दुर्ग। दुर्ग में जेल से अस्पताल ले जाई गई महिला बंदी जसबीर कौर ने एक और नया कांड कर दिया है। गिरफ्तार हुई जसबीर कौर के फरार होने का मामला सामने आया है। दरअसल हेरोइन तस्करी के मामले में जेल में बंद जसबीर कौर को बुधवार को बच्चे के इलाज के सिलसिले में केंद्रीय जेल से दुर्ग जिला अस्पताल लाया गया था।
इसी दौरान वह सुरक्षा में तैनात जेल प्रहरियों को चकमा देकर अस्पताल से निकल गई। जसबीर कौर के फरार होने की जानकारी मिलते ही पुलिस और जेल प्रशासन में हड़कंप मच गया। तत्काल जिलेभर में अलर्ट जारी किया गया और अलग-अलग स्थानों पर नाकेबंदी कर उसकी तलाश शुरू कर दी गई।
अस्पताल से निकलते ही शुरू हुई तलाश
बताया गया कि अस्पताल में बच्चे के इलाज के दौरान जसबीर कौर को सुरक्षा घेरे में रखा गया था। इसी दौरान वह मौका पाकर वहां से फरार हो गई। जब जेल प्रहरियों को उसके गायब होने की जानकारी हुई तो तत्काल पुलिस को सूचना दी गई।इसके बाद पुलिस ने आसपास के इलाकों में सर्च ऑपरेशन शुरू किया। शहर के प्रमुख रास्तों और संभावित ठिकानों पर निगरानी बढ़ा दी गई।
एक घंटे के भीतर पुलिस ने पकड़ा
फरार महिला बंदी की तलाश में पुलिस की कई टीमें सक्रिय की गईं। पुलिस की कार्रवाई के दौरान करीब एक घंटे के भीतर जसबीर कौर को पकड़ लिया गया। इसके बाद उसे दोबारा जेल भेज दिया गया।जसबीर कौर इससे पहले भी पुलिस से जुड़े एक मामले को लेकर चर्चा में रही हैं। हेरोइन तस्करी के मामले में खुर्शीपार पुलिस ने 19 सितंबर को उन्हें गिरफ्तार किया था, जिसके बाद उन्हें जेल भेजा गया था।
सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल
जेल में बंद किसी आरोपी या बंदी को इलाज के लिए अस्पताल ले जाने के दौरान सुरक्षा की जिम्मेदारी महत्वपूर्ण होती है। ऐसे में अस्पताल से महिला बंदी के फरार होने की घटना ने सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं।इस मामले में पुलिस और जेल प्रशासन की ओर से सुरक्षा में हुई चूक की भी जांच की जा सकती है। वहीं, दुर्ग के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सोभराज अग्रवाल ने पूरे घटनाक्रम को लेकर जानकारी दी है।फिलहाल जसबीर कौर को पुलिस ने दोबारा पकड़ लिया है और वह फिर से जेल में है। मामले में आगे की कार्रवाई और सुरक्षा में हुई चूक की जांच को लेकर स्थिति स्पष्ट होना बाकी है।










