Three Policeman Suspend। महिला आरोपी के पुलिस हिरासत से भागने की खबर से पुलिस महकमें हड़कंप मचा है। रविवार की हुई घटना के बाद देर शाम पुलिस कप्तान ने बड़ा एक्शन लेते हुए तीन पुलिसकर्मियों को सस्पेड कर दिया। दरअसल छत्तीसगढ़ के बालोद जिले में पुलिस अभिरक्षा से चोरी के मामले में गिरफ्तार एक महिला आरोपी के फरार होने की खबर के बाद से ही पुलिस अधीक्षक नाराज थे।
मामले को गंभीरता से लेते हुए पुलिस अधीक्षक ने ड्यूटी में लापरवाही बरतने वाले तीन पुलिसकर्मियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। विभागीय जांच में पुलिस अभिरक्षा के दौरान सुरक्षा व्यवस्था में गंभीर चूक सामने आने के बाद यह कार्रवाई की गई।
चोरी के मामले में महिला को लिया गया था हिरासत में
पुलिस सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, बालोद शहर के नयापारा क्षेत्र में करीब दो लाख रुपये की चोरी के मामले में पुलिस ने रेखा सोरी को हिरासत में लिया था। रेखा सोरी मूल रूप से कलकसा-मालीघोरी की रहने वाली है और वर्तमान में नयापारा में निवास कर रही थी। शनिवार को पुलिस उसे पूछताछ के लिए कोतवाली थाने लाई थी, जहां उसे पुलिस अभिरक्षा में रखा गया था।
पुलिस को चकमा देकर हुई फरार
रविवार दोपहर पूछताछ के दौरान रेखा सोरी पुलिसकर्मियों को चकमा देकर हिरासत से फरार हो गई। घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस महकमे में अफरा-तफरी मच गई। थाने और आसपास के इलाकों में तत्काल सर्च अभियान शुरू किया गया, लेकिन काफी देर तक उसका कोई सुराग नहीं मिल सका। इसके बाद जिलेभर में अलर्ट जारी करते हुए उसकी तलाश के लिए अलग-अलग पुलिस टीमों को रवाना किया गया।
पुलिस पर उठ रहे थे सवाल
घटना ने पुलिस की सुरक्षा व्यवस्था और अभिरक्षा में आरोपियों की निगरानी को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। प्रारंभिक जांच में ड्यूटी के दौरान लापरवाही सामने आने पर पुलिस अधीक्षक ने सख्त रुख अपनाया।
तीन पुलिसकर्मी हुए सस्पेंड
एसपी ने प्रधान आरक्षक शिवराम ध्रुव, आरक्षक उमेश निषाद और महिला आरक्षक पूर्णिमा ठाकुर को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। तीनों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई भी शुरू कर दी गई है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की विस्तृत जांच जारी है और फरार महिला आरोपी की गिरफ्तारी के लिए लगातार दबिश दी जा रही है।
पुलिस का कहना है कि आरोपी को जल्द से जल्द गिरफ्तार करने के लिए संभावित ठिकानों पर छापेमारी की जा रही है। साथ ही भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए अभिरक्षा व्यवस्था को और अधिक मजबूत करने के निर्देश भी दिए गए हैं।










