कवर्धा। कांस्टेबल राजेश उपाध्याय की संदिग्ध मौत का मामला अब उलझ गया है। कांस्टेबल के भाई ने मृतक की पत्नी पर हत्या का शक जताया है। इस मामले में एसपी को लिखित शिकायत भी दी गयी है। परिजनों का आरोप है कि भाई ने पहले से ही पत्नी पर हत्या का शक जताया था। मौत के पहले मां से बातचीत में भी भाई ने हत्या की आशंका का जिक्र किया था।
मृत आरक्षक के बड़े भाई ने राजेश की पत्नी के साथ संबंधों को लेकर गंभीर आरोप लगाते हुए उसकी भूमिका की भी जांच की मांग की है।परिवार का दावा है कि राजेश और उनकी पत्नी के बीच संबंध ठीक नहीं थे। बड़े भाई ने आशंका जताई है कि इसी विवाद से मौत का कोई संबंध हो सकता है।
हालांकि, यह परिजनों का आरोप और आशंका है, जिसकी स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है। पुलिस सभी पहलुओं को जांच के दायरे में रखने की बात कह रही है। हालांकि भाई के आरोपों और साक्ष्य के साथ पुलिस अधीक्षक को की गयी शिकायत के बाद मामला अब बेहद पेचिदा हो गया है।
मौत से पहले मां को बताई थी जान के खतरे की बात
परिजनों के मुताबिक राजेश उपाध्याय ने घटना से पहले अपनी मां से कुछ लोगों से जान का खतरा होने की बात कही थी। इसके बाद 6 अगस्त को उनका शव कवर्धा के नए बस स्टैंड के पास संदिग्ध परिस्थितियों में मिला।
परिजनों का दावा है कि शरीर पर कई जगह चोट के निशान भी थे। इन्हीं परिस्थितियों को देखते हुए परिवार ने मौत को लेकर संदेह जताया है और मामले में FIR दर्ज कर विस्तृत जांच की मांग की है।
बड़े भाई का दावा- पत्नी से रिश्ते ठीक नहीं थे
मृत आरक्षक के बड़े भाई ने पुलिस के सामने यह मुद्दा उठाया है कि राजेश और उनकी पत्नी के बीच संबंध सामान्य नहीं थे। उन्होंने पत्नी की भूमिका की भी जांच किए जाने की मांग की है।
परिवार का कहना है कि यदि राजेश की मौत से पहले उनके साथ मारपीट हुई थी, तो यह पता लगाना जरूरी है कि घटना से पहले वह किन लोगों के संपर्क में थे और आखिरी बार किन लोगों से मिले थे।
फिलहाल पुलिस ने पत्नी के खिलाफ किसी अपराध में दोष सिद्ध होने की बात नहीं कही है। मामले में लगाए गए आरोपों की जांच के बाद ही उनकी भूमिका को लेकर स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
CCTV और मोबाइल रिकॉर्ड से खुलेगा राज?
परिजनों ने पुलिस प्रशासन को आवेदन देकर कई महत्वपूर्ण साक्ष्यों की जांच की मांग की है। परिवार चाहता है कि 5 और 6 अगस्त की CCTV फुटेज, राजेश की कॉल डिटेल, संदिग्ध लोगों के मोबाइल रिकॉर्ड और लोकेशन की जांच की जाए।
इसके साथ ही फोरेंसिक रिपोर्ट और संभावित प्रत्यक्षदर्शियों के बयान भी जांच में शामिल करने की मांग की गई है।परिजनों का मानना है कि इन साक्ष्यों से यह पता चल सकता है कि राजेश घटना से पहले कहां थे, किन लोगों के संपर्क में थे और उनकी मौत से पहले क्या घटनाक्रम हुआ था।
परिजनों ने FIR दर्ज करने की मांग की
परिजनों का आरोप है कि गंभीर सवाल उठने के बावजूद अब तक उनकी शिकायत के आधार पर FIR दर्ज नहीं की गई है। परिवार ने पुलिस प्रशासन से पूरे मामले को संदिग्ध मौत के रूप में गंभीरता से लेते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की है।परिजनों का कहना है कि जब तक मौत की वास्तविक वजह सामने नहीं आती, तब तक मामले से जुड़े सभी संभावित पहलुओं की जांच होनी चाहिए।
SP बोले- हर एंगल से जांच जारी
मामले को लेकर पुलिस अधीक्षक ने कहा है कि प्रकरण की गंभीरता से जांच की जा रही है और वे स्वयं जांच की निगरानी कर रहे हैं। जांच में सामने आने वाले तथ्यों और साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।पुलिस के मुताबिक जांच के दौरान सामने आने वाले CCTV फुटेज, मोबाइल रिकॉर्ड, फोरेंसिक रिपोर्ट और अन्य साक्ष्यों से घटना की वास्तविक परिस्थितियां स्पष्ट होंगी।
6 अगस्त को मिला था आरक्षक का शव
बता दें कि 6 अगस्त को पुलिस आरक्षक राजेश उपाध्याय का शव कवर्धा के नए बस स्टैंड के पास संदिग्ध हालत में मिला था। शव मिलने के बाद परिवार ने शरीर पर चोट के निशान होने का दावा किया और मौत की परिस्थितियों पर सवाल उठाए।
अब पत्नी से संबंधों को लेकर बड़े भाई के आरोप और हत्या की आशंका के बीच मामला और गंभीर हो गया है। हालांकि, पत्नी के खिलाफ लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है और पुलिस जांच पूरी होने तक किसी निष्कर्ष पर पहुंचना जल्दबाजी होगी।अब निगाहें पुलिस जांच पर हैं कि CCTV, कॉल डिटेल, फोरेंसिक रिपोर्ट और अन्य साक्ष्यों से राजेश उपाध्याय की मौत की असली वजह सामने आती है या नहीं।










