कवर्धा: छत्तीसगढ़ के कवर्धा जिले में एक और बड़ा धान घोटाला सामने आया है। बम्हनी धान खरीदी केंद्र में करीब 77 लाख रुपये की अनियमितता उजागर होने के बाद प्रशासन में हड़कंप मच गया है। मामले में केंद्र प्रभारी सहित तीन लोगों के खिलाफ रेंगाखार थाने में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है।
कैसे सामने आया घोटाला
इस मामले में हुई शिकायत के बाद प्रशासनिक जांच में खुलासा हुआ कि मिलों के लिए कागजों में लगातार डिलीवरी ऑर्डर (DO) जारी किए जाते रहे, जबकि वास्तविक प्रक्रिया में गंभीर गड़बड़ियां थीं। करीब चार महीने तक सिस्टम को गुमराह कर ऑनलाइन माध्यम से धान का निर्गमन किया जाता रहा। हालांकि इस मामले में अन्य लोगों की भी
बिना हस्ताक्षर के चलता रहा सिस्टम
इस मामले की विस्तारित जांच के दौरान यह भी सामने आया कि क्लोजिंग रिपोर्ट पर नोडल अधिकारी के हस्ताक्षर तक नहीं थे। इसके बावजूद बिना किसी सत्यापन के ऑनलाइन मॉड्यूल से धान जारी होता रहा। यह स्थिति निगरानी तंत्र की बड़ी विफलता को दर्शाती है।
FIR के बाद तेज हुई जांच
मामले की शिकायत के बाद प्रशासन ने जांच कर रिपोर्ट सौंपी, जिसके आधार पर रेंगाखार थाना पुलिस ने केंद्र प्रभारी समेत तीन आरोपियों के खिलाफ अपराध दर्ज किया है। पुलिस अब पूरे मामले की गहराई से जांच कर रही है और अन्य संभावित संलिप्त लोगों की भी पड़ताल की जा रही है।इस घोटाले ने धान खरीदी प्रक्रिया, ऑनलाइन मॉनिटरिंग सिस्टम और प्रशासनिक निगरानी पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। माना जा रहा है कि यदि समय रहते जांच नहीं होती, तो यह घोटाला और बड़ा रूप ले सकता था।










