई के दौरान 4409 खाली शराब की बोतल/पौवा, 105 पत्ता स्टीकर एवं होलोग्राम और 3380 ढक्कन बरामद किए गए हैं। इसके अलावा 30 नग भरी हुई शराब की पौवा भी जब्त की गई है।
190 रुपये की शराब 200 में बेचते पकड़े गए
मामला महासमुंद जिले की कम्पोजिट मदिरा दुकान तुमा डबरी (बेमचा) का है। राज्य स्तरीय उड़नदस्ता टीम ने 7 सितंबर 2026 को दुकान का आकस्मिक निरीक्षण किया।जांच के दौरान छद्म ग्राहक के माध्यम से शराब खरीदकर कीमत की पुष्टि की गई। इस दौरान विक्रयकर्ता दिनेश्वर ध्रुव द्वारा विदेशी मदिरा बैगपाईपर व्हिस्की का एक पाव, जिसकी निर्धारित कीमत 190 रुपये थी, उसे 200 रुपये में बेचा गया।
इसके बाद दोबारा खरीद परीक्षण किया गया तो विक्रयकर्ता गुलाब डहरिया ने भी इसी शराब के एक पाव के लिए 190 रुपये के बजाय 200 रुपये वसूल किए।इस तरह दो पाव की निर्धारित कीमत 380 रुपये थी, जबकि ग्राहकों से 400 रुपये लिए गए। यानी कुल 20 रुपये अधिक वसूले गए।दोनों विक्रयकर्ताओं के खिलाफ छत्तीसगढ़ आबकारी अधिनियम की धारा 39 (ग) के तहत प्रकरण दर्ज किया गया है।
निगरानी में लापरवाही पर आबकारी उप निरीक्षक निलंबित
मदिरा दुकान में निर्धारित दर से अधिक कीमत पर शराब की बिक्री पाए जाने के बाद विभाग ने केवल विक्रयकर्ताओं के खिलाफ कार्रवाई तक मामला सीमित नहीं रखा।विभाग ने इसे संबंधित प्रभार क्षेत्र में प्रभावी निगरानी के अभाव और शिथिल नियंत्रण का मामला माना। इसके बाद मदिरा दुकान प्रभारी एवं वृत्त प्रभारी महासमुंद नितेश सिंह बैस को छत्तीसगढ़ सिविल सेवा नियम 1966 के नियम 9 (1) के तहत तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया।निलंबन अवधि में उनका मुख्यालय कार्यालय उपायुक्त आबकारी, संभागीय उड़नदस्ता दुर्ग संभाग, दुर्ग निर्धारित किया गया है। उन्हें नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता मिलेगा।
कांकेर में अवैध शराब के बड़े नेटवर्क की आशंका
इधर कांकेर जिले के भानुप्रतापपुर थाना क्षेत्र में अवैध शराब निर्माण से जुड़ी सामग्री की बड़ी खेप बरामद होने से विभाग में हड़कंप मच गया।पुलिस की छापामार कार्रवाई के दौरान ग्राम बसंत नगर (नारायणपुर) में एक सूने/बंद किराए के मकान से अवैध मदिरा निर्माण से संबंधित सामग्री बरामद की गई।मौके से कुल 4409 नग खाली शराब की बोतल/पौवा बरामद किए गए। इसके अलावा 105 पत्ता स्टीकर एवं होलोग्राम और 3380 ढक्कन भी जब्त किए गए।
30 पौवा भरी शराब भी मिली
बरामद सामग्री में जम्मू स्पेशल व्हिस्की के 30 नग भरे हुए पौवा भी शामिल हैं। इनकी कुल मात्रा 5.400 लीटर और कीमत 3600 रुपये बताई गई है।
विभिन्न ब्रांडों के स्टीकर और होलोग्राम की कीमत 59,645 रुपये बताई गई है। वहीं 4409 खाली बोतल/पौवा की कीमत 22,045 रुपये और विभिन्न प्रकार के 3380 ढक्कनों की भी बरामदगी हुई है।बड़ी संख्या में खाली बोतल, ढक्कन, स्टीकर और होलोग्राम मिलने से मामले में अवैध शराब निर्माण और पैकेजिंग की तैयारी को लेकर गंभीर सवाल खड़े हुए हैं।
रानू मरकाम और मधुकर श्याम हरित भी निलंबित
कांकेर की यह कार्रवाई आबकारी उप निरीक्षक रानू मरकाम के प्रभार क्षेत्र में हुई। विभाग ने उनके क्षेत्र में इतनी गंभीर अनियमितता पाए जाने को कर्तव्य के प्रति घोर लापरवाही, उदासीनता और शिथिल नियंत्रण का परिचायक माना।
इसके बाद रानू मरकाम, आबकारी उप निरीक्षक, मदिरा दुकान प्रभारी एवं वृत्त प्रभारी भानुप्रतापपुर को तत्काल प्रभाव से निलंबित किया गया है। निलंबन अवधि में उनका मुख्यालय जिला आबकारी अधिकारी, कांकेर कार्यालय निर्धारित किया गया है।
इसी मामले में मधुकर श्याम हरित, सहायक जिला आबकारी अधिकारी एवं प्रभारी, जिला आबकारी अधिकारी कार्यालय, उत्तर बस्तर कांकेर के खिलाफ भी कार्रवाई हुई है।विभाग ने उनके खिलाफ प्रथम दृष्टया गंभीर लापरवाही, कर्तव्य के प्रति उदासीनता तथा प्रभावी पर्यवेक्षण और सतत निगरानी के अभाव को आधार बनाया है। उनका निलंबन मुख्यालय आबकारी आयुक्त कार्यालय, छत्तीसगढ़, नवा रायपुर अटल नगर निर्धारित किया गया है।
दो अधिकारियों से मांगा गया जवाब
महासमुंद में अधिक कीमत पर शराब बिक्री के मामले में विभाग ने अन्य अधिकारियों की जवाबदेही भी तय की है। सहायक जिला आबकारी अधिकारी दीपक ठाकुर और सहायक जिला आबकारी अधिकारी अजय कुमार पाण्डेय को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। दोनों अधिकारियों को सात दिवस के भीतर समाधानकारक जवाब प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं।
निर्धारित अवधि में जवाब नहीं मिलने पर विभाग ने नियमानुसार एकपक्षीय कार्रवाई की चेतावनी दी है।
आबकारी विभाग ने दिया सख्त संदेश
महासमुंद और कांकेर की कार्रवाई से आबकारी विभाग ने स्पष्ट संकेत दिया है कि निर्धारित दर से अधिक कीमत पर शराब की बिक्री, अवैध शराब निर्माण और निगरानी में लापरवाही को किसी भी स्तर पर नजरअंदाज नहीं किया जाएगा।
एक ओर जहां 190 रुपये की शराब 200 रुपये में बेचने के मामले में कार्रवाई हुई, वहीं दूसरी ओर कांकेर में हजारों खाली बोतल, ढक्कन और स्टीकर-होलोग्राम की बरामदगी ने अवैध शराब निर्माण से जुड़े संभावित नेटवर्क पर सवाल खड़े कर दिए हैं। विभाग की आगे की जांच में इस मामले से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका भी सामने आ सकती है।










