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नक्सलियों के लाखों रुपये दबा गए दो DSP! माओवादी डंप से मिले 20 लाख के बंटवारे का आरोप, जांच रिपोर्ट भेजी गई

कांकेर के आमाबेड़ा में माओवादी डंप से मिले करीब 20 लाख रुपये को लेकर दो तत्कालीन DSP पर रकम बांटने का आरोप है। SP ने जांच रिपोर्ट वरिष्ठ अधिकारियों को भेजी है।

September 30, 2026 5:29 AM
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कांकेर। छत्तीसगढ़ में खाकी पर बेहद ही संगीन व शर्मनाक आरोप लगा है। आरोप है कि नक्सलियों ने जमीन के नीचे जो लाखों रुपये छुपा रखे थे, नोटों के उन जखीरों को दो डीएसपी ने दबा लिया। मामला छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित रहे कांकेर जिले से आया है।

बताया जा रहा है कि आमाबेड़ा क्षेत्र के जंगलों में माओवादी डंप की तलाश के दौरान बरामद करीब 20 लाख रुपये की नकदी को सरकारी खाते में जमा कराने के बजाय दो तत्कालीन DSP द्वारा कथित तौर पर आपस में बांट लेने का आरोप लगा है। मामला सामने आने के बाद पुलिस अधीक्षक निखिल राखेचा ने प्राथमिक जांच कराई और रिपोर्ट वरिष्ठ अधिकारियों को भेज दी है। अब आगे की कार्रवाई उच्च अधिकारियों के निर्देश पर तय होने की बात सामने आई है।

माओवादी डंप से मिले थे 20 लाख रुपये

जानकारी के मुताबिक, मार्च-अप्रैल 2026 में कांकेर के मूरागांव क्षेत्र के जंगलों में माओवादी डंप की तलाश के लिए सर्च ऑपरेशन चलाया गया था। इसी दौरान टोंडेमरका और मरकाकोनारी के जंगलों से नकदी बरामद होने की बात सामने आई।रिपोर्टों के अनुसार, टोंडेमरका जंगल से करीब 15 लाख रुपये और मरकाकोनारी से करीब 5 लाख रुपये बरामद हुए थे। दोनों स्थानों से बरामद रकम मिलाकर करीब 20 लाख रुपये बताई जा रही है।

सरकारी खाते में जमा करने के बजाय बांटने का आरोप

पूरे मामले में सबसे गंभीर आरोप यह है कि बरामद नकदी को नियमानुसार सरकारी प्रक्रिया के तहत जमा कराने के बजाय तत्कालीन दो DSP ने कथित तौर पर आपस में बांट लिया। मामला पुलिस अधीक्षक के संज्ञान में आने के बाद संबंधित पुलिस टीम और अन्य लोगों से पूछताछ कर जांच कराई गई।कांकेर एसपी निखिल राखेचा के अनुसार, मामले की प्राथमिक जांच पूरी कर रिपोर्ट वरिष्ठ अधिकारियों को भेजी जा चुकी है। हालांकि जांच रिपोर्ट के निष्कर्ष अभी सार्वजनिक नहीं किए गए हैं।

तबादले के बाद सामने आया मामला

बताया जा रहा है कि मामले से जुड़े दोनों तत्कालीन DSP का बाद में कांकेर जिले से तबादला कर दिया गया। रिपोर्टों के अनुसार, इनमें से एक अधिकारी कोरबा और दूसरे को दंतेवाड़ा भेजे गए हैं।अधिकारियों के स्थानांतरण के बाद बरामद नकदी को लेकर मामला सामने आने की बात कही जा रही है। आत्मसमर्पित माओवादियों से पूछताछ के दौरान भी इस मामले से जुड़ी जानकारी सामने आने की चर्चा है, हालांकि इस पहलू की स्वतंत्र आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है।

22 करोड़ रुपये की चर्चा ने बढ़ाया मामला

इसी बीच ग्रामीण इलाकों में यह चर्चा भी फैल गई कि माओवादी डंप से करीब 22 करोड़ रुपये बरामद हुए थे। हालांकि उपलब्ध आधिकारिक जानकारी और सामने आई रिपोर्टों में करीब 20 लाख रुपये की नकदी बरामदगी का उल्लेख है।इसलिए 22 करोड़ रुपये की बरामदगी की बात फिलहाल अप्रमाणित चर्चा या अफवाह के तौर पर ही सामने आ रही है। जांच रिपोर्ट सार्वजनिक होने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि वास्तविक रूप से कितनी रकम बरामद हुई थी और उसकी जब्ती व सरकारी रिकॉर्ड में क्या प्रक्रिया अपनाई गई थी।

सर्च ऑपरेशन के तरीके पर भी सवाल

मामले की जांच में यह पहलू भी चर्चा में आया है कि संवेदनशील नक्सल प्रभावित इलाके में सर्चिंग के दौरान सुरक्षा प्रोटोकॉल का पालन किस तरह किया गया। रिपोर्टों में दावा किया गया है कि दोनों अधिकारी कुछ मौकों पर निर्धारित सुरक्षा व्यवस्था से अलग तरीके से जंगल में गए थे।नक्सल प्रभावित इलाकों में सर्च ऑपरेशन के दौरान आईईडी और विस्फोटक का खतरा बना रहता है। ऐसे में बरामद नकदी समेत किसी भी सामग्री की जब्ती, दस्तावेजीकरण और आगे की कार्रवाई का रिकॉर्ड जांच का महत्वपूर्ण हिस्सा माना जा रहा है।

अब वरिष्ठ अधिकारियों के फैसले का इंतजार

फिलहाल इस पूरे मामले में अंतिम कार्रवाई का निर्णय वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के स्तर पर होना है। प्राथमिक जांच रिपोर्ट भेजे जाने के बाद अब यह देखा जाएगा कि जांच में लगाए गए आरोपों की पुष्टि किस हद तक होती है और बरामद रकम से संबंधित सरकारी रिकॉर्ड में क्या स्थिति सामने आती है।

 

 

Gitendra Sahu

Gitendra Kumar Sahu has over 10 years of experience in journalism and newsroom operations. He has worked with reputed media organizations such as Swaraj Express and Press Trust of India (PTI), where he spent nearly five years in active journalism. He has also worked with several digital media platforms and possesses extensive experience in both field reporting and newsroom desk operations. After completing his graduation, he chose journalism as his professional career. He specializes in political reporting, current affairs, and crime journalism, with strong expertise in breaking and handling major news stories.

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