धमतरी, 26 जून 2026। नए शैक्षणिक सत्र की शुरुआत के साथ जहां बच्चे पूरे उत्साह के साथ स्कूल पहुंच रहे हैं, वहीं धमतरी जिले के नगरी वनांचल क्षेत्र के प्राथमिक शाला गेदरा की बदहाल स्थिति शिक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर रही है। जर्जर स्कूल भवन के कारण कक्षा पहली से पांचवीं तक के सभी छात्र-छात्राओं को एक ही छोटे कमरे में बैठकर पढ़ाई करने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है। न तो पर्याप्त बिजली की व्यवस्था है और न ही पंखों की सुविधा, जिससे बच्चों को भीषण गर्मी और उमस के बीच पढ़ाई करनी पड़ रही है।
ग्रामीणों के अनुसार, गांव में वर्ष 1958 में स्कूल की स्थापना हुई थी। समय के साथ भवन पूरी तरह जर्जर हो गया। करीब दो-तीन वर्ष पहले मरम्मत के नाम पर खपरैल की जगह टीन शेड लगाया गया, लेकिन निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर अब सवाल उठ रहे हैं।
हाल ही में आई तेज आंधी, तूफान और बारिश के दौरान स्कूल का टीन शेड उड़ गया, भवन का ऊपरी हिस्सा ढह गया और छत पर लगे सीलिंग पंखे भी क्षतिग्रस्त हो गए। ग्रामीणों का कहना है कि यह घटना स्कूल खुलने से कुछ दिन पहले हुई। यदि उस समय बच्चे स्कूल में मौजूद होते तो बड़ा हादसा हो सकता था। उनका आरोप है कि यदि मरम्मत कार्य गुणवत्ता के साथ किया गया होता, मजबूत टीन, पाइप और उचित वेंटिलेशन की व्यवस्था होती, तो ऐसी स्थिति नहीं बनती।
बारिश में जलभराव से बढ़ती परेशानी
ग्रामीणों ने बताया कि स्कूल परिसर नीचले हिस्से में होने के कारण बरसात के दिनों में पानी भर जाता है। इससे बच्चों की आवाजाही और पढ़ाई दोनों प्रभावित होती हैं तथा दुर्घटना की आशंका भी बनी रहती है।
इस संबंध में नगरी के बीईओ कली राम साहू ने बताया कि नए स्कूल भवन के निर्माण के लिए प्रस्ताव भेजा जा चुका है। साथ ही बच्चों की पढ़ाई प्रभावित न हो, इसके लिए वैकल्पिक व्यवस्था भी की जाएगी।
फिलहाल सरपंच और ग्रामीणों ने शासन-प्रशासन से नए स्कूल भवन के शीघ्र निर्माण और बच्चों के लिए सुरक्षित एवं बेहतर वैकल्पिक व्यवस्था करने की मांग की है। अब देखना होगा कि बेहतर शिक्षा व्यवस्था के दावे करने वाला शिक्षा विभाग इस गंभीर मामले में कब तक ठोस कदम उठाता है, ताकि देश के भविष्य कहे जाने वाले इन बच्चों की शिक्षा बाधित न हो।










