धमतरी, 28 जून 2026। छत्तीसगढ़ के धमतरी जिले में मछली कारोबारी की हत्या के मामले में पुलिस ने जांच तेज कर दी है। पुलिस सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, मामले में पूछताछ के लिए 4 से 5 संदिग्धों को हिरासत में लिया गया है। हालांकि, पुलिस ने अभी तक किसी की गिरफ्तारी या मामले के खुलासे की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है। जांच पूरी होने के बाद विस्तृत जानकारी साझा किए जाने की संभावना है।
शनिवार शाम हुई थी हत्या
जानकारी के अनुसार, शनिवार शाम करीब 7:30 से 8:00 बजे के बीच नगरी थाना क्षेत्र में अज्ञात हमलावरों ने मछली कारोबारी बिप्लव मंडल पर धारदार हथियार से हमला कर दिया। हमले में उनकी मौके पर ही मौत हो गई।
घटना के दौरान उनके साथ मौजूद टूम्मन यादव की आंखों में कथित रूप से मिर्च पाउडर डाल दिया गया। इसके बाद वह किसी तरह वहां से निकलकर गांव पहुंचे और परिजनों व ग्रामीणों को घटना की सूचना दी।
मछली बिक्री के बाद लौट रहे थे
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, बिप्लव मंडल पिछले सात-आठ वर्षों से एमएम फिश कंपनी में मुनीम के रूप में कार्यरत थे। शनिवार को वह कंपनी की मछलियां लेकर नगरी क्षेत्र में बिक्री के लिए गए थे। देर शाम मछली बेचकर वह बाइक से बोइरगांव लौट रहे थे।
बताया जा रहा है कि गोरेगांव से लगभग 5 किलोमीटर आगे खुदुरपानी रोड के जंगल क्षेत्र में कुछ लोगों ने उनका रास्ता रोक लिया और धारदार हथियार से हमला कर दिया।
हिरासत में लिए गए संदिग्धों से पूछताछ
पुलिस सूत्रों के मुताबिक, जांच के दौरान 4 से 5 स्थानीय संदिग्धों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। फिलहाल पुलिस ने आरोपियों की पहचान, गिरफ्तारी या उनके खिलाफ दर्ज धाराओं को लेकर कोई आधिकारिक जानकारी जारी नहीं की है।
हत्या का कारण अभी स्पष्ट नहीं
प्रारंभिक जांच में हत्या के पीछे आपसी रंजिश या किसी पुराने विवाद की आशंका जताई जा रही है। हालांकि, पुलिस का कहना है कि हत्या के कारणों को लेकर अभी कोई आधिकारिक निष्कर्ष नहीं निकाला गया है। सभी संभावित पहलुओं की जांच की जा रही है।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, विवेचना जारी है और जांच पूरी होने के बाद ही हत्या के वास्तविक कारणों तथा आरोपियों की भूमिका को लेकर आधिकारिक खुलासा किया जाएगा।
इस घटना के बाद पूरे क्षेत्र में दहशत और सनसनी का माहौल है।
नोट: यह खबर पुलिस सूत्रों और प्रारंभिक जानकारी पर आधारित है। हिरासत में लिए गए लोगों के संबंध में पुलिस की आधिकारिक पुष्टि और जांच पूरी होने के बाद ही अंतिम तथ्य स्पष्ट होंगे।










