Chhattisgarh TET: 72,783 शिक्षकों के पास नहीं TET सर्टिफिकेट, हर 10 में 7 शिक्षक परीक्षा की जद में; देखें जिलेवार आंकड़े
रायपुर। TET आज देशभर के शिक्षकों के लिए बड़ी चुनौती बनी हुई है। लिहाजा देश भर में TET की अनिवार्यता का विरोध भी हो रहा है। कोर्ट में गुहार से लेकर सड़क पर प्रदर्शन तक और सरकार से बातचीत से लेकर अधिकारियों को ज्ञापन सौपने तक, शिक्षकों ने टीईटी को लेकर हर उस हथियार का इस्तेमाल किया है, जिससे उन्हें राहत मिल सके। लेकिन छत्तीसगढ़ में विभागीय शिक्षक पात्रता परीक्षा (TET) की तैयारियों के बीच सामने आया आंकड़ा शिक्षकों के लिए बड़ी चुनौती की ओर इशारा कर रहा है।
राज्य में कुल 1,01,380 शिक्षकों में सिर्फ 28,597 के पास TET प्रमाणपत्र है। वहीं 72,783 शिक्षक यानी करीब 71.79 फीसदी शिक्षक अभी TET प्रमाणपत्र के बिना हैं।यानी राज्य में हर 10 शिक्षकों में करीब 7 शिक्षक ऐसे हैं, जिन्हें TET पात्रता हासिल करने की परीक्षा से गुजरना पड़ सकता है। विभागीय TET को लेकर तैयारी आगे बढ़ने के साथ अब सबसे बड़ा सवाल परीक्षा की प्रक्रिया और इतनी बड़ी संख्या में शिक्षकों को परीक्षा में शामिल कराने की व्यवस्था को लेकर है।
72,783 शिक्षकों के सामने TET पात्रता की चुनौती
उपलब्ध आंकड़ों के मुताबिक राज्य में TET प्रमाणपत्र वाले शिक्षकों की संख्या कुल शिक्षकों की तुलना में काफी कम है। 28,597 शिक्षक TET प्रमाणपत्रधारी हैं, जबकि 72,783 शिक्षकों के पास प्रमाणपत्र नहीं है।इस आंकड़े ने विभागीय TET की तैयारियों को महत्वपूर्ण बना दिया है। अगर बिना TET प्रमाणपत्र वाले शिक्षकों को पात्रता हासिल करने के लिए परीक्षा में शामिल होना पड़ता है, तो विभाग के सामने बड़े स्तर पर परीक्षा आयोजित करने की प्रशासनिक चुनौती होगी।वहीं शिक्षकों के लिए यह केवल एक सामान्य परीक्षा नहीं होगी, बल्कि उनकी सेवा संबंधी पात्रता से जुड़ा महत्वपूर्ण विषय बन सकता है।
जिलों में भी TET का आंकड़ा एक जैसा नहीं
राज्य के अलग-अलग जिलों में TET प्रमाणपत्र रखने वाले और बिना प्रमाणपत्र वाले शिक्षकों की संख्या में बड़ा अंतर दिखाई देता है।रायपुर में 3,040 शिक्षक TET प्रमाणपत्रधारी हैं, जो उपलब्ध आंकड़ों में सबसे ज्यादा हैं। इसके बाद सूरजपुर में 1,533, कांकेर में 1,486, कोंडागांव में 1,361, मुंगेली में 1,346 और बस्तर में 1,188 शिक्षक TET प्रमाणपत्र वाले हैं।दूसरी तरफ कई जिलों में बिना TET प्रमाणपत्र वाले शिक्षकों की संख्या काफी ज्यादा है।
बिलासपुर में सबसे ज्यादा शिक्षक बिना TET
बिना TET प्रमाणपत्र वाले शिक्षकों की संख्या के मामले में बिलासपुर 5,646 शिक्षकों के साथ सबसे ऊपर है।इसके बाद सरगुजा में 4,510, बलरामपुर में 4,131, सूरजपुर में 3,854, जशपुर में 3,632 और बलौदाबाजार में 3,510 शिक्षक ऐसे हैं, जिनके पास TET प्रमाणपत्र नहीं है।
सबसे ज्यादा बिना TET वाले जिले
जिला बिना TET प्रमाणपत्र वाले शिक्षक
बिलासपुर 5,646
सरगुजा 4,510
बलरामपुर 4,131
सूरजपुर 3,854
जशपुर 3,632
बलौदाबाजार 3,510
सूरजपुर में दोनों आंकड़े बड़े
सूरजपुर का आंकड़ा खास है। यहां 1,533 शिक्षक TET प्रमाणपत्रधारी हैं, जो राज्य के प्रमुख जिलों में शामिल है। दूसरी तरफ जिले में 3,854 शिक्षक बिना TET प्रमाण पत्र वाले हैं।इससे साफ है कि विभागीय TET की तैयारी में जिलों की स्थिति एक जैसी नहीं होगी। कहीं TET प्रमाणपत्र वाले शिक्षकों की संख्या ज्यादा है तो कहीं बड़ी संख्या में शिक्षकों को पात्रता हासिल करने की जरूरत पड़ सकती है।
सबसे ज्यादा TET प्रमाणपत्र वाले जिले
जिला TET प्रमाणपत्र वाले शिक्षक
रायपुर 3,040
सूरजपुर 1,533
कांकेर 1,486
कोंडागांव 1,361
मुंगेली। 1,346
बस्तर। 1,188
विभाग के सामने परीक्षा कराने की बड़ी चुनौती
शिक्षा विशेषज्ञों के अनुसार विभागीय TET को लेकर सबसे अहम सवाल यह है कि 72 हजार से ज्यादा शिक्षकों को TET पात्रता किस प्रक्रिया के जरिए दिलाई जाएगी और परीक्षा का आयोजन किस स्तर पर होगा।इतनी बड़ी संख्या में अभ्यर्थियों को परीक्षा में शामिल कराने के लिए परीक्षा केंद्र, आवेदन प्रक्रिया, विषयवार व्यवस्था और अन्य प्रशासनिक तैयारियां भी महत्वपूर्ण होंगी।फिलहाल विभागीय TET को लेकर तैयारियां जारी हैं। ऐसे में शिक्षकों की नजर परीक्षा की तारीख, पात्रता, आवेदन प्रक्रिया और परीक्षा पैटर्न से जुड़ी आधिकारिक जानकारी पर रहेगी।










