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शिक्षकों को छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट से बड़ी राहत, दृष्टिबाधित शिक्षकों की बर्खास्तगी रद्द; पूरे बकाया वेतन के साथ बहाली के आदेश

छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने दृष्टिबाधित व्यायाम शिक्षकों को बड़ी राहत देते हुए बर्खास्तगी रद्द कर पूरे बकाया वेतन के साथ बहाल करने का आदेश दिया। कोर्ट ने कहा कि विभागीय समिति की रिपोर्ट के आधार पर अभ्यर्थियों को अपात्र नहीं ठहराया जा सकता।

July 8, 2026 5:29 AM
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Chhattisgarh Highcourt News। छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने उन शिक्षकों की बर्खास्तगी रद्द कर दी है, जिन्हें विभाग ने अक्षम मानते हुए बर्खास्त कर दिया था। अब हाईकोर्ट ने सभी को बहाल करने के आदेश दिये हैं। हाईकोर्ट ने दिव्यांग अधिकारों की रक्षा को लेकर एक महत्वपूर्ण फैसला सुनाते हुए स्पष्ट किया है कि यदि भर्ती विज्ञापन या किसी वैधानिक कानून में कोई रोक नहीं है, तो केवल विभागीय समिति की रिपोर्ट के आधार पर दृष्टिबाधित अभ्यर्थियों को व्यायाम शिक्षक (फिजिकल एजुकेशन टीचर) के पद के लिए अयोग्य नहीं ठहराया जा सकता।

हाईकोर्ट की एकलपीठ के न्यायमूर्ति नरेश कुमार चंद्रवंशी ने एक दृष्टिबाधित महिला शिक्षक की बर्खास्तगी को अवैध घोषित करते हुए उन्हें पूरा बकाया वेतन (Back Wages) के साथ सेवा में बहाल करने का आदेश दिया। वहीं दूसरे शिक्षक को जारी कारण बताओ नोटिस भी निरस्त कर दिया।

क्या था पूरा मामला?

लोक शिक्षण संचालनालय, रायपुर ने 9 मार्च 2019 को व्याख्याता, शिक्षक और सहायक शिक्षकों की सीधी भर्ती के लिए विज्ञापन जारी किया था। इस भर्ती में दिव्यांग अभ्यर्थियों के लिए 7 प्रतिशत आरक्षण का प्रावधान था।बिलासपुर संभाग के शिव शंकर साहू और नील कुमारी, जो दोनों 40 प्रतिशत दृष्टिबाधित हैं, ने व्यायाम शिक्षक (टीचर-फिजिकल एजुकेशन) के पद के लिए आवेदन किया। चयन प्रक्रिया और दस्तावेज सत्यापन पूरा होने के बाद 24 अगस्त 2021 को दोनों की नियुक्ति कर दी गई और वे अपने-अपने विद्यालयों में सेवाएं दे रहे थे।

डेढ़ साल बाद जारी हुआ नोटिस

नियुक्ति के करीब डेढ़ साल बाद 19 जनवरी 2023 को संयुक्त संचालक (शिक्षा), बिलासपुर संभाग ने दोनों शिक्षकों को कारण बताओ नोटिस जारी किया। विभाग ने कहा कि एक समिति की रिपोर्ट के अनुसार व्यायाम शिक्षक के पद पर केवल OA (एक हाथ से दिव्यांग) और HH (श्रवण बाधित) श्रेणी के अभ्यर्थी ही उपयुक्त हैं, जबकि दृष्टिबाधित अभ्यर्थी इस पद के लिए पात्र नहीं हैं।इसके बाद नील कुमारी को 6 फरवरी 2023 को सेवा से बर्खास्त कर दिया गया, जबकि शिव शंकर साहू को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया।

हाईकोर्ट ने सरकार की दलीलें खारिज कीं

याचिकाकर्ताओं की ओर से अधिवक्ताओं अंकित वर्मा और पराग कोटेचा ने तर्क दिया कि भर्ती विज्ञापन में कहीं भी दृष्टिबाधित अभ्यर्थियों को अपात्र नहीं बताया गया था। साथ ही दिव्यांगजन अधिकार अधिनियम, 2016 का उद्देश्य दिव्यांग व्यक्तियों को समान अवसर उपलब्ध कराना है।वहीं राज्य शासन की ओर से कहा गया कि विभागीय समिति की अनुशंसा के आधार पर केवल OA और HH श्रेणी के अभ्यर्थियों को ही इस पद के लिए उपयुक्त माना गया।

हाईकोर्ट की सख्त टिप्पणी

न्यायालय ने कहा कि विभाग जिस समिति की रिपोर्ट का हवाला दे रहा है, वह केवल एक प्रशासनिक अनुशंसा है, उसे कोई वैधानिक शक्ति प्राप्त नहीं है। यदि भर्ती विज्ञापन में दृष्टिबाधित अभ्यर्थियों पर कोई प्रतिबंध नहीं था, तो चयन प्रक्रिया पूरी होने और डेढ़ वर्ष तक सेवा लेने के बाद उन्हें अपात्र घोषित नहीं किया जा सकता।कोर्ट ने यह भी कहा कि नियुक्ति के बाद बीच में पात्रता के नए नियम लागू करना कानूनन उचित नहीं है।यदि भर्ती विज्ञापन या किसी वैधानिक कानून में मनाही न हो, तो केवल किसी विभागीय समिति की रिपोर्ट के आधार पर दृष्टिबाधित उम्मीदवारों को व्यायाम शिक्षक के पद के लिए अपात्र घोषित नहीं किया जा सकता।

सुप्रीम कोर्ट के फैसले का भी दिया हवाला

हाईकोर्ट ने अपने फैसले में सुप्रीम कोर्ट के “In Re: Recruitment of Visually Impaired In Judicial Service (2025)” मामले का उल्लेख करते हुए कहा कि संविधान सभी नागरिकों को समान अवसर देता है। केवल दिव्यांगता के आधार पर किसी योग्य व्यक्ति को रोजगार से वंचित नहीं किया जा सकता।

इस आधार पर अदालत ने नील कुमारी की बर्खास्तगी रद्द करते हुए उन्हें पूरे बकाया वेतन के साथ बहाल करने और शिव शंकर साहू को जारी कारण बताओ नोटिस को निरस्त करने का आदेश दिया।

Gitendra Sahu

Gitendra Kumar Sahu has over 10 years of experience in journalism and newsroom operations. He has worked with reputed media organizations such as Swaraj Express and Press Trust of India (PTI), where he spent nearly five years in active journalism. He has also worked with several digital media platforms and possesses extensive experience in both field reporting and newsroom desk operations. After completing his graduation, he chose journalism as his professional career. He specializes in political reporting, current affairs, and crime journalism, with strong expertise in breaking and handling major news stories.

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