रायपुर। राजधानी रायपुर एक अपहरण की खबर है। बताया जा रहा है कि राजधानी के औद्योगिक क्षेत्र खमतराई में दिनदहाड़े ट्रांसपोर्ट कारोबारी के अपहरण की घटना से सनसनी फैल गई है। रांवाभाठा स्थित डीएम टावर के सामने से काले रंग की स्कॉर्पियो में पहुंचे तीन अज्ञात युवक ट्रांसपोर्ट कारोबारी प्रतीक राय को कथित तौर पर जबरदस्ती अपने साथ ले गए।
घटना को करीब 24 घंटे बीत चुके हैं, लेकिन अब तक कारोबारी का कोई सुराग नहीं मिला है। वहीं, परिजनों के पास अब तक फिरौती के लिए भी कोई फोन नहीं आया है।घटना के बाद से इलाके में दहशत का माहौल है। सूचना मिलते ही खमतराई थाना पुलिस सक्रिय हुई और कारोबारी की तलाश के साथ आरोपियों तक पहुंचने के लिए संभावित रास्तों और आसपास के इलाकों में जांच शुरू कर दी।
खाना खाने घर पहुंचे थे कारोबारी, तभी पहुंची स्कॉर्पियो
पुलिस के मुताबिक, घटना 2 अक्टूबर की दोपहर करीब 2:28 बजे की है। प्रतीक राय दोपहर का भोजन करने के लिए रांवाभाठा स्थित डीएम टावर में अपने फ्लैट पहुंचे थे। इसी दौरान काले रंग की स्कॉर्पियो उनके भवन के बाहर आकर रुकी।बताया जा रहा है कि स्कॉर्पियो से तीन युवक उतरे और प्रतीक के पास पहुंचे।
तीनों ने किसी जरूरी बात को लेकर बातचीत करने के बहाने उन्हें नीचे बुलाया। प्रतीक भी इसे सामान्य बातचीत समझकर नीचे आए।कुछ देर तक बातचीत होने के बाद अचानक स्थिति बदल गई। आरोप है कि तीनों युवकों ने प्रतीक राय को जबरदस्ती स्कॉर्पियो में बैठाया और वाहन लेकर मौके से फरार हो गए।
24 घंटे बाद भी कारोबारी का सुराग नहीं
घटना के बाद से प्रतीक राय का मोबाइल फोन बंद है। कारोबारी के अचानक लापता होने से परिवार में चिंता और दहशत का माहौल है। पति के वापस नहीं लौटने पर पत्नी अनिता राय ने खमतराई थाने पहुंचकर पुलिस को लिखित शिकायत दी।शिकायत के आधार पर पुलिस ने अज्ञात आरोपियों के खिलाफ अपहरण का मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
काली स्कॉर्पियो बनी जांच की अहम कड़ी
पुलिस की जांच में जिस काली स्कॉर्पियो का इस्तेमाल किए जाने की बात सामने आई है, उसका नंबर UP 32 RR 7454 बताया जा रहा है। पुलिस इस वाहन के रूट और उससे जुड़े लोगों की जानकारी जुटाने में लगी जांच की जा रही है।
पुलिस यह भी पता लगाने में जुटी है कि घटना के समय संबंधित मोबाइल नंबरों की लोकेशन कहां थी और वारदात के बाद वे किस दिशा में गए है।घटना के बाद आसपास के इलाकों में लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज भी खंगाले जा रहे हैं, ताकि स्कॉर्पियो के आने और वारदात के बाद वहां से निकलने का रास्ता पता लगाया जा सके।
दो मोबाइल नंबरों से खुल सकता है राज
जांच के दौरान कॉलोनी के एक युवक ने पुलिस को महत्वपूर्ण जानकारी दी है। युवक के मुताबिक, स्कॉर्पियो में सवार तीन युवकों में से दो के मोबाइल नंबर उसके पास हैं। पुलिस अब इन नंबरों की मदद से आरोपियों तक पहुंचने की कोशिश कर रही है।
इन मोबाइल नंबरों की कॉल डिटेल और टॉवर लोकेशन की जांच की जा रही है। पुलिस यह भी पता लगाने में जुटी है कि घटना के समय संबंधित मोबाइल नंबरों की लोकेशन कहां थी और वारदात के बाद वे किस दिशा में गए।
फिरौती का फोन नहीं, बढ़ी परिजनों की चिंता
इस पूरे मामले में अब तक परिजनों के पास फिरौती या किसी अन्य मांग को लेकर कोई फोन नहीं आया है की सुरक्षित बरामदगी को प्राथमिकता दी जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि उपलब्ध सुरागों के आधार पर आरोपियों तक पहुंचने की घटना ने इलाके की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
सबसे बड़ा सवाल यही है कि आखिर तीन युवक दिनदहाड़े कारोबारी को अपने साथ ले जाने में कैसे। ऐसे में कारोबारी के अपहरण के पीछे की वजह अभी स्पष्ट नहीं हो सकी है।पुलिस अलग-अलग एंगल से मामले की जांच कर रही है और कारोबारी की सुरक्षित बरामदगी को प्राथमिकता दी जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि उपलब्ध सुरागों के आधार पर आरोपियों तक पहुंचने का प्रयास किया जा रहा है।
दिनदहाड़े वारदात ने खड़े किए सवाल
रांवाभाठा जैसे व्यस्त इलाके में दोपहर के समय कारोबारी को कथित तौर पर जबरन वाहन में बैठाकर ले जाने की घटना ने इलाके की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। सबसे बड़ा सवाल यही है कि आखिर तीन युवक दिनदहाड़े कारोबारी को अपने साथ ले जाने में कैसे सफल हो गए।
फिलहाल पुलिस की निगाहें काली स्कॉर्पियो, दो मोबाइल नंबरों और आसपास के सीसीटीवी फुटेज पर टिकी हैं। इन्हीं सुरागों के जरिए पुलिस कारोबारी तक पहुंचने और इस वारदात के पीछे की पूरी कहानी सामने लाने की कोशिश कर रही है।










