रायपुर। छत्तीसगढ़ विधानसभा इस बार काफी हंगामेदार रहने वाला है। इस बार मानसून सत्र के दौरान कांग्रेस ने अविश्वास प्रस्ताव लाने की तैयारी की है। मानसून सत्र के दूसरे दिन यानि 14 जुलाई को अविश्वास प्रस्ताव सदन में पेश किया जायेगा। आपको बता दें कि 13 जुलाई से मानसून सत्र की शुरुआत से होगी, दूसरे ही दिन सदन का राजनीतिक तापमान बढ़ने के आसार हैं। कांग्रेस ने राज्य सरकार के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाने का ऐलान किया है।
ऐसे में सत्र के पहले दिन से ही सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी बहस देखने को मिल सकती है।नेता प्रतिपक्ष चरणदास महंत पहले ही स्पष्ट कर चुके हैं कि कांग्रेस को राज्य सरकार पर भरोसा नहीं है। पार्टी का आरोप है कि सरकार चुनावी वादों को पूरा करने में विफल रही है और भ्रष्टाचार, महंगाई, बिजली व्यवस्था तथा कानून-व्यवस्था जैसे मुद्दों पर जनता परेशान है। इन्हीं मुद्दों को आधार बनाकर कांग्रेस सरकार को सदन में घेरने की रणनीति बना रही है।
नकटी मामले पर भी सरकार से जवाब मांगेगी कांग्रेस
अविश्वास प्रस्ताव के अलावा कांग्रेस नकटी मामले को लेकर स्थगन प्रस्ताव भी लाएगी। पार्टी इस मुद्दे पर सदन के भीतर चर्चा की मांग करेगी और विरोध-प्रदर्शन की भी तैयारी में है। कांग्रेस का कहना है कि वह जनता से जुड़े मुद्दों को विधानसभा के साथ-साथ सड़क पर भी उठाती रहेगी।
प्रश्नकाल और सरकारी कामकाज भी रहेगा अहम
राजनीतिक टकराव के बीच पहले दिन की कार्यवाही की शुरुआत दिवंगत पद्म विभूषण एवं प्रसिद्ध पंडवानी गायिका तीजन बाई सहित अन्य दिवंगत व्यक्तियों के निधन उल्लेख से होगी।इसके बाद प्रश्नकाल में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय, राजस्व मंत्री टंकराम वर्मा और वन मंत्री केदार कश्यप अपने-अपने विभागों से जुड़े सवालों के जवाब देंगे।
मुख्यमंत्री सदन में छत्तीसगढ़ राज्य मानवाधिकार आयोग का वार्षिक प्रतिवेदन, राज्य विद्युत नियामक आयोग का वार्षिक लेखा प्रतिवेदन और अन्य महत्वपूर्ण दस्तावेज प्रस्तुत करेंगे। वहीं उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा और वाणिज्यिक कर मंत्री ओपी चौधरी भी अपने-अपने विभागों से जुड़े प्रतिवेदन सदन के पटल पर रखेंगे।
ध्यानाकर्षण प्रस्तावों में उठेंगे कई मुद्दे
कार्यसूची के अनुसार वरिष्ठ विधायक अजय चंद्राकर और धर्मजीत सिंह प्रदेश में पुरातात्विक धरोहरों के संरक्षण से जुड़े विषय पर ध्यानाकर्षण प्रस्ताव लाएंगे। वहीं कांग्रेस विधायक विकास कश्यप जांजगीर जिला अस्पताल में परिवार नियोजन प्रोत्साहन राशि के भुगतान से जुड़े मामले को सदन में उठाएंगे।
सत्र के पहले दिन रहेगी सबकी नजर
मानसून सत्र के पहले दिन अविश्वास प्रस्ताव पेश होने के कारण राजनीतिक गतिविधियां तेज रहने की संभावना है। सत्ता पक्ष सरकार के कामकाज और उपलब्धियों का पक्ष रखेगा, जबकि विपक्ष विभिन्न मुद्दों पर सरकार को घेरने की कोशिश करेगा। ऐसे में पहले दिन की कार्यवाही पूरे सत्र की दिशा तय करने वाली मानी जा रही है।










