रायपुर। छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव में अभी करीब ढाई साल का समय बाकी है, लेकिन प्रदेश की राजनीति में चुनावी माहौल अभी से बनने लगा है। भारतीय जनता पार्टी संगठन स्तर पर बूथ प्रबंधन और कार्यकर्ताओं को सक्रिय करने में जुटी है, वहीं कांग्रेस भी आगामी चुनावों की रणनीति को धार देने में लगी है। इसी बीच पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल और भाजपा के बीच जुबानी जंग तेज हो गई है। कांग्रेस के इनोवा वाले बयान का जवाब भाजपा के मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने हसीन सपने से दिया है।
भूपेश बघेल का भाजपा पर तंज
रायपुर में मीडिया से बातचीत के दौरान पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने चुनावी प्रक्रिया को लेकर भाजपा पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि यदि निष्पक्ष चुनाव हों तो भाजपा के विधायक “एक इनोवा में बैठकर जा सकते हैं।”भूपेश बघेल ने कहा कि चुनाव आयोग के मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह का नाम लेते हुए उन्होंने चुनावी प्रक्रिया पर सवाल उठाए। उनका आरोप था कि जिन राज्यों में भाजपा की सरकार होती है, वहां पार्टी 90 प्रतिशत सीटें जीत जाती है और वहां एंटी-इनकंबेंसी भी दिखाई नहीं देती।उन्होंने कहा कि कहीं मतदाताओं की संख्या बढ़ जाती है तो कहीं मतदाता सूची से नाम कट जाते हैं। पहले मतदाता सरकार चुनते थे, अब सरकारें मतदाता चुन रही हैं।
बीजेपी का करारा जवाब
पूर्व मुख्यमंत्री के बयान पर भाजपा ने भी तीखा पलटवार किया। कैबिनेट मंत्री श्यामबिहारी जायसवाल ने भूपेश बघेल के बयान को “मुंगेरीलाल के हसीन सपने” करार दिया।उन्होंने कहा कि सपने देखने में कोई बुराई नहीं है, लेकिन ऐसे सपने देखने चाहिए जो पूरे हो सकें। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि भूपेश बघेल हमारे लिए नहीं, बल्कि अपने लिए बोल रहे हैं।श्यामबिहारी जायसवाल ने आगे कहा कि “इनोवा में हम बैठेंगे। उन्होंने तो इनोवा तक का टारगेट किया है। अगर ऐसा नहीं हुआ तो कम से कम जय-वीरू की तरह दोनों एक साथ बैठेंगे। लगता है अभी से उसका रिहर्सल और ट्रायल भी कर रहे हैं।”
चुनाव से पहले गरमाने लगी सियासत
हालांकि विधानसभा चुनाव में अभी काफी समय बाकी है, लेकिन दोनों प्रमुख दलों के नेताओं के बीच बयानबाजी से साफ है कि राजनीतिक माहौल धीरे-धीरे चुनावी रंग में रंगने लगा है। भाजपा संगठन को मजबूत करने में जुटी है, जबकि कांग्रेस भी कार्यकर्ताओं को एकजुट कर सरकार को घेरने की रणनीति पर काम कर रही है।आने वाले समय में प्रदेश की राजनीति में ऐसे आरोप-प्रत्यारोप और तेज होने की संभावना जताई जा रही है।
आपको बता दें कि छत्तीसगढ़ में फिलहाल भाजपा की सरकार है। मौजूदा वक्त में छत्तीसगढ़ की 90 सीट वाली विधानसभा में भाजपा के पास कुल 54 सीटें हैं। जबकि, कांग्रेस के पास 35 सीटें हैं, जबकि एक सीट गोंडवाना गणतंत्र पार्टी के पास है।










