नगरी/धमतरी। धमतरी जिले के वनांचल क्षेत्र एवं ब्लॉक मुख्यालय नगरी में बुधवार को गढ़-मंडला की महान वीरांगना, अदम्य साहस और स्वाभिमान की प्रतीक रानी दुर्गावती के बलिदान दिवस पर भावपूर्ण श्रद्धांजलि कार्यक्रम का आयोजन किया गया। सर्व आदिवासी समाज के तत्वावधान में आयोजित इस कार्यक्रम में समाज के पदाधिकारियों, जनप्रतिनिधियों, गणमान्य नागरिकों एवं बड़ी संख्या में नगरवासियों ने भाग लेकर वीरांगना रानी दुर्गावती के शौर्य, त्याग और बलिदान को स्मरण किया।
कार्यक्रम का शुभारंभ जंगलपारा स्थित रानी दुर्गावती की प्रतिमा पर माल्यार्पण एवं पुष्प अर्पित कर किया गया। उपस्थित जनप्रतिनिधियों और समाजजनों ने प्रतिमा के समक्ष नतमस्तक होकर उन्हें श्रद्धासुमन अर्पित किए तथा उनके बताए मार्ग पर चलने का संकल्प लिया। इस दौरान वातावरण रानी दुर्गावती अमर रहें के जयघोष से गूंज उठा।
इसके पश्चात सर्व आदिवासी समाज के पदाधिकारी एवं नगरवासी नगर के शहीद स्मारक पहुंचे, जहां देश और समाज के लिए अपना सर्वोच्च बलिदान देने वाले अमर शहीदों की प्रतिमाओं पर माल्यार्पण एवं पुष्पांजलि अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि दी गई। उपस्थित लोगों ने शहीदों के सम्मान में दो मिनट का मौन रखकर उनके प्रति अपनी कृतज्ञता व्यक्त की।
श्रद्धांजलि कार्यक्रम के अगले चरण में सर्व आदिवासी समाज भवन, नगरी में श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया गया। सभा में वक्ताओं ने रानी दुर्गावती के जीवन संघर्ष, उनकी वीरता, दूरदर्शिता और मातृभूमि की रक्षा के लिए दिए गए सर्वोच्च बलिदान पर विस्तार से प्रकाश डाला। वक्ताओं ने कहा कि रानी दुर्गावती केवल आदिवासी समाज ही नहीं बल्कि पूरे देश की प्रेरणास्रोत हैं। उनका जीवन संघर्ष, आत्मसम्मान और राष्ट्रभक्ति की मिसाल है, जिससे वर्तमान पीढ़ी प्रेरित होते रहेंगे।
सभा के दौरान सर्व आदिवासी समाज के पदाधिकारियों ने समाज भवन के विकास एवं आवश्यक सुविधाओं को लेकर नगर पंचायत अध्यक्ष बलजीत छाबड़ा के समक्ष विभिन्न मांगें रखीं। समाज की ओर से भवन परिसर में शौचालय निर्माण, बाउंड्री वॉल तथा पेयजल व्यवस्था को सुदृढ़ करने के लिए बोर खनन की मांग की गई। नगर पंचायत अध्यक्ष ने समाज की इन मांगों को गंभीरता से सुनते हुए उन्हें शीघ्र पूरा कराने का आश्वासन दिया। अध्यक्ष की सकारात्मक घोषणा पर उपस्थित समाजजनों ने तालियों की गड़गड़ाहट के साथ उनका स्वागत एवं अभिनंदन किया।
इस अवसर पर अपने संबोधन में नगर पंचायत अध्यक्ष बलजीत छाबड़ा ने कहा कि जनसेवा ही उनका प्रमुख उद्देश्य है और वे नगर के प्रत्येक नागरिक की समस्याओं के समाधान के लिए सदैव तत्पर हैं। उन्होंने कहा, “मैं आप सभी का सेवक हूं। यदि मेरे योग्य कोई भी कार्य हो तो उसके लिए आवेदन या निवेदन की औपचारिकता निभाने की आवश्यकता नहीं है। आप लोग किसी भी समय अपनी समस्या सीधे मुझे बता सकते हैं। मैं और हमारी पूरी टीम,नगर पंचायत के समस्त पार्षद मिलकर उसे पूरा करने का हरसंभव प्रयास करेंगे। नगर के विकास और नागरिकों की सुविधा हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है।”
कार्यक्रम के दौरान समाज के वरिष्ठजनों ने भी अपने विचार व्यक्त करते हुए सामाजिक एकता, शिक्षा, संस्कृति संरक्षण और समाज के सर्वांगीण विकास पर जोर दिया। वक्ताओं ने युवाओं से आह्वान किया कि वे अपने गौरवशाली इतिहास और महापुरुषों के आदर्शों को जानें तथा समाज और राष्ट्र के निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाएं।
इस गरिमामय आयोजन में सर्व आदिवासी समाज तहसील नगरी के अध्यक्ष उमेश देव, पूर्व विधायक लक्ष्मी ध्रुव, सामाजिक पदाधिकारी आर.एल. देव, जनपद सदस्य शशि ध्रुव,नगर पंचायत अध्यक्ष बलजीत छाबड़ा, भानेंद ठाकुर,
ध्रुव समाज तहसील अध्यक्ष सुरेंद्र ध्रुव,गोंडवाना समाज तहसील अध्यक्ष टिकेश्वर ध्रुव,हृदय नाग अध्यक्ष हल्बा समाज नगरी, सुरेश ध्रुव, भांवत ध्रुव, नरेश छेदैहा, माखन लाल ध्रुव,नेमीचंद देव,उत्तम नेताम, पूरन नेताम,उदय मरकाम,जोहन नेताम,कैलाश मरई , विष्णु भास्कर,गीतेश्वर ध्रुव, संतोष गंगेश, पूर्व पार्षद जितेंद्र ध्रुव, टीकम ध्रुव राकेश नेताम, पुष्पा देवी मण्डावी, फुलेश्वरी नेताम,उदय मरकाम,समेलाल सलाम,पार्षद अश्वनी निषाद, शंकर देव, अंबिका ध्रुव, मिक्की गुप्ता सहित समाज के अनेक पदाधिकारी, जनप्रतिनिधि, वरिष्ठजन एवं बड़ी संख्या में नगरवासी उपस्थित रहे।
कार्यक्रम का समापन रानी दुर्गावती के अद्वितीय बलिदान को स्मरण करते हुए उनके आदर्शों को जन-जन तक पहुंचाने तथा समाज में एकता, जागरूकता और विकास की भावना को मजबूत करने के संकल्प के साथ हुआ। श्रद्धा, सम्मान और गौरव से परिपूर्ण यह आयोजन नगरवासियों के लिए प्रेरणा का केंद्र बना रहा।










