Teacher Suspend: छत्तीसगढ़ के जांजगीर-चांपा जिले में शिक्षा के मंदिर को कलंकित करने वाला एक गंभीर मामला सामने आया है। बच्चों के भविष्य को गढ़ने की जिम्मेदारी संभालने वाले दो अलग-अलग स्कूलों के शिक्षकों को शराब के नशे में स्कूल पहुंचने के आरोप में जिला प्रशासन ने तुरंत प्रभाव से निलंबित कर दिया है। कार्यालय जिला शिक्षा अधिकारी, जांजगीर-चांपा द्वारा इस संबंध में सख्त आदेश जारी किए गए हैं। इस कार्रवाई से जिले के शिक्षक वर्ग और शिक्षा विभाग में हड़कंप मच गया है।
पहला मामला: बलौदा विकासखंड का
प्राप्त जानकारी के अनुसार, विकासखंड शिक्षा अधिकारी बलौंडा से प्राप्त प्रतिवेदन के मुताबिक, शासकीय नवीन प्राथमिक शाला परसदा (संजय नगर) में पदस्थ सहायक शिक्षक एल.बी. ललित राम भारद्वाज दिनांक 19.09.2026 को शराब के नशे में स्कूल में उपस्थित पाए गए थे। इस गंभीर लापरवाही और अनुशासनहीनता के बाद उन्हें कारण बताओ नोटिस जारी किया गया था, लेकिन संबंधित शिक्षक द्वारा निर्धारित समय में कोई भी प्रतिवाद उत्तर प्रस्तुत नहीं किया गया।
दूसरा मामला: पामगढ़ विकासखंड का
इसी तरह दूसरे मामले में, सोशल मीडिया पर वायरल हुए एक वीडियो और विकासखंड शिक्षा अधिकारी पामगढ़ के प्रतिवेदन के आधार पर दिनांक 24.09.2026 को शासकीय प्राथमिक शाला भांठापारा भुईगांव के प्रधान पाठक योगेश्वर सिंह कंवर पर भी बड़ी कार्रवाई की गई है। आरोप है कि वे स्कूल परिसर में शराब पीकर पहुंचे और स्कूल में उपस्थित होने के दौरान जनप्रतिनिधियों के साथ दुर्व्यवहार भी किया। इस मामले में भी उन्हें कारण बताओ नोटिस जारी किया गया था, जिसका कोई संतोषजनक या समय पर प्रतिवाद उत्तर उनकी ओर से प्रस्तुत नहीं किया गया।

छत्तीसगढ़ सिविल सेवा आचरण नियम के तहत कार्रवाई
जिला शिक्षा अधिकारी द्वारा जारी आदेशों में स्पष्ट किया गया है कि दोनों शिक्षकों का यह कृत्य पदीय गरिमा के विपरीत, घोर अनुशासनहीनता और स्वेच्छाचारिता का परिचायक है। यह कृत्य छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (आचरण) नियम, 1965 के नियम-3 के विपरीत गंभीर कदाचार की श्रेणी में आता है।
इसे गंभीरता से लेते हुए जिला शिक्षा अधिकारी ने छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण तथा अपील) नियम, 1966 के नियम-9 के तहत दोनों शिक्षकों— ललित राम भारद्वाज (सहायक शिक्षक एल.बी.) और योगेश्वर सिंह कंवर (प्रधान पाठक)—को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है।
निलंबन अवधि में मुख्यालय तय
निलंबन की अवधि के दौरान ललित राम भारद्वाज का मुख्यालय विकासखंड शिक्षा अधिकारी बलौंडा, जिला जांजगीर-चांपा निर्धारित किया गया है, जबकि योगेश्वर सिंह कंवर का मुख्यालय विकासखंड शिक्षा अधिकारी पामगढ़, जिला जांजगीर-चांपा नियत किया गया है। निलंबन काल में दोनों शिक्षकों को नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ते की पात्रता होगी। शिक्षा विभाग की इस सख्त कार्रवाई से यह संदेश स्पष्ट हो गया है कि बच्चों के भविष्य और विद्यालय की गरिमा के साथ खिलवाड़ करने वाले लापरवाह कर्मचारियों को बख्शा नहीं जाएगा।










