बिलासपुर/बिल्हा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिवस के अवसर पर आयोजित ‘सेवा संकल्प’ कार्यक्रम में अनुपस्थित रहने के आरोप में 21 शिक्षकों को कारण बताओ नोटिस जारी किए जाने का मामला अब तूल पकड़ता जा रहा है। शिक्षक संगठनों ने नोटिस जारी किए जाने की कार्रवाई पर आपत्ति जताते हुए इसे शिक्षकों के खिलाफ एकतरफा कार्रवाई बताया है।
शिक्षक संगठनों का कहना है कि संबंधित विद्यालयों में शिक्षकों ने अपने स्तर पर संसाधनों की व्यवस्था कर दीप प्रज्वलन, भाषण और चित्रकला सहित विभिन्न गतिविधियां आयोजित की थीं। ऐसे में कार्यक्रम में अनुपस्थिति के आधार पर 21 शिक्षकों को नोटिस जारी किए जाने से शिक्षकों में नाराजगी है। संगठनों ने कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए इसे ‘सेवा संकल्प का रिटर्न गिफ्ट’ करार दिया है।
‘सेवा संकल्प’ स्वैच्छिक सहभागिता का अभियान : प्रदीप पाण्डेय
सर्व शिक्षक संघ के प्रदेश अध्यक्ष प्रदीप पाण्डेय ने कहा कि सेवा संकल्प जैसे अभियानों का उद्देश्य सकारात्मक सहभागिता और जनसेवा की भावना को बढ़ावा देना होना चाहिए। उन्होंने कहा कि शिक्षकों का पक्ष जाने बिना सीधे कारण बताओ नोटिस जारी करना उचित नहीं है।
उन्होंने कहा कि शिक्षकों के स्वाभिमान और सम्मान से किसी भी तरह का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा।
अधिकारियों के कार्यालयों में गतिविधियों को लेकर भी सवाल
सीएसी संघ बिल्हा के ब्लॉक अध्यक्ष केशव वर्मा और छत्तीसगढ़ सहायक शिक्षक समग्र शिक्षक फेडरेशन के जिला अध्यक्ष सुनील पाण्डेय ने संयुक्त रूप से कहा कि शिक्षक अपने विभागीय दायित्वों का निर्वहन करने के साथ विभिन्न कार्यक्रमों में भी सहयोग करते रहे हैं।
शिक्षक संगठनों ने सवाल उठाया कि यदि विद्यालयों में सेवा संकल्प कार्यक्रम के तहत गतिविधियां आयोजित की गई थीं, तो क्या जनपद पंचायत सीईओ कार्यालय और विकासखंड शिक्षा अधिकारी कार्यालय में भी इसी प्रकार की गतिविधियां आयोजित की गई थीं।
संगठनों का कहना है कि यदि शिक्षकों की उपस्थिति और सहभागिता की समीक्षा की जा रही है, तो संबंधित कार्यालयों में अधिकारियों और कर्मचारियों की सहभागिता की भी समान रूप से समीक्षा होनी चाहिए।
राजनीतिक दबाव के आरोप, निष्पक्ष जांच की मांग
शिक्षक संगठनों ने आरोप लगाया कि स्थानीय स्तर पर राजनीतिक दबाव के चलते शिक्षकों के खिलाफ कार्रवाई की गई है। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। संगठनों ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है।
संगठनों के मुताबिक, 21 शिक्षकों को जारी कारण बताओ नोटिस के मामले में सामूहिक रूप से आगे की रणनीति तय की जाएगी। साथ ही भविष्य में शिक्षकों पर किसी प्रकार का अनावश्यक दबाव बनाए जाने की स्थिति में आंदोलनात्मक कदम उठाने की चेतावनी भी दी गई है।
कलेक्टर और DEO को सौंपेंगे ज्ञापन
सीएसी संघ बिल्हा, छत्तीसगढ़ सहायक शिक्षक समग्र शिक्षक फेडरेशन और सर्व शिक्षक संघ द्वारा संयुक्त रूप से कलेक्टर बिलासपुर एवं जिला शिक्षा अधिकारी (DEO) को ज्ञापन सौंपने की तैयारी की जा रही है।
संगठनों की प्रमुख मांगों में 21 शिक्षकों को जारी नोटिस की समीक्षा, कार्रवाई के आधार की स्पष्ट जानकारी और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच शामिल है।
अब इस मामले में जिला प्रशासन की ओर से शिक्षकों के पक्ष को सुनने और नोटिस के संबंध में क्या निर्णय लिया जाता है, इस पर सभी की नजर है।










