अंबिकापुर : सरगुजा संभाग में एक हाथी लोगों की जान का दुश्मन बना बैठा है। अब तक दर्जन भर हाथी की जान ले चुका ये हाथी दौड़ाकर लोगों की जान लेने में भी पल भर की देर नहीं लगाता। संभाग के सूरजपुर जिले में इन दिनों कबरा हाथी का खौफ बना हुआ है। हाथी के आतंक का एक खतरनाक सीसीटीवी फुटेज सामने आया है, जिसमें हाथी एक घर के दरवाजे तक पहुंचकर अंदर मौजूद व्यक्ति पर हमला करने की कोशिश करता नजर आ रहा है। महज 29 सेकंड के इस वीडियो में हाथी की आक्रामकता साफ दिखाई दे रही है।
सुबह 4 बजे घर के बाहर निकला था व्यक्ति
बताया जा रहा है कि यह सीसीटीवी फुटेज सूरजपुर जिले के छतरपुर गांव का है। फुटेज में दिखाई दे रहा व्यक्ति कन्नी लाल जायसवाल बताया जा रहा है। सुबह करीब 4 बजे जैसे ही वह अपने घर के बाहर निकले, उनकी नजर सामने मौजूद हाथी पर पड़ी।हाथी को देखते ही कन्नी लाल जान बचाने के लिए तेजी से वापस घर के अंदर भागे। इसके बाद हाथी भी उनका पीछा करते हुए कुछ ही सेकंड में घर के दरवाजे तक पहुंच गया।
दरवाजे के भीतर डाल दी सूंड
सीसीटीवी फुटेज में हाथी घर के दरवाजे के पास पहुंचकर अपनी सूंड अंदर डालता हुआ दिखाई दे रहा है। ऐसा लग रहा है कि वह घर के भीतर मौजूद व्यक्ति तक पहुंचने और हमला करने की कोशिश कर रहा था। वीडियो में हाथी की आक्रामकता देखकर आसपास रहने वाले लोगों में भी दहशत का माहौल है।बताया जा रहा है कि व्यक्ति के बाहर निकलने और हाथी के दरवाजे तक पहुंचने के बीच महज कुछ ही सेकंड का अंतर रहा। इस वजह से व्यक्ति समय रहते घर के अंदर पहुंच गया और उसकी जान बच गई।
29 सेकंड के वीडियो में दिखा हाथी का खौफनाक रूप
सामने आए 29 सेकंड के सीसीटीवी फुटेज में कबरा हाथी का खतरनाक व्यवहार दिखाई दे रहा है। दावा है कि व्यक्ति के नजर आने के बाद हाथी बेहद तेजी से घर की ओर बढ़ा और करीब 10 सेकंड के भीतर दरवाजे तक पहुंच गया।ग्रामीणों के मुताबिक कबरा हाथी लोगों को देखकर दौड़ाकर हमला करने के लिए जाना जाता है। स्थानीय स्तर पर यह दावा भी किया जा रहा है कि हाथी के हमलों में अब तक 12 लोगों की जान जा चुकी है। हालांकि इस आंकड़े की आधिकारिक पुष्टि संबंधित विभाग से किया जाना बाकी है।
बेहोश कर पकड़ने के लिए वन विभाग ने लिखा पत्र
कबरा हाथी के लगातार आक्रामक व्यवहार को देखते हुए वन विभाग की ओर से उसे बेहोश कर पकड़ने के लिए पत्र लिखे जाने की जानकारी सामने आई है। हालांकि अभी तक इस संबंध में कोई अंतिम फैसला नहीं हुआ है।हाथी के गांवों के आसपास विचरण करने और लोगों पर हमला करने की घटनाओं के बीच ग्रामीणों में सुरक्षा को लेकर चिंता बनी हुई है। अब लोगों की नजर वन विभाग के अगले कदम पर है।










