रायपुर। छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर से ट्रांसफर के नाम पर धोखाधड़ी का बड़ा मामला सामने आया है। नवा रायपुर की एक महिला सरकारी कर्मचारी से उसके पति का मुंगेली से रायपुर तबादला कराने का झांसा देकर 1.50 लाख रुपये की ठगी की गई। पीड़िता की शिकायत पर राखी थाना पुलिस ने आरोपी के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस यूपीआई ट्रांजेक्शन की जांच शुरू कर दी है।
पुराने परिचित ने दिया ट्रांसफर कराने का झांसा
दर्ज शिकायत को लेकर पुलिस के अनुसार, सेक्टर-29 नवा रायपुर निवासी फिरोज साहू ने शिकायत दर्ज कराई है। उन्होंने बताया कि उनके पति की पोस्टिंग मुंगेली जिले में है, जबकि वह स्वयं नवा रायपुर में सरकारी कर्मचारी हैं। पति-पत्नी अलग-अलग जिलों में रहने के कारण परिवार, खासकर डेढ़ साल के बेटे की देखभाल को लेकर उन्हें काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा था।इसी दौरान उनके पुराने पड़ोसी विजय पाण्डेय ने विभिन्न विभागों में अच्छी पहचान होने का दावा करते हुए पति का रायपुर ट्रांसफर कराने का भरोसा दिलाया।
पहले 50 हजार, फिर मांगे बाकी पैसे
इस मामले में आरोपी ने ट्रांसफर कराने के एवज में कुल 1.50 लाख रुपये खर्च आने की बात कही। शुरुआत में उसने 50 हजार रुपये मांगे, जिसे पीड़िता ने फोनपे के माध्यम से उसके खाते में ट्रांसफर कर दिया।करीब तीन महीने बाद आरोपी ने दोबारा फोन कर कहा कि ट्रांसफर सूची जल्द जारी होने वाली है और शेष राशि तत्काल जमा करनी होगी। उसकी बातों पर विश्वास कर पीड़िता ने 98 हजार रुपये और अगले दिन 2 हजार रुपये ऑनलाइन ट्रांसफर कर दिए।
न ट्रांसफर हुआ, न लौटाए पैसे
पूरी राशि लेने के बावजूद आरोपी ने न तो पीड़िता के पति का ट्रांसफर कराया और न ही रकम वापस की। जब पीड़िता ने लगातार संपर्क करने की कोशिश की तो आरोपी फोन उठाने से बचता रहा और बहाने बनाकर टालता रहा।ठगी का एहसास होने पर पीड़िता ने राखी थाना पहुंचकर शिकायत दर्ज कराई।
पुलिस ने शुरू की जांच
राखी थाना पुलिस ने आरोपी विजय पाण्डेय के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धोखाधड़ी से संबंधित धाराओं के तहत अपराध दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है। पुलिस आरोपी से पूछताछ के साथ ऑनलाइन ट्रांजैक्शन और अन्य साक्ष्यों की भी जांच कर रही है।










