CG Teacher Promotion: शिक्षकों ने सरकार को दिया अल्टीमेटम, 4 अक्टूबर तक पदोन्नति आदेश नहीं तो 5 से आंदोलन
रायपुर। छत्तीसगढ़ में शिक्षकों का प्रमोशन का मुद्दा तूल पकड़ता जा रहा है। शिक्षा विभाग में शिक्षकों के प्रमोशन की सुस्त रफ्तार से नाराज शिक्षकों आमरण अनशन का ऐलान कर दिया है। टीईटी उत्तीर्ण शिक्षक कल्याण संघ छत्तीसगढ़ ने पदोन्नति प्रक्रिया में हो रही देरी को लेकर शासन-प्रशासन को अल्टीमेटम दिया है। संघ ने साफ किया है कि 4 अक्टूबर 2026 तक पदोन्नति आदेश जारी नहीं हुए तो 5 अक्टूबर से चरणबद्ध अनिश्चितकालीन आंदोलन शुरू किया जाएगा।
इस कड़ी में 7 अक्टूबर से शिक्षकों का आमरण अनशन शुरू हो जायेगा। इससे पहले 5 अक्टूबर और छह अक्टूबर को दो दिनों तक शिक्षक अलग-अलग स्तर पर प्रदर्शन कर सरकार का ध्यान आकृष्ट करेंगे। संघ का कहना है कि स्कूल शिक्षा विभाग की ओर से पदोन्नति प्रक्रिया को लेकर कई बार समय-सीमा निर्धारित की गई, लेकिन निर्धारित अवधि बीतने के बाद भी प्रक्रिया पूरी नहीं हो सकी है। इससे पात्र शिक्षक लगातार असमंजस और नाराजगी की स्थिति में हैं।
मई से शुरू हुई प्रक्रिया, कई बार बढ़ी समय-सीमा
संघ के मुताबिक स्कूल शिक्षा विभाग के अंतर्गत शिक्षकों की पदोन्नति प्रक्रिया मई 2026 से शुरू की गई थी। 15 मई 2026 को लोक शिक्षण संचालनालय, रायपुर की ओर से आदेश जारी कर 30 जून 2026 तक पदोन्नति प्रक्रिया पूरी करने के निर्देश दिए गए थे।इसके बाद प्रक्रिया पूरी नहीं होने पर समय-सीमा बढ़ाकर 15 अगस्त 2026 कर दी गई।
संघ के अनुसार, इसके बाद भी प्रक्रिया पूरी नहीं होने पर 10 अगस्त को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से संभागीय संयुक्त संचालकों और जिला शिक्षा अधिकारियों को 30 अगस्त तक पदोन्नति प्रक्रिया पूरी करने के निर्देश दिए गए थे।लेकिन संघ का दावा है कि 30 अगस्त की अंतिम समय-सीमा भी गुजर चुकी है, इसके बावजूद बड़ी संख्या में पात्र शिक्षकों की पदोन्नति का इंतजार जारी है।
पदोन्नति में देरी से शिक्षकों में नाराजगी
टीईटी उत्तीर्ण शिक्षक कल्याण संघ का आरोप है कि बार-बार समय-सीमा तय होने के बावजूद पदोन्नति प्रक्रिया पूरी नहीं होने से प्रदेश के पात्र शिक्षकों में भारी नाराजगी है। संगठन ने शासन से स्पष्ट स्थिति बताने और लंबित पदोन्नति आदेश जल्द जारी करने की मांग की है।संघ की ओर से प्रदेश अध्यक्ष राकेश मिश्रा और कार्यकारी अध्यक्ष जितेंद्र कुमार साहू सहित अन्य पदाधिकारियों ने आंदोलन की घोषणा की है।

4 अक्टूबर तक सरकार को मोहलत
शिक्षक संघ ने सरकार को 4 अक्टूबर 2026 तक का समय दिया है। संघ के मुताबिक इस तारीख तक यदि पदोन्नति आदेश जारी नहीं किए गए तो अगले दिन से आंदोलन शुरू कर दिया जाएगा।आंदोलन को चरणबद्ध तरीके से आगे बढ़ाने की घोषणा की गई है।
5 अक्टूबर: भिलाई से दुर्ग तक पदोन्नति न्याय पदयात्रा
आंदोलन के पहले चरण में 5 अक्टूबर 2026 को भिलाई से दुर्ग तक ‘पदोन्नति न्याय पदयात्रा’ निकाली जाएगी। संघ के अनुसार इसका उद्देश्य लंबित पदोन्नति के मुद्दे को शासन तक मजबूती से पहुंचाना है।
6 अक्टूबर: शिक्षा मंत्री के निवास पर सत्याग्रह
इसके बाद 6 अक्टूबर को शिक्षा मंत्री के निवास के बाहर सत्याग्रह किया जाएगा। संगठन ने अपने सदस्यों से आंदोलन में शामिल होने की अपील की है।
7 अक्टूबर से आमरण अनशन का ऐलान
संघ ने कहा है कि यदि इसके बाद भी मांगों पर समाधान नहीं हुआ तो 7 अक्टूबर 2026 से अनिश्चितकालीन आमरण अनशन शुरू किया जाएगा।
आंदोलन से शिक्षण व्यवस्था प्रभावित होने की चेतावनी
संघ ने अपने पत्र में कहा है कि आंदोलन के कारण यदि विद्यालयों की शिक्षण व्यवस्था या छात्रहित प्रभावित होते हैं तो इसकी जिम्मेदारी शासन और स्कूल शिक्षा विभाग की होगी। संगठन का कहना है कि शिक्षक लंबे समय से अपनी पदोन्नति की प्रक्रिया पूरी होने का इंतजार कर रहे हैं।संघ ने मीडिया के माध्यम से अपनी मांग को सामने रखने और शासन-प्रशासन तक शिक्षकों की बात पहुंचाने में सहयोग की अपील भी की है।
अब 4 अक्टूबर पर टिकी नजर
शिक्षक पदोन्नति को लेकर अब 4 अक्टूबर 2026 की समय-सीमा अहम हो गई है। संघ ने स्पष्ट कर दिया है कि इस तारीख तक आदेश जारी नहीं होने पर आंदोलन को आगे बढ़ाया जाएगा। ऐसे में अब नजर इस बात पर है कि सरकार और स्कूल शिक्षा विभाग लंबित पदोन्नति को लेकर क्या निर्णय लेते हैं।










