स्कूली बच्चों के लिए बड़ी राहत: रायपुर। छत्तीसगढ़ के स्कूली छात्रों के लिए छात्रवृत्ति से जुड़ी एक बड़ी राहत सामने आई है। अब अनुसूचित जाति (SC) और अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) के विद्यार्थियों को छात्रवृत्ति के लिए मूल निवास प्रमाण पत्र (Domicile Certificate) जमा करने की जरूरत नहीं होगी। लोक शिक्षण संचालनालय (DPI) ने इस संबंध में राज्य के सभी जिला शिक्षा अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश जारी किए हैं।
इस फैसले के बाद छात्रवृत्ति के आवेदन में लगने वाली कागजी प्रक्रिया आसान होने की उम्मीद है। खासतौर पर उन विद्यार्थियों को राहत मिलेगी, जिन्हें मूल निवास प्रमाण पत्र बनवाने या आवेदन के दौरान इसे अपलोड करने में परेशानी का सामना करना पड़ता था।
छात्रवृत्ति के लिए निवास प्रमाण पत्र नहीं मांगने के निर्देश
लोक शिक्षण संचालनालय की ओर से जारी निर्देश में कहा गया है कि भारत सरकार के सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग और राज्य के स्कूल शिक्षा विभाग से प्राप्त निर्देशों के अनुरूप अनुसूचित जाति और अन्य पिछड़ा वर्ग के विद्यार्थियों को केंद्रीय क्षेत्र एवं केंद्र प्रवर्तित छात्रवृत्ति योजनाओं का लाभ दिया जाना है।
इसके तहत संबंधित विद्यार्थियों से मूल निवास प्रमाण पत्र की मांग नहीं की जाएगी।DPI ने सभी जिला शिक्षा अधिकारियों को इस व्यवस्था का पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।

छात्रवृत्ति पोर्टल भी होगा अपडेट
नई व्यवस्था को लागू करने के लिए सिर्फ कागजी प्रक्रिया में बदलाव नहीं किया जा रहा, बल्कि छात्रवृत्ति पोर्टल को भी अपडेट किया जाएगा।DPI ने राष्ट्रीय सूचना विज्ञान केंद्र (NIC) के वरिष्ठ निदेशक को छात्रवृत्ति पोर्टल में आवश्यक बदलाव करने के निर्देश दिए हैं। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि आवेदन करते समय विद्यार्थियों को मूल निवास प्रमाण पत्र अपलोड करने की अनिवार्यता न दिखाई दे।
हजारों विद्यार्थियों को मिल सकती है राहत
मूल निवास प्रमाण पत्र की अनिवार्यता खत्म होने से छात्रवृत्ति के लिए आवेदन प्रक्रिया पहले की तुलना में आसान हो सकती है। विद्यार्थियों और अभिभावकों को दस्तावेज तैयार कराने में होने वाली अतिरिक्त भागदौड़ से राहत मिलने की उम्मीद है।
शिक्षा विभाग के इस निर्देश के बाद संबंधित अधिकारियों और स्कूलों की जिम्मेदारी होगी कि पात्र विद्यार्थियों को नई व्यवस्था की जानकारी दी जाए और छात्रवृत्ति आवेदन के दौरान उनसे अनावश्यक रूप से मूल निवास प्रमाण पत्र की मांग न की जाए।










