बिलासपुर। छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने कोरबा में पदस्थ सहायक जिला आबकारी अधिकारी राकेश कुमार सिंह के स्थानांतरण आदेश पर अंतरिम रोक लगा दी है। राज्य शासन ने 16 सितंबर 2026 को उनका तबादला जिला कोरबा से जिला गरियाबंद किया था। इस आदेश के खिलाफ दायर याचिका पर सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट ने फिलहाल स्थानांतरण पर रोक लगाने का निर्देश दिया है।मामले की सुनवाई 30 सितंबर 2026 को न्यायमूर्ति बी.डी. गुरु की अदालत में हुई। याचिकाकर्ता की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता मतीन सिद्दीकी और अधिवक्ता जैनब मुस्तफा वनक ने पक्ष रखा।
16 साल 7 महीने अनुसूचित क्षेत्रों में सेवा का हवाला
याचिका में बताया गया कि राकेश कुमार सिंह की पहली नियुक्ति वर्ष 2006 में जशपुर जिले में हुई थी। उन्होंने वर्ष 2006 से 2011 तक जशपुर, वर्ष 2016 से 2022 तक रायगढ़ और वर्ष 2022 से स्थानांतरण आदेश जारी होने तक कोरबा जिले में सेवा दी।
याचिका के अनुसार राकेश कुमार सिंह ने अपने सेवाकाल में कुल 16 वर्ष 7 महीने अनुसूचित क्षेत्रों में पदस्थ रहकर सेवा की है। इसके बावजूद उनका स्थानांतरण एक अनुसूचित क्षेत्र से दूसरे अनुसूचित क्षेत्र में किए जाने को चुनौती दी गई।
3 जून 2015 के शासन सर्कुलर का दिया हवाला
याचिकाकर्ता की ओर से दलील दी गई कि स्थानांतरण आदेश छत्तीसगढ़ शासन के 3 जून 2015 के सर्कुलर के प्रावधानों के अनुरूप नहीं है।
याचिका में सर्कुलर की कंडिका 1.3 और 2.1 का हवाला देते हुए कहा गया कि अधिकारियों-कर्मचारियों को प्रथम नियुक्ति के समय दुर्गम अनुसूचित क्षेत्रों में कम से कम दो वर्ष या सामान्य अनुसूचित क्षेत्रों के अन्य जिलों में कम से कम तीन वर्ष पदस्थ करने का प्रावधान है।
इसके साथ ही अनुसूचित क्षेत्रों में सेवा की अवधि और वहां उपलब्ध रिक्त पदों को ध्यान में रखते हुए कर्मचारियों की गैर-अनुसूचित क्षेत्रों में पदस्थापना पर विचार किए जाने की बात भी सर्कुलर में कही गई है।
गरियाबंद में पद खाली नहीं होने का भी मामला
याचिका में यह भी बताया गया कि गरियाबंद जिले में सहायक जिला आबकारी अधिकारी का एक स्वीकृत पद है। इस पद पर लालजी दीवान पदस्थ हैं। उनके कबीरधाम स्थानांतरण आदेश को भी हाईकोर्ट में चुनौती दिए जाने और उस मामले में स्थानांतरण आदेश पर रोक लगाए जाने की जानकारी अदालत के समक्ष रखी गई।याचिकाकर्ता की ओर से तर्क दिया गया कि ऐसी स्थिति में गरियाबंद में सहायक जिला आबकारी अधिकारी का स्वीकृत पद रिक्त नहीं है।
हाईकोर्ट ने 10 दिन में अभ्यावेदन देने का निर्देश
मामले में हाईकोर्ट ने स्थानांतरण आदेश पर रोक लगाते हुए याचिकाकर्ता को 10 दिनों के भीतर राज्य सरकार के 3 जून 2015 के सर्कुलर और डिवीजन बेंच के Writ Appeal No. 549/2016 में दिए गए फैसले के आधार पर वरिष्ठ सचिवों की समिति के समक्ष अभ्यावेदन प्रस्तुत करने का निर्देश दिया है।कोर्ट के निर्देश के अनुसार वरिष्ठ सचिवों की समिति द्वारा अभ्यावेदन का निराकरण किए जाने तक राकेश कुमार सिंह के स्थानांतरण आदेश पर रोक प्रभावी रहेगी।










