फॉरेस्ट रेंजर भर्ती पर हाईकोर्ट का बड़ा फैसला, दोबारा फिजिकल टेस्ट कराने से किया इनकार
बिलासपुर। छत्तीसगढ़ में लंबे समय से अटकी फॉरेस्ट रेंजर भर्ती प्रक्रिया को लेकर हाईकोर्ट ने बड़ा फैसला सुनाया है। हाईकोर्ट ने फिजिकल टेस्ट में असफल अभ्यर्थियों को राहत देने से इनकार करते हुए 20 अभ्यर्थियों की अपील खारिज कर दी है।अदालत ने स्पष्ट कहा कि भर्ती नियमों में री-फिजिकल टेस्ट (Re-Test) का कोई प्रावधान नहीं है, इसलिए चयन प्रक्रिया के बीच नियमों में बदलाव नहीं किया जा सकता।
री-टेस्ट कराने से कोर्ट का साफ इनकार
हाईकोर्ट ने अपने फैसले में कहा कि भर्ती प्रक्रिया निर्धारित नियमों के अनुसार पूरी की जानी चाहिए। यदि नियमों में दोबारा शारीरिक परीक्षा कराने का प्रावधान नहीं है, तो अदालत भी ऐसा निर्देश नहीं दे सकती। कोर्ट ने यह भी कहा कि चयन प्रक्रिया शुरू होने के बाद उसके नियमों में बदलाव करना न्यायसंगत नहीं होगा।
अभ्यर्थियों ने ट्रैफिक जाम का दिया था हवाला
दरअसल फॉरेस्ट रेंजर भर्ती के तहत 12 सितंबर 2023 को आयोजित वॉकिंग टेस्ट में असफल रहे अभ्यर्थियों ने अदालत का दरवाजा खटखटाया था।याचिकाकर्ताओं का कहना था कि परीक्षा के दौरान ट्रैफिक जाम और अन्य परिस्थितियों के कारण उनका प्रदर्शन प्रभावित हुआ, इसलिए उन्हें दोबारा फिजिकल टेस्ट का अवसर दिया जाए।
सरकार ने पहले जारी किया था री-टेस्ट का आदेश
मामले में राज्य सरकार ने पहले कुछ अभ्यर्थियों के लिए दोबारा फिजिकल टेस्ट कराने का आदेश जारी किया था। हालांकि बाद में सरकार ने अपना ही आदेश वापस ले लिया। इस निर्णय को चुनौती देते हुए अभ्यर्थियों ने हाईकोर्ट में अपील दायर की थी।
सरकार के फैसले को हाईकोर्ट ने माना सही
हाईकोर्ट ने सुनवाई के बाद सरकार के री-टेस्ट संबंधी आदेश वापस लेने के फैसले को सही ठहराया।अदालत ने कहा कि भर्ती प्रक्रिया के नियम स्पष्ट हैं और इनके विपरीत जाकर किसी विशेष वर्ग को दोबारा मौका देना उचित नहीं होगा।
अब भर्ती प्रक्रिया का रास्ता साफ
इस फैसले के बाद लंबे समय से रुकी हुई फॉरेस्ट रेंजर भर्ती प्रक्रिया आगे बढ़ने का रास्ता साफ हो गया है। माना जा रहा है कि अब विभाग जल्द ही भर्ती प्रक्रिया के अगले चरण की कार्रवाई पूरी करेगा।










