दुर्ग। छत्तीसगढ़ में TET पास शिक्षकों की पदोन्नति में हो रही देरी को लेकर शिक्षकों का आक्रोश अब सड़कों पर दिखाई देने लगा है। लंबे समय से प्रमोशन का इंतजार कर रहे प्रदेशभर के शिक्षक अपनी मांगों को लेकर अनिश्चितकालीन धरने पर बैठ गए हैं। आंदोलन के पहले ही दिन बड़ी संख्या में शिक्षक धरना स्थल पर जुटे और पैदल मार्च निकालकर शासन-प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।
शिक्षकों का कहना है कि लंबे समय से उन्हें पदोन्नति का इंतजार कराया जा रहा है। बार-बार तारीख और आश्वासन मिलने के बावजूद अब तक कोई ठोस आदेश जारी नहीं हुआ है। इससे शिक्षकों में नाराजगी बढ़ती जा रही थी। आखिरकार संगठन के निर्णय के बाद शिक्षकों ने अनिश्चितकालीन आंदोलन शुरू करने का फैसला लिया।
प्रदेशभर से दुर्ग पहुंचे शिक्षक
पदोन्नति की मांग को लेकर छत्तीसगढ़ के अलग-अलग जिलों से शिक्षक दुर्ग पहुंचे। धरना स्थल पर हजारों की संख्या में शिक्षकों के जुटने से आंदोलन का असर साफ नजर आया। शिक्षकों ने एकजुट होकर सरकार से अपनी मांग जल्द पूरी करने की मांग की।
आंदोलन के पहले दिन शिक्षकों ने धरना स्थल से सेक्टर-9 चौक तक पैदल मार्च निकाला। इस दौरान शिक्षकों ने अपनी मांगों के समर्थन में नारे लगाए और सरकार के खिलाफ नाराजगी जाहिर की।
‘बार-बार तारीखें मिलीं, लेकिन नतीजा नहीं’
शिक्षक संघ के संभाग प्रभारी गोलेश शिरमौर ने कहा कि शिक्षक लंबे समय से पदोन्नति का इंतजार कर रहे हैं। उन्हें बार-बार नई तारीखें और आश्वासन दिए गए, लेकिन इसका कोई ठोस परिणाम सामने नहीं आया।
उन्होंने कहा कि शिक्षक खुद बच्चों की पढ़ाई में बाधा नहीं बनना चाहते। शिक्षकों की प्राथमिकता हमेशा विद्यार्थियों की पढ़ाई रही है, लेकिन सरकार की ओर से लगातार हो रही देरी और वादाखिलाफी के कारण उन्हें मजबूर होकर आंदोलन का रास्ता अपनाना पड़ा है।
शिक्षकों का कहना है कि यह आंदोलन किसी व्यक्तिगत लाभ के लिए नहीं, बल्कि लंबे समय से लंबित पदोन्नति प्रक्रिया को पूरा कराने के लिए किया जा रहा है।
पूर्व विधायक अरुण वोरा ने दिया समर्थन
शिक्षकों के आंदोलन को अब राजनीतिक समर्थन भी मिलने लगा है। पूर्व विधायक अरुण वोरा धरना स्थल पहुंचे और शिक्षकों से मुलाकात कर उनकी मांगों को सुना। उन्होंने शिक्षकों की पदोन्नति की मांग को जायज बताते हुए आंदोलन को अपना समर्थन दिया।
पूर्व विधायक के समर्थन से आंदोलन कर रहे शिक्षकों का उत्साह भी बढ़ा। शिक्षकों ने कहा कि उनकी मांग को लेकर विभिन्न स्तरों पर आवाज उठाई जा रही है और अब वे ठोस निर्णय की उम्मीद कर रहे हैं।
आदेश जारी होने तक जारी रहेगा आंदोलन
आंदोलन कर रहे शिक्षकों ने सरकार को स्पष्ट चेतावनी दी है कि जब तक पदोन्नति को लेकर ठोस आदेश जारी नहीं किया जाता, तब तक उनका अनिश्चितकालीन धरना जारी रहेगा।
शिक्षकों का कहना है कि केवल आश्वासन या नई तारीख देने से अब बात नहीं बनेगी। उन्हें पदोन्नति प्रक्रिया को लेकर स्पष्ट और अंतिम निर्णय चाहिए। मांग पूरी नहीं होने की स्थिति में आंदोलन को आगे और तेज करने की रणनीति भी बनाई जा सकती है।
फिलहाल TET पास शिक्षकों के अनिश्चितकालीन आंदोलन के चलते प्रदेश में पदोन्नति का मुद्दा एक बार फिर चर्चा में आ गया है। अब शिक्षकों की नजर सरकार की अगली कार्रवाई और पदोन्नति को लेकर जारी होने वाले आदेश पर टिकी है।










