लोरमी के दवनपुर-परसदा के बीच खेत में दवाई छिड़कने पहुंचे युवक संजू मरकाम पर बाघ ने अचानक हमला कर दिया। युवक गंभीर रूप से घायल हुआ है और उसका गनियारी अस्पताल में इलाज चल रहा है। घटना के बाद ATR की टीम मौके पर पहुंचकर रेस्क्यू और निगरानी में जुटी है।
लोरमी। छत्तीसगढ़ के अचानकमार टाइगर रिजर्व से लगे इलाके में एक बार फिर बाघ के हमले की घटना सामने आई है। दवनपुर और परसदा के बीच खेत में दवाई का छिड़काव करने पहुंचे एक युवक पर अचानक बाघ ने हमला कर दिया। हमले में युवक गंभीर रूप से घायल हो गया। घटना के बाद आसपास के गांवों में दहशत का माहौल है।
घायल युवक की पहचान दवनपुर निवासी संजू मरकाम के रूप में हुई है। उसे उपचार के लिए गनियारी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। घटना की सूचना मिलते ही अचानकमार टाइगर रिजर्व की टीम मौके पर पहुंची और क्षेत्र में निगरानी एवं रेस्क्यू की कार्रवाई शुरू की गई।
सुबह खेत में दवाई छिड़कने पहुंचा था युवक
बताया जा रहा है कि संजू मरकाम शुक्रवार सुबह करीब 7 बजे दवनपुर और परसदा के बीच स्थित खेत में दवाई का छिड़काव करने पहुंचा था। इसी दौरान खेत और आसपास की झाड़ियों में छिपे बाघ ने अचानक उस पर हमला कर दिया।
अचानक हुए हमले से युवक को संभलने का मौका नहीं मिला। हालांकि, उसकी सतर्कता के चलते वह बाघ की चपेट से निकलने में सफल रहा। हमले में उसके शरीर पर गंभीर चोटें आई हैं। घटना के बाद तत्काल उसे अस्पताल ले जाया गया।
गांव के आसपास बाघ की मौजूदगी से ग्रामीणों में डर
ग्रामीणों का दावा है कि बाघ पिछले कई दिनों से गांवों और आसपास के इलाकों में घूम रहा है। पहाड़ी क्षेत्र में रात के समय बाघ की आवाज सुनाई देने की बात भी सामने आई है। अब खेत में युवक पर हमले की घटना के बाद ग्रामीणों की चिंता और बढ़ गई है।
स्थानीय निवासी भूपेंद्र कुमार जगत के मुताबिक, सुबह-सुबह गांव के आसपास बाघ की मौजूदगी की खबर से लोगों में दहशत फैल गई। उन्होंने बताया कि बाघ ने युवक को शिकार बनाने की कोशिश की, लेकिन युवक की सतर्कता से उसकी जान बच गई।
धान के खेत और पेड़ों के बीच बना रखा है ठिकाना
जिस क्षेत्र में बाघ की मौजूदगी बताई जा रही है, उसके आसपास बड़ी संख्या में धान के खेत और बड़े पेड़ हैं। ग्रामीणों के अनुसार खेतों के नजदीक झाड़ियों और पेड़ों के बीच बाघ के छिपे होने की आशंका है।
ऐसे में खेतों में काम करने वाले ग्रामीणों के सामने सबसे बड़ा खतरा बना हुआ है। खासकर सुबह और शाम के समय जंगल से लगे खेतों में आवाजाही को लेकर ग्रामीणों में डर है।
वन विभाग की टीम मौके पर, रेस्क्यू की कार्रवाई जारी
घटना की सूचना मिलते ही अचानकमार टाइगर रिजर्व की टीम मौके पर पहुंच गई। खबर लिखे जाने तक रेस्क्यू टीम घटनास्थल पर मौजूद थी और बाघ की गतिविधियों पर नजर रखी जा रही थी।
स्थानीय लोगों का कहना है कि जब तक बाघ को सुरक्षित तरीके से जंगल की ओर नहीं भेजा जाता या उसे पकड़ने की कार्रवाई पूरी नहीं होती, तब तक आसपास के गांवों में खतरा बना हुआ है।
कुछ दिन पहले भी सामने आया था बाघ के हमले का मामला
अचानकमार क्षेत्र में बाघ के हमले की यह घटना ऐसे समय सामने आई है, जब कुछ दिन पहले भी बाघ के हमले में एक युवक की मौत की घटना सामने आई थी। लगातार सामने आ रही घटनाओं से जंगल से लगे गांवों के लोगों में चिंता बढ़ गई है।
वन क्षेत्र के आसपास रहने वाले ग्रामीणों से फिलहाल जंगल, झाड़ियों और सुनसान खेतों की ओर अकेले नहीं जाने की अपील की जा रही है। वन विभाग की टीम बाघ की लोकेशन और गतिविधियों पर नजर बनाए हुए है।
ग्रामीणों के लिए बढ़ी चुनौती
एक तरफ खेतों में धान सहित अन्य कृषि कार्य चल रहे हैं, वहीं दूसरी ओर बाघ की मौजूदगी की सूचना से ग्रामीणों के लिए खेतों तक पहुंचना भी चुनौती बन गया है। ग्रामीण चाहते हैं कि वन विभाग जल्द से जल्द बाघ की स्थिति स्पष्ट करे और सुरक्षा के लिए प्रभावी कदम उठाए।फिलहाल घायल युवक का इलाज जारी है और अचानकमार टाइगर रिजर्व की टीम मौके पर मौजूद रहकर स्थिति पर नजर रख रही है।










