रायपुर। रायपुर स्थित मेडिकल कॉलेज में नए छात्रावास के प्रस्तावित शिलान्यास कार्यक्रम को लेकर राजनीति गरमा गयी है। छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने सोशल मीडिया के जरिए राज्य सरकार पर निशाना साधते हुए दावा किया है कि इस छात्रावास परियोजना का शिलान्यास वर्ष 2021 में ही किया जा चुका था। ऐसे में अब दोबारा शिलान्यास कराने का कोई औचित्य नहीं है।
इस मामले पर तंज कसते हुए पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने अपनी सोशल मीडिया पोस्ट में लिखा कि मेडिकल छात्रों के लिए नए छात्रावास भवन को वर्ष 2021 में ही स्वीकृति मिल चुकी थी। उस समय परियोजना का शिलान्यास भी कर दिया गया था। उन्होंने कहा कि परियोजना की लागत तय हो चुकी थी और निर्माण एजेंसी (ठेकेदार) का चयन भी हो गया था।
पूर्व सीएम भूपेश बघेल ने कहा कि वर्तमान सरकार ने केवल परियोजना का बजट बढ़ाया है। इसके बावजूद उसी परियोजना का फिर से शिलान्यास किया जा रहा है, जो समझ से परे है। उन्होंने सवाल उठाया कि आखिर दोबारा शिलान्यास क्यों और किस आधार पर किया जा रहा है।
इस मामले में पूर्व मुख्यमंत्री ने सरकार पर सिर्फ राजनीतिक श्रेय लेने की कोशिश करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि सरकार को इस बात पर शर्मिंदा होना चाहिए कि वर्षों बाद भी निर्माण कार्य शुरू नहीं हो सका।
वहीं अपने पोस्ट में उन्होंने अधिकारियों की भूमिका पर भी सवाल उठाए। उन्होंने लिखा कि अधिकारी सरकार को गुमराह कर रहे हैं और लीपापोती में लगे हुए हैं। उन्होंने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय को संबोधित करते हुए कहा कि अधिकारी उन्हें शर्मिंदा करने पर आमादा हैं और ऐसे प्रपंचों से बचने के लिए विवेकपूर्ण निर्णय लेने की जरूरत है।
भूपेश बघेल के इस बयान के बाद मेडिकल कॉलेज छात्रावास परियोजना को लेकर राजनीतिक बहस तेज होने की संभावना है। हालांकि, इस मामले में राज्य सरकार की ओर से अभी कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।










