बालोद। छत्तीसगढ़ में पिछले 48 घंटे से हो रही लगातार बारिश ने जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित किया है। मैदानी इलाकों में जहां कई जगह बाढ़ जैसे हालात बने हुए हैं, वहीं अब बारिश का असर रेल यातायात पर भी देखने को मिल रहा है। बालोद जिले में इरगुड़ा के पास बारिश के कारण रेल पटरी अस्थिर होकर धंसने लगी, जिसके बाद रेल मंडल ने मौके पर सुधार कार्य शुरू कर दिया है।
राजधानी रायपुर को बालोद, दल्ली राजहरा, ताड़ोकी और अंतागढ़ जैसे क्षेत्रों से जोड़ने वाली यह रेल लाइन बेहद महत्वपूर्ण है। इसी मार्ग से कच्चे लोहे की आपूर्ति भी की जाती है। पटरियों के अस्थिर होने की जानकारी मिलने के बाद रेलवे ने सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए तत्काल ट्रेनों का संचालन रोक दिया।
चार पैसेंजर ट्रेनें और सभी मालगाड़ियां रद्द
रेलवे ने एहतियात के तौर पर इस मार्ग पर चलने वाली चार पैसेंजर ट्रेनों के साथ सभी मालगाड़ियों को भी निरस्त कर दिया है। रेलवे की टीम मौके पर युद्धस्तर पर सुधार कार्य में जुटी हुई है। राहत की बात यह है कि पटरी धंसने से किसी तरह की जनहानि या बड़ा हादसा नहीं हुआ है।
रायपुर रेल मंडल के DRM दयानंद पूरे अभियान की निगरानी कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि रेल व्यवस्था को जल्द से जल्द सामान्य करने का प्रयास किया जा रहा है। रेलवे की टीम लगातार ट्रैक की स्थिति का जायजा ले रही है।
डेमो ट्रेन चलाकर होगी ट्रैक की जांच
DRM के मुताबिक, सुधार कार्य पूरा होने के बाद सबसे पहले दो ट्रेनों को डेमो के तौर पर चलाकर ट्रैक की स्थिति जांची जाएगी। यदि ट्रैक पर परिस्थितियां पूरी तरह सुरक्षित पाई जाती हैं, तो इसके बाद यात्री ट्रेनों का संचालन व्यवस्थित तरीके से शुरू किया जाएगा।
रेलवे का प्रयास है कि देर शाम तक रेल व्यवस्था को सामान्य कर दिया जाए। हालांकि, लगातार बारिश के कारण राहत और सुधार कार्य में चुनौतियां बनी हुई हैं।
माइनिंग क्षेत्र में भी भरा पानी
बारिश के कारण क्षेत्र के कई माइनिंग सेक्टर में पानी भर गया है। ऐसे में कच्चे लोहे की आपूर्ति पर फिलहाल अपेक्षाकृत कम असर पड़ा है। हालांकि, मालगाड़ियों का संचालन बंद होने से रेलवे को राजस्व का नुकसान हो रहा है।
फिलहाल रेलवे प्रशासन की प्राथमिकता रेल पटरियों को पूरी तरह सुरक्षित करना और यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करते हुए यात्री ट्रेनों का संचालन दोबारा शुरू करना है। इस बीच ट्रेनों के निरस्त होने से यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।










