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छत्तीसगढ़ पुलिस पदोन्नति पर हाईकोर्ट का बड़ा आदेश, अगली सुनवाई तक अंतिम प्रमोशन पर रोक

बिलासपुर हाईकोर्ट ने पुलिस विभाग को पदोन्नति प्रक्रिया जारी रखने की अनुमति दी, लेकिन अगली सुनवाई तक अंतिम पदोन्नति आदेश जारी करने पर रोक लगा दी। मामला आरक्षकों की वरिष्ठता सूची से जुड़ा है।

July 6, 2026 9:02 AM
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Highcourt Police Promotion: पुलिस प्रमोशन को लेकर छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने महत्वपूर्ण अंतरिम आदेश जारी किया है। पुलिस विभाग में आरक्षकों की पदोन्नति को लेकर न्यायालय ने विभाग को पदोन्नति की विभागीय प्रक्रिया जारी रखने की अनुमति तो दी है, लेकिन अगली सुनवाई तक किसी भी आरक्षक के पक्ष में अंतिम पदोन्नति आदेश जारी करने पर रोक लगा दी है।यह अंतरिम राहत न्यायमूर्ति बिभू दत्त गुरु की एकल पीठ ने आरक्षक सुरेंद्र कुमार देशमुख द्वारा दायर याचिका पर सुनवाई के दौरान दी।

वरिष्ठता सूची पर उठाया गया सवाल

याचिका में पुलिस मुख्यालय द्वारा स्वयं के अनुरोध पर दूसरे जिलों में स्थानांतरण लेकर पहुंचे आरक्षकों की वरिष्ठता तय करने की प्रक्रिया को चुनौती दी गई थी। इस संबंध में याचिकाकर्ता का कहना है कि छत्तीसगढ़ पुलिस कार्यपालिक बल, आरक्षक (भर्ती, पदोन्नति एवं सेवा की शर्तें) नियम, 2007 के अनुसार ऐसे कर्मचारियों को नए जिले की वरिष्ठता सूची में सबसे नीचे रखा जाना चाहिए।याचिका में आरोप लगाया गया है कि विभाग उनकी प्रारंभिक नियुक्ति तिथि के आधार पर वरिष्ठता तय कर उन्हें पदोन्नति का लाभ देने की तैयारी कर रहा है, जिससे लंबे समय से संबंधित जिले में कार्यरत आरक्षकों के अधिकार प्रभावित हो रहे हैं।

शासन ने जवाब दाखिल करने के लिए मांगा समय

याचिकाकर्ता की ओर से अधिवक्ता धीरज कुमार वानखेड़े ने दलील दी कि विभाग की यह प्रक्रिया नियमों के विपरीत है। वहीं, राज्य शासन की ओर से अतिरिक्त महाधिवक्ता गैरी मुखोपाध्याय ने याचिका का विरोध करते हुए कहा कि याचिकाकर्ता ने पुलिस मुख्यालय के स्पष्टीकरण पत्र को सीधे चुनौती नहीं दी है।उन्होंने अदालत को यह भी बताया कि उपलब्ध जानकारी के अनुसार कुछ याचिकाकर्ता स्वयं भी पदोन्नति की पात्रता सूची में शामिल हो सकते हैं। शासन ने विस्तृत जवाब प्रस्तुत करने के लिए तीन सप्ताह का समय मांगा।

हाईकोर्ट का अंतरिम आदेश

दोनों पक्षों की दलीलें सुनने और संबंधित नियमों का परीक्षण करने के बाद हाईकोर्ट ने कहा कि पुलिस विभाग पदोन्नति से जुड़ी सभी प्रशासनिक और विभागीय प्रक्रियाएं जारी रख सकता है, लेकिन अगली सुनवाई तक किसी भी आरक्षक के संबंध में अंतिम पदोन्नति आदेश जारी नहीं किया जाएगा।

37 प्रतिवादियों को नोटिस जारी

इस संबंध में अदालत ने 37 अन्य प्रतिवादियों को नोटिस जारी कर तीन सप्ताह के भीतर जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया है। साथ ही इस याचिका को समान प्रकृति के एक अन्य मामले के साथ अगली सुनवाई के लिए सूचीबद्ध करने का आदेश भी दिया है।

Gitendra Sahu

Gitendra Kumar Sahu has over 10 years of experience in journalism and newsroom operations. He has worked with reputed media organizations such as Swaraj Express and Press Trust of India (PTI), where he spent nearly five years in active journalism. He has also worked with several digital media platforms and possesses extensive experience in both field reporting and newsroom desk operations. After completing his graduation, he chose journalism as his professional career. He specializes in political reporting, current affairs, and crime journalism, with strong expertise in breaking and handling major news stories.

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