Chhattisgarh Vidhansabha Mansoon Session। छत्तीसगढ़ विधानसभा के मानसून सत्र का आज दूसरा दिन है। आज प्रश्नकाल में विपक्ष से ज्यादा सत्ता पक्ष के ही तेवर दिखे। सत्ता पक्ष के ही विधायक सरकार को घेरते हुए नजर आये। प्रश्नकाल में रायपुर शहर की जलापूर्ति का मुद्दा जोरदार तरीके से उठा। भाजपा विधायक अजय चंद्राकर ने अमृत मिशन, स्मार्ट सिटी और अन्य योजनाओं के तहत पेयजल व्यवस्था को लेकर सरकार से कई सवाल पूछे।
अमृत मिशन को लेकर पूछे सवाल
चंद्राकर ने उप मुख्यमंत्री से सवाल पूछा कि अमृत मिशन लागू होने से लेकर उसके पूरा होने तक क्या काम हुए, कितनी राशि खर्च हुई और शहर के लोगों को 24 घंटे पानी देने का वादा कितना पूरा हुआ।जवाब में उपमुख्यमंत्री एवं नगरीय प्रशासन मंत्री अरुण साव ने बताया कि अमृत मिशन योजना वर्ष 2016 में शुरू हुई थी और वर्ष 2025 में पूरी हो चुकी है।
योजना पर 427 करोड़ खर्च
इस योजना पर 427 करोड़ 37 लाख 23 हजार रुपये खर्च किए गए। उन्होंने कहा कि इस योजना के तहत 20 वार्डों में पूरी तरह और 25 वार्डों में आंशिक रूप से पेयजल सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है।हालांकि, अरुण साव ने यह भी स्पष्ट किया कि अमृत मिशन योजना में 24 घंटे जलापूर्ति (24×7 Water Supply) का कोई प्रावधान नहीं था।
रायपुर के लोगों को नहीं मिल पा रहा पानी
इसके बाद अजय चंद्राकर ने स्मार्ट सिटी, नगरोत्थान योजना और 15वें वित्त आयोग से जलापूर्ति के लिए खर्च की गई राशि का भी विवरण मांगा। उन्होंने कहा कि 24×7 पानी देने के नाम पर टेंडर हो गए, लेकिन आज तक रायपुर के किसी भी वार्ड में चौबीसों घंटे पानी नहीं मिल रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी (PHED) विभाग से भी पानी उपलब्ध कराने की बात कही गई थी।
चंद्राकर ने पूछा, 24 घंटे पानी का वादा कहां गया
इस पर उपमुख्यमंत्री अरुण साव ने कहा कि स्मार्ट सिटी के तहत 14 वार्डों में 24×7 जलापूर्ति की योजना बनाई गई थी और इस पर काम चल रहा है। अजय चंद्राकर ने फिर कहा कि लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग की रायपुर शहर को पानी देने की कोई योजना नहीं है।
इसका जवाब देते हुए अरुण साव ने कहा कि रायपुर में पहले जल आवर्धन योजना संचालित थी और उस समय शहर में जलापूर्ति का कार्य लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग ही करता था।जलापूर्ति को लेकर सदन में सरकार और विपक्ष के बीच सवाल-जवाब का दौर चलता रहा। खासकर 24×7 पानी की सुविधा को लेकर सरकार को विपक्ष के तीखे सवालों का सामना करना पड़ा।










