Chhattisgarh Protest 15 July 2026। छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर 15 जुलाई को “विरोध का बुधवार” बनेगा। सिर्फ विधानसभा में ही गहमागहमी नहीं रहेगी, बल्कि बुधवार को छत्तीसगढ़ एक साथ तीन बड़े आंदोलनों का गवाह बनने जा रहा है। एक ओर कांग्रेस नकटी गांव बुलडोजर कार्रवाई के विरोध में राजभवन तक पदयात्रा निकालेगी, दूसरी ओर हजारों शिक्षक विधानसभा का घेराव करेंगे। वहीं दुर्ग अतिथि शिक्षक भी अपने आंदोलन को और उग्र करने की तैयारी में हैं। ऐसे में राजधानी में राजनीतिक, सामाजिक और प्रशासनिक हलचल चरम पर रहने की संभावना है।
नकटी गांव से राजभवन तक कांग्रेस की पदयात्रा
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज नकटी गांव में बुलडोजर कार्रवाई से प्रभावित परिवारों के साथ नकटी गांव से राजभवन (लोकभवन) तक पदयात्रा करेंगे। इसके बाद राज्यपाल को ज्ञापन सौंपकर प्रभावित परिवारों को न्याय दिलाने की मांग करेंगे।कांग्रेस का आरोप है कि नकटी गांव में गरीब परिवारों के मकानों पर बुलडोजर चलाकर अन्याय किया गया है। पार्टी इस पूरे मामले को राज्यपाल के समक्ष उठाकर उचित कार्रवाई की मांग करेगी।कांग्रेस ने राज्यपाल से मुलाकात के लिए समय भी मांगा है और इस संबंध में राजभवन को रिमाइंडर पत्र भी भेजा है। पार्टी को उम्मीद है कि 15 जुलाई को मुलाकात का समय मिल जाएगा।
राजीव भवन में बनी आंदोलन की रणनीति
पदयात्रा को सफल बनाने के लिए सोमवार को रायपुर स्थित राजीव भवन में कांग्रेस नेताओं की बैठक हुई। बैठक में प्रदेश कांग्रेस के प्रभारी महामंत्री मलकीत सिंह गैदू ने पदयात्रा की रूपरेखा पर चर्चा की और नेताओं को अलग-अलग जिम्मेदारियां सौंपीं।
15 जुलाई को क्या-क्या होगा?
1. कांग्रेस की पदयात्रा
- नकटी गांव से राजभवन तक मार्च
- दीपक बैज करेंगे नेतृत्व
- बुलडोजर कार्रवाई के खिलाफ राज्यपाल को ज्ञापन
2. शिक्षकों का विधानसभा घेराव
- वेतन विसंगति
- पहली नियुक्ति से वरिष्ठता
- पदोन्नति
- VSK ऐप
- TET नियम सहित कई मांगें
3. अतिथि शिक्षकों का बड़ा प्रदर्शन
- आंदोलन का 15वां दिन
- सरकार पर दबाव बढ़ाने की रणनीति
- बड़ी संख्या में राजधानी पहुंचेंगे शिक्षक
विधानसभा घेरेंगे शिक्षक
उधर, अपनी लंबित मांगों को लेकर शिक्षक संगठन भी 15 जुलाई को विधानसभा घेराव करेंगे। शिक्षकों का कहना है कि सरकार ने चुनाव से पहले किए गए कई वादे अब तक पूरे नहीं किए हैं।
शिक्षकों की प्रमुख मांगें
- सहायक शिक्षकों की वेतन विसंगति दूर की जाए।
- पहली नियुक्ति तिथि से वरिष्ठता का लाभ मिले।
- प्रथम नियुक्ति से सेवा की गणना कर क्रमोन्नति और समयमान वेतनमान दिया जाए।
- टीईटी की अनिवार्यता समाप्त की जाए।
- शिक्षकों की सेवा सुरक्षित की जाए।
- विभागीय परीक्षा आयोजित की जाए।
- वीएसके ऐप और ऑनलाइन उपस्थिति व्यवस्था समाप्त की जाए।
- लंबित पदोन्नति प्रक्रिया में तेजी लाई जाए।
- वरिष्ठता के आधार पर पदोन्नति दी जाए।
- एकल शिक्षकीय स्कूलों में जल्द शिक्षकों की नियुक्ति की जाए।
- युक्तियुक्तकरण से मर्ज हुए स्कूलों के प्रधान पाठकों को शाला प्रबंधन समिति में कोषाध्यक्ष बनाया जाए।
शिक्षक संगठन अपनी मांगों को लेकर पहले ही मंत्री, विधायक और सांसदों के प्रतिनिधियों को ज्ञापन सौंप चुके हैं।
अतिथि शिक्षक भी करेंगे बड़ा प्रदर्शन
राजधानी में राज्य अतिथि शिक्षक विद्या मितान संघ का आंदोलन भी लगातार जारी है। 15 जुलाई को उनका आंदोलन 15वें दिन में प्रवेश करेगा।संघ ने इस दिन बड़े प्रदर्शन का ऐलान किया है। संगठन का कहना है कि सरकार का ध्यान आकर्षित करने के लिए प्रतिदिन अलग-अलग तरीके से प्रदर्शन किए जा रहे हैं और बुधवार को आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा।
राजधानी में बढ़ सकती है हलचल
एक ही दिन कांग्रेस की पदयात्रा, शिक्षकों के विधानसभा घेराव और अतिथि शिक्षकों के प्रदर्शन को देखते हुए राजधानी रायपुर में राजनीतिक और प्रशासनिक गतिविधियां तेज रहने की संभावना है। राजनीतिक दल, कर्मचारी संगठन और अतिथि शिक्षक एक ही दिन अलग-अलग मुद्दों पर सरकार को घेरने की तैयारी में हैं। ऐसे में 15 जुलाई को राजधानी रायपुर में विधानसभा परिसर, राजभवन मार्ग और प्रमुख सड़कों पर दिनभर गतिविधियां तेज रहने की संभावना है। प्रशासन भी सुरक्षा और यातायात व्यवस्था को लेकर विशेष तैयारी कर रहा है।










