रायपुर: सरकारी नौकरी लगवाने और सरकारी कर्मचारियों के ट्रांसफर के नाम पर लाखों रुपये का खेला किया गया। आरोप है कि मंत्री से ‘सेटिंग’ का भरोसा दिलाकर लोगों से लाखों रुपये वसूली की गयी। अब इस मामले में सिविल लाइन पुलिस ने दो आरोपितों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक, आरोपितों ने प्रभावशाली लोगों से संपर्क होने का दावा कर कई लोगों को अपने जाल में फंसाया।
इनमें से एक आरोपित खुद को गृहमंत्री का निजी सहायक बताकर लोगों पर प्रभाव डालता था।पुलिस की पूछताछ में अब तक करीब 15 लोगों से लगभग 25 लाख रुपये लेने की जानकारी सामने आने की बात कही गई है। पुलिस अब अन्य पीड़ितों और लेन-देन से जुड़ी जानकारी जुटा रही है।
गृहमंत्री का PA बताकर बढ़ाया भरोसा
दरअसल ये मामला तब सामने आया जब बोस्टो तांडी ने सिविल लाइन थाने में शिकायत दर्ज कराई। शिकायत के अनुसार, आदित्य मोहन पंडा ने खुद को गृहमंत्री का निजी सहायक बताया और सरकारी नौकरी लगवाने का भरोसा दिलाया।नौकरी लगवाने के नाम पर उससे 70 हजार रुपये लिए गए। रकम देने के बाद भी जब नौकरी नहीं लगी तो प्रार्थी ने पुलिस से शिकायत की। इसके बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू की।
नौकरी के बाद ट्रांसफर की भी ‘गारंटी’
जांच आगे बढ़ी तो पुलिस को आरोपितों द्वारा सिर्फ नौकरी लगवाने का ही नहीं, बल्कि सरकारी कर्मचारियों का ट्रांसफर कराने का भरोसा देकर भी रकम लेने की जानकारी मिली।पुलिस के अनुसार, दोनों आरोपित लोगों को अपनी पहुंच और प्रभाव का हवाला देकर भरोसे में लेते थे। इसके बाद नौकरी या मनचाही जगह स्थानांतरण कराने के नाम पर रकम ली जाती थी।
पूछताछ में 15 लोगों का सामने आया जिक्र
पुलिस के मुताबिक, पूछताछ के दौरान करीब 15 लोगों से लगभग 25 लाख रुपये लिए जाने की जानकारी सामने आई है। हालांकि पुलिस इस रकम और पीड़ितों की संख्या की विस्तृत जांच कर रही है।जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने में जुटी हैं कि आरोपितों ने किन-किन लोगों को नौकरी या ट्रांसफर कराने का भरोसा दिया था और उनसे कितनी रकम ली गई।
दो आरोपित गिरफ्तार
शिकायत मिलने के बाद सिविल लाइन पुलिस ने अपराध दर्ज कर जांच शुरू की। वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशन में प्रार्थी और अन्य गवाहों से पूछताछ की गई।जांच के दौरान पुलिस ने आदित्य मोहन पंडा (23), निवासी कमल विहार, रायपुर और संतराम यादव (38), निवासी हिमालया हाइट्स, देवपुरी, रायपुर को हिरासत में लेकर पूछताछ की। पुलिस का कहना है कि पूछताछ में ठगी से जुड़े कई तथ्य सामने आए हैं।
पुलिस जुटा रही है और पीड़ितों की जानकारी
मामले की जांच अभी जारी है। पुलिस आरोपितों से यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि ठगी की रकम कहां-कहां ली गई, कितने लोगों को नौकरी या ट्रांसफर का झांसा दिया गया और इस पूरे मामले में कोई अन्य व्यक्ति शामिल है या नहीं। पुलिस के मुताबिक, अब तक सामने आई जानकारी के आधार पर करीब 15 लोगों से 25 लाख रुपये की ठगी किए जाने की बात सामने आई है।










