बिलासपुर। “वो मुझ पर गलत नजर रखते हैं, अनुचित व्यवहार का प्रयास कर चुके हैं…. ” नागा साध्वी के आरोप ने सनसनी फैला दी है। बिलासपुर के रतनपुर क्षेत्र के चपोरा स्थित एक आश्रम में रहने वाली साध्वी ने नगर पालिका अध्यक्ष पर गंभीर आरोप लगाते हुए पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) से शिकायत की है। साध्वी की शिकायत के बाद हलचलें तेज हो गयी है। शिकायत के आधार पर रतनपुर पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। मामले के सामने आने के बाद क्षेत्र में चर्चाओं का माहौल बना हुआ है। हालांकि आरोप पर नगर पालिका अध्यक्ष ने कहा है, ये बेबुनियाद आरोप है।
10 वर्षों से आश्रम में रह रही साध्वी
एसएसपी को दी गयी शिकायत में साध्वी पद्मिनी पुरी ने बताया है कि वह पिछले लगभग 10 वर्षों से चपोरा स्थित आश्रम में रहकर धार्मिक जीवन व्यतीत कर रही हैं। उनका कहना है कि उज्जैन में नागा संन्यास परंपरा के तहत उनका विधिवत संस्कार हुआ है और वह संत समाज से जुड़ी हुई हैं। साध्वी ने खुद को धार्मिक परंपराओं का पालन करने वाली बताया है। उन्होंने कहा कि वो नागा साधु की परंपरा के मुताबिक सारा अनुष्ठान भी करती है।
नगर पालिका अध्यक्ष पर गंभीर आरोप
साध्वी ने नगर पालिका अध्यक्ष लवकुश कश्यप पर आरोप लगाया है कि वे लंबे समय से उन पर गलत नजर रखते हैं और कई बार अनुचित व्यवहार करने का प्रयास कर चुके हैं। उन्होंने कहा कि उन्हें बार-बार गाड़ी में बैठने के लिए कहा जाता था और मानसिक रूप से परेशान किया जाता रहा।साध्वी ने अपनी शिकायत में यह भी आरोप लगाया है कि उन्हें जान से मारने की धमकी दी गई। इसके अलावा उन्होंने यह भी दावा किया कि संबंधित व्यक्ति अवैध गतिविधियों में शामिल लोगों को संरक्षण देता है, जिसमें गांजा और शराब से जुड़े मामले शामिल हैं।
एसएसपी से लगाई निष्पक्ष जांच की गुहार
साध्वी ने अपने लिखित आवेदन में कहा है कि मामले की गंभीरता को देखते हुए उन्होंने स्थानीय थाने में शिकायत करने के बजाय सीधे एसएसपी कार्यालय पहुंचकर आवेदन दिया है। उन्होंने निष्पक्ष जांच की मांग करते हुए कहा कि आरोपी खुद को प्रभावशाली और राजनीतिक पहुंच वाला बताकर दबाव बनाने की कोशिश करता है, जिससे वे भयभीत हैं।
अध्यक्ष ने आरोपों को बताया बेबुनियाद
वहीं नगर पालिका अध्यक्ष लवकुश कश्यप ने सभी आरोपों को सिरे से खारिज किया है। उन्होंने कहा कि यह मामला एक संत के समाधि कार्यक्रम से जुड़ा हुआ है। उनके अनुसार संबंधित साध्वी को कार्यक्रम में आमंत्रित नहीं किया गया था, लेकिन इसके बावजूद वे वहां पहुंच गईं।उन्होंने बताया कि आयोजन समिति की ओर से साध्वी को सम्मानपूर्वक भोजन और दक्षिणा दी गई थी। उनका कहना है कि वे स्वयं उस समय कार्यक्रम में मौजूद नहीं थे और उनका साध्वी से कोई व्यक्तिगत विवाद नहीं हुआ है।
कार्यक्रम में हंगामे का भी आरोप
रतनपुर नगर पालिका अध्यक्ष लवकुश कश्यप ने आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि शिकायतकर्ता महिला पहले भी कई लोगों के खिलाफ शिकायतें कर चुकी है, जिनमें से कई मामलों में आरोप सही नहीं पाए गए. उन्होंने कहा कि लोगों को बदनाम करना और विवाद खड़ा करना महिला की पुरानी प्रवृत्ति रही है.नगर पालिका अध्यक्ष के अनुसार, कार्यक्रम के दौरान साध्वी ने संत की गद्दी को लेकर हंगामा किया था, जिससे विवाद की स्थिति बनी। उन्होंने कहा कि कार्यक्रम में मौजूद संतों और अन्य लोगों के बयान से पूरे मामले की सच्चाई सामने आ जाएगी।रतनपुर साध्वी मामला,·
पुलिस ने शुरू की जांच
इधर पुलिस का कहना है कि शिकायत के आधार पर जांच प्रारंभ कर दी गई है। सभी संबंधित पक्षों के बयान लिए जाएंगे और तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। पुलिस का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद ही मामले की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।










