रायपुर: राज्यसभा सांसद फूलो देवी नेताम का WhatsApp हैक होने की खबर से हड़कंप मच गया है। आरोप है कि हैकर ने सांसद के WhatsApp अकाउंट का इस्तेमाल कर उनके संपर्क में मौजूद लोगों को 56 हजार रुपये मांगे हैं। लोगों को व्हाट्सएप का क्लोन बनाकर UPI लेनदेन से जुड़ा फर्जी मैसेज भेजा गया है।
मैसेज में कथित तौर पर रकम भेजने और फिर दो घंटे के भीतर पैसे वापस करने की बात कही गई, ताकि सामने वाला इसे सामान्य लेनदेन समझकर झांसे में आ जाए।मामला सामने आने के बाद सांसद के नाम और नंबर से भेजे जा रहे संदेशों को लेकर लोगों में चिंता बढ़ गई। बताया जा रहा है कि हैकर ने सांसद की पहचान का इस्तेमाल कर संपर्कों को भरोसे में लेने और उनसे आर्थिक लेनदेन कराने की कोशिश की।
सांसद के नंबर से आया 56 हजार का मैसेज
इस मामले में मिली जानकारी के मुताबिक, फूलो देवी नेताम के WhatsApp से जुड़े लोगों को ₹56 हजार UPI भुगतान से संबंधित फर्जी संदेश भेजा गया। संदेश के जरिए यह भरोसा दिलाने की कोशिश की गई कि रकम भेजने के बाद उसे जल्द ही वापस कर दिया जाएगा।
ऐसे मामलों में परिचित व्यक्ति या किसी सार्वजनिक पद पर बैठे व्यक्ति के नंबर से संदेश आने पर लोग उसे वास्तविक मान सकते हैं। इसी भरोसे का फायदा उठाकर साइबर ठगी की कोशिश किए जाने की आशंका है।
दो घंटे में पैसे वापस करने का दिया झांसा
हैकर ने कथित तौर पर लोगों को यह भी कहा कि दो घंटे के भीतर रकम वापस कर दी जाएगी। इस तरह जल्दबाजी में भुगतान कराने की कोशिश की गई।साइबर अपराधों में इस तरह का तरीका अपनाकर सामने वाले पर भरोसा बनाने और उसे बिना ज्यादा जांच-पड़ताल के पैसे भेजने के लिए प्रेरित किया जाता है। हालांकि इस मामले में वास्तव में किसी व्यक्ति से रकम की ठगी हुई या नहीं, इसकी विस्तृत जानकारी सामने आना बाकी है।
सांसद के नंबर से फर्जी मैसेज वायरल
WhatsApp हैक होने के बाद सांसद के नंबर से भेजे गए संदेशों की जानकारी उनके संपर्कों तक पहुंची। इसके बाद लोगों को सावधान किया गया कि सांसद के नंबर से आने वाले किसी भी पैसे से जुड़े संदेश पर बिना पुष्टि किए भरोसा न करें।फिलहाल पूरा मामला साइबर अपराध से जुड़ा होने के कारण जांच का विषय है। हैकिंग किस तरह की गई और इसके पीछे कौन लोग हैं, इसकी जानकारी जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।
कौन हैं फूलो देवी नेताम?
फूलो देवी नेताम छत्तीसगढ़ से राज्यसभा सांसद हैं। संसद से जुड़े रिकॉर्ड के अनुसार वह अप्रैल 2026 से अपने दूसरे कार्यकाल में राज्यसभा की सदस्य हैं।उनका नाम इससे पहले भी संसद में साइबर सुरक्षा और WhatsApp अकाउंट हैकिंग जैसे मुद्दों से जुड़े सवालों में दर्ज रहा है। 2023 में उन्होंने राज्यसभा में ऐसे ऐप से संबंधित सवाल पूछा था, जिसके जरिए WhatsApp अकाउंट पर कब्जे की आशंका से जुड़ा मुद्दा उठाया गया था।
लोगों के लिए जरूरी सावधानी
किसी परिचित, जनप्रतिनिधि या अधिकारी के नंबर से अगर अचानक UPI भुगतान, पैसे उधार देने या रकम वापस करने से जुड़ा मैसेज आए तो पहले फोन करके उसकी पुष्टि करें। केवल WhatsApp प्रोफाइल फोटो, नाम या नंबर देखकर भुगतान न करें।
किसी भी प्रकार के साइबर ठगी में पैसा वापसी के लिए जितनी जल्दी हो सके सभी दिन 24 घंटे चालू साइबर क्राइम पोर्टल के हेल्पलाइन नंबर 1930 या 9479281934 डायल कर शिकायत करनी चाहिए। पोर्टल में शिकायत करना आम नागरिकों को मुश्किल है। इसलिए हेल्प लाइन के वाट्सअप नंबर 94792 81934 में जानकारी देना आसान है। इसमें ठगी करने वाले का नाम, मोबाइल नंबर, जिस मोबाइल नंबर में पैसा का भुगतान किया, तारीख और समय भेजना होगा। इससे साइबर क्राइम रिपोर्ट पोर्टल में अपराध पंजीयन होगा।
ऑनलाइन एफआईआर तुरंत करे
अपराध पंजीयन के बाद संबंधित थाने से ठग के अकाउंट और बैंक का जानकारी आवेदक को प्राप्त हो जाएगा। बैंक की जानकारी होने पर उस बैंक के वेबसाइट में जाकर कंप्लेंट के शीर्षक में अपना साइबर क्राइम कंप्लेंन नंबर और व्यक्ति का नाम, मोबाइल नंबर, ठगी का दिनांक, ठगी का समय आदि सारी जानकारी आवेदक द्वारा बैंक को ईमेल करने की जरूरत है। बैंक आवेदक के ईमेल का सकारात्मक जवाब देगा और संबंधित ठग को नोटिस देगा और संतोषजनक जवाब नहीं देने पर ठगी होने का प्रूफ होने पर वह ठग से जितना फ्रॉड किया उसे संबंध में एक शपथ पत्र और उसके खाते में उतना पैसा जमा करने के लिए बाध्य करेगा।
इसलिए जरूरी है कि जो भी ठगी हुआ है, उसका प्रूफ के साथ में साइबर क्राइम में अपराध दर्ज की जाए और बैंक खाता का पता किया जाए और बैंक को सीधा-सीधा व्यक्तिगत ईमेल किया जाए। पुलिस की जांच लंबी प्रक्रिया है लेकिन ठग के खाता जिस बैंक में है, उसको ईमेल से साइबर क्राइम की जानकारी देना जरूरी है, ताकि बैंक अपना कार्यवाही करते हुए उतनी राशि ठग के खाते में होल्ड करके रखे और आवेदक को अंत में राशि रिफंड वापसी मिले।










