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Janjgir News: दुल्हन ने मंडप से दुल्हे को कहा गेट आउट, अपनी ही शादी में जाम छलकाना पड़ा महंगा, बैरंग लौटी बारात

June 25, 2026 10:19 AM
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शराबी दूल्हे को मंडप से लौटाने वाली मुस्कान बनी मिसाल, SP ने बनाया नशा मुक्ति अभियान का आइकन
जांजगीर-चांपा। मंडप सज चुका था…मंगल गीत गाये जा रहे थे…दुल्हा-दुल्हन बैठकर रस्में निभा रहे थे, तभी…कुछ ऐसा हुआ कि लड़की ने दुल्हे को सीधे मंडप से उठकर जाने को कह दिया। सुनकर बाराती व घाराती दोनों चौक गये। शादी के दौरान गहमागहमी शुरू हो गयी….चौकाने वाली ये घटना छत्तीसगढ़ के जांजगीर-चांपा जिले की है, जहां शादी की आधा से ज्यादा रस्में निभाने के बाद भी एक बेटी ने शादी से इनकार कर दिया।

दरअसल कोसमंदा गांव की रहने वाली मुस्कान प्रधान ने अपनी शादी के दिन शराब के नशे में धुत दूल्हे को देखकर शादी से साफ इंकार कर दिया। मुस्कान के इस फैसले के बाद पूरी बारात बिना दुल्हन के वापस लौट गई। अब उनका यह कदम नशे के खिलाफ एक बड़ी सामाजिक मिसाल बन गया है। मुस्कान की तारीफ अब जिले के एसपी ने भी की है।

शराब के नशे में पहुंचा दूल्हा, मुस्कान ने तोड़ दी शादी
जानकारी के मुताबिक 23 जून की रात कोसमंदा गांव में मुस्कान प्रधान की शादी का आयोजन था। खोखरा गांव से बारात पूरे धूमधाम से पहुंची, लेकिन जब दूल्हा मंडप तक पहुंचा तो वह शराब के नशे में पूरी तरह धुत था।दूल्हे की हालत देखकर मुस्कान ने तत्काल शादी करने से इंकार कर दिया। पहले तो दूल्हा पक्ष ने उसे मनाने और दबाव बनाने की कोशिश की, लेकिन मुस्कान अपने फैसले पर अडिग रही।

परिवार ने बेटी का दिया पूरा साथ
अक्सर ऐसे मामलों में परिवार सामाजिक दबाव में आ जाता है, लेकिन मुस्कान के माता-पिता और परिजनों ने उसकी बात का समर्थन किया। दूल्हा पक्ष शादी कराने और दुल्हन को साथ ले जाने की जिद करता रहा, जिससे मौके पर तनाव की स्थिति भी बन गई।मामले की सूचना मिलने पर पुलिस पहुंची और स्थिति को नियंत्रित किया। आखिरकार बारात को बिना शादी के ही वापस लौटना पड़ा।

मुस्कान बोली- जो खुद को नहीं संभाल सकता, वह मुझे क्या संभालेगा
मुस्कान ने अपने फैसले को सही ठहराते हुए कहा,
“जो व्यक्ति शादी के दिन ही शराब के नशे में खुद को नहीं संभाल पा रहा है, वह जिंदगी भर मेरा साथ कैसे निभाएगा।”
उनकी इस बात ने हजारों लोगों को सोचने पर मजबूर कर दिया है।
पिता भी थे शराब की लत के शिकार
मुस्कान की जिंदगी भी संघर्षों से भरी रही है। बताया जा रहा है कि उनके पिता भी शराब की लत से प्रभावित थे। माता-पिता की शादी के करीब 15 साल बाद उनके पिता का निधन हो गया था। तीन बहनों और एक भाई में सबसे बड़ी मुस्कान ने परिवार की कठिनाइयों को करीब से देखा है, इसलिए उन्होंने नशे के खिलाफ समझौता न करने का फैसला लिया।

SP विजय कुमार पाण्डेय ने किया सम्मानित
मुस्कान के साहसिक कदम की सराहना करते हुए जांजगीर-चांपा के पुलिस अधीक्षक विजय कुमार पाण्डेय ने उन्हें जिले का “नशा मुक्ति आइकन” घोषित किया है। इतना ही नहीं, उन्हें नशे के खिलाफ जागरूकता अभियान में काउंसलर की जिम्मेदारी भी सौंपी गई है।
पढ़ाई का जिम्मा उठाएगी पुलिस
10वीं तक पढ़ाई कर चुकी मुस्कान की आगे की शिक्षा का जिम्मा भी पुलिस विभाग ने उठाया है। अब उन्हें हायर सेकेंडरी और कॉलेज की पढ़ाई में मदद दी जाएगी ताकि वह समाज में एक नई पहचान बना सकें।मुस्कान के इस फैसले की सराहना करते हुए जिला प्रशासन, महिला संगठनों और सामाजिक संगठनों ने उनका सम्मान किया। कलेक्टर और पुलिस प्रशासन ने कहा कि मुस्कान का निर्णय समाज में नशे के खिलाफ एक मजबूत संदेश है।

समाज के लिए बनी प्रेरणा
मुस्कान प्रधान ने साबित कर दिया कि शादी से बड़ा आत्मसम्मान होता है। उनका यह फैसला सिर्फ एक शादी टूटने की कहानी नहीं, बल्कि नशे के खिलाफ खड़े होने वाली नई पीढ़ी की आवाज है। आज मुस्कान जांजगीर-चांपा ही नहीं, पूरे छत्तीसगढ़ में साहस, आत्मसम्मान और सामाजिक जागरूकता की प्रतीक बन गई हैं।

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