बिलासपुर। पुलिस तो रिटायर्ड शिक्षक से 9 लाख रुपये की ठगी करने वाले शातिर को पुलिस शुरुआत में कोई बड़ा हाईटेक ठग या संगठित साइबर गैंग का मास्टरमाइंड मान रही थी। लेकिन जब जांच आगे बढ़ी तो कहानी ने ऐसा मोड़ लिया कि पुलिस भी हैरान रह गई। करोड़ों की ठगी करने वाले गैंग जैसा दिखने वाला आरोपी दरअसल बकरा-बकरी चोरी करने वाले टुच्चे चोर गैंग का सरदार निकला। रतनपुर पुलिस और एसीसीयू की जांच में खुलासा हुआ कि जमीन समतलीकरण के नाम पर लाखों रुपये ठगने वाला यही गिरोह रात के अंधेरे में गांवों से बकरे-बकरियां चुराकर जबलपुर में बेचने का धंधा भी करता था।
9 लाख की ठगी से खुला बकरा चोरों का राज
कोटा के श्रीपारा निवासी रिटायर्ड शिक्षक रामनारायण सिंह पोर्ते अपनी जमीन समतल करवाना चाहते थे। इसी का फायदा उठाकर ठगों ने पहले भरोसा जीता, फिर मशीनें और मजदूर दिखाकर उनसे 9 लाख रुपये ऐंठ लिए और फरार हो गए।पुलिस को लगा कि इतने सुनियोजित तरीके से ठगी करने वाला गिरोह जरूर बड़ा और पेशेवर होगा। लेकिन जैसे-जैसे जांच आगे बढ़ी, पूरा मामला उल्टा निकल आया।
पुलिस ने दबोचा तो खुल गई ‘असल औकात’
एसीसीयू और रतनपुर पुलिस ने कर्रा गांव में डेरा डाले संदिग्धों को पकड़कर पूछताछ की। पहले तो वे इधर-उधर की बातें करते रहे, लेकिन सख्ती होते ही कबूल लिया कि उन्होंने शिक्षक से ठगी की है।इतना ही नहीं, उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि वे रतनपुर के चकराभाठा गांव से 19 बकरियां चोरी कर जबलपुर में बेच चुके हैं।यानी जिस गैंग को पुलिस हाईप्रोफाइल ठग समझ रही थी, उसकी असली कमाई बकरा-बकरी चोरी से निकल रही थी।
नकदी और स्कार्पियो बरामद
पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 1.50 लाख रुपये नकद और वारदात में इस्तेमाल की गई स्कार्पियो जब्त कर ली है। सभी छह आरोपियों को गिरफ्तार कर आगे की पूछताछ की जा रही है।
गिरफ्तार आरोपी
- बबलू खान
- अमूर खान
- अमीन खान
- हबीम खान
- शाहरूख खान
- मोहम्मद अछन
पुलिस अब यह पता लगा रही है कि यह गैंग प्रदेश के अन्य जिलों में भी इसी तरह ठगी और पशु चोरी की वारदातों में शामिल रहा है या नहीं।
ऐसे खुला बकरी चोरी का मामला
दरअसल ग्राम चकराभाठा निवासी समन सिंह पैकरा ने 21 जून को थाना रतनपुर में शिकायत दर्ज कराई थी कि 19 जून की रात अज्ञात चोरों ने उनके बकरी कोठे की ईंट की दीवार तोड़कर चार बकरे और 15 बकरियां, कुल 19 मवेशी चोरी कर लिए। घटना के बाद रतनपुर पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की। जांच के दौरान रतनपुर पुलिस और साइबर सेल की संयुक्त टीम ने संदेहियों को हिरासत में लेकर पूछताछ की।
पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि वे स्कॉर्पियो वाहन से आसपास के गांवों में खेत समतलीकरण का काम मांगने के बहाने घूमते थे। इसी दौरान बकरा-बकरियों की रेकी कर सुनसान स्थानों पर चोरी की वारदात को अंजाम देते थे।आरोपियों ने स्वीकार किया कि उन्होंने चकराभाठा से चोरी किए गए 19 बकरा-बकरियों को 1.75 लाख रुपये में बेच दिया, जिसमें से 25 हजार रुपये खर्च कर चुके थे। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से शेष 1.50 लाख रुपये नकद और घटना में प्रयुक्त स्कॉर्पियो वाहन जब्त कर लिया।










