दुर्ग। प्रमोशन में लेटलतीफी पर TET पास शिक्षकों का आक्रोश भड़क गया है। अब ये आक्रोश सड़क पर भी दिखने लगा है। आज दुर्ग में TET उत्तीर्ण शिक्षकों ने अपनी ताकत दिखायी। छत्तीसगढ़ में TET पास शिक्षकों की पदोन्नति में हो रही देरी को लेकर शिक्षकों का आक्रोश अब सड़क पर उतर आया है। बुधवार को दुर्ग संभाग के सात जिलों से पहुंचे 500 से अधिक TET पास शिक्षकों ने संयुक्त संचालक शिक्षा कार्यालय का घेराव कर जोरदार प्रदर्शन किया।
शिक्षकों ने लंबे समय से अटकी पदोन्नति प्रक्रिया को तत्काल शुरू कर पदोन्नति आदेश जारी करने की मांग की।शिक्षक कल्याण संघ का आरोप है कि निर्धारित समय-सीमा बीत जाने और संबंधित प्रस्ताव शिक्षा विभाग को सौंपे जाने के5 बावजूद पदोन्नति प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ाई जा रही है। इसे लेकर शिक्षकों ने विभाग को 4 अक्टूबर तक का अल्टीमेटम दिया है।
1400 से ज्यादा शिक्षक पदोन्नति का इंतजार कर रहे
शिक्षक कल्याण संघ के अनुसार, दुर्ग संभाग में करीब 1400 से अधिक TET पास शिक्षक लंबे समय से पदोन्नति की प्रतीक्षा कर रहे हैं। संघ का कहना है कि पदोन्नति के लिए जरूरी प्रस्ताव और दस्तावेज विभाग को उपलब्ध करा दिए गए हैं, लेकिन इसके बावजूद प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ रही है।शिक्षकों का आरोप है कि विभागीय स्तर पर हो रही देरी के कारण पात्र शिक्षक अपने पदोन्नति लाभ से वंचित हैं।
500 से अधिक शिक्षकों ने किया प्रदर्शन
बुधवार को दुर्ग संभाग के सात जिलों से शिक्षक संयुक्त संचालक शिक्षा कार्यालय पहुंचे। बड़ी संख्या में शिक्षकों ने कार्यालय का घेराव कर अपनी मांगों के समर्थन में प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने पदोन्नति प्रक्रिया जल्द शुरू करने और लंबित पदोन्नति आदेश जारी करने की मांग उठाई। शिक्षकों का कहना है कि वे लंबे समय से विभागीय प्रक्रिया पूरी होने का इंतजार कर रहे हैं।
4 अक्टूबर तक का अल्टीमेटम
शिक्षक कल्याण संघ ने शिक्षा विभाग को 4 अक्टूबर तक की समय-सीमा दी है। संघ ने चेतावनी दी है कि यदि निर्धारित समय तक पदोन्नति प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ाई गई, तो 5 अक्टूबर से दुर्ग संभाग में अनिश्चितकालीन आंदोलन और हड़ताल शुरू की जाएगी।संघ का कहना है कि आंदोलन की स्थिति बनने पर इसकी जिम्मेदारी शिक्षा विभाग की होगी।
पदोन्नति प्रक्रिया तत्काल शुरू करने की मांग
शिक्षकों ने विभाग से मांग की है कि TET पास पात्र शिक्षकों की पदोन्नति प्रक्रिया में हो रही देरी को खत्म किया जाए और जल्द से जल्द आदेश जारी किए जाएं। प्रदर्शन के दौरान शिक्षकों ने अपनी मांगों को लेकर अधिकारियों के समक्ष अपना पक्ष रखा।फिलहाल शिक्षकों की नजर 4 अक्टूबर तक विभाग की कार्रवाई पर है। यदि मांग पूरी नहीं होती है, तो 5 अक्टूबर से आंदोलन को व्यापक रूप देने की चेतावनी दी गई है।










