सूरजपुर। बहुचर्चित दोहरे हत्याकांड मामले में जिला न्यायालय की फास्ट ट्रैक कोर्ट ने बड़ा फैसला सुनाया है। कोर्ट ने मामले में दोषी ठहराए गए चार आरोपियों में से तीन को फांसी की सजा, जबकि एक आरोपी को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है।
फास्ट ट्रैक कोर्ट के न्यायाधीश आनंद प्रकाश वारियाल ने सजा का ऐलान किया। अदालत ने कुलदीप साहू, रिंकू उर्फ फूल सिंह और चंद्रकांत चौधरी को फांसी की सजा सुनाई है। वहीं आर्यन उर्फ गोल्डी को आजीवन कारावास की सजा दी गई है।
प्रधान आरक्षक की पत्नी और बेटी की हुई थी हत्या
मामला अक्टूबर 2024 का है। कोतवाली थाना क्षेत्र में पदस्थ तत्कालीन प्रधान आरक्षक की पत्नी और नाबालिग बेटी की हत्या ने पूरे इलाके को हिलाकर रख दिया था।अभियोजन के मुताबिक, वारदात से पहले महिला के साथ दुष्कर्म किया गया और इसके बाद धारदार हथियार से उसकी हत्या कर दी गई। इसके बाद उसकी बेटी की भी हत्या कर दी गई। दोनों के शव घर से करीब पांच किलोमीटर दूर फेंके जाने की बात सामने आई थी।
छह आरोपियों पर चला था मुकदमा
इस दोहरे हत्याकांड में कुल छह आरोपियों के खिलाफ मुकदमा चला। इनमें मुख्य आरोपी के तौर पर कुलदीप साहू सहित अन्य आरोपी शामिल थे। सुनवाई के दौरान अदालत ने दो आरोपियों को पूर्व में बरी कर दिया था, जबकि चार आरोपियों को दोषी ठहराया गया।29 सितंबर को कोर्ट ने चारों आरोपियों को दोषी करार दिया था। इसके बाद आज अदालत ने दोषियों की सजा का ऐलान किया।
भाई से मारपीट के बाद शुरू हुआ था विवाद
मामले की पृष्ठभूमि में अक्टूबर 2024 में हुए एक विवाद को वजह बताया गया था। 9 अक्टूबर की रात शहनाज अख्तर के जगराता कार्यक्रम के दौरान मुख्य आरोपी कुलदीप साहू के भाई संदीप साहू का कुछ युवकों से विवाद हुआ था।
इसके दो दिन बाद पुलिस द्वारा संदीप को हिरासत में लिए जाने और कथित मारपीट की बात सामने आई थी। इसी घटना को लेकर कुलदीप नाराज था। पुलिस के अनुसार, इसी विवाद के बाद बदले की भावना से वारदात को अंजाम देने की साजिश सामने आई थी।मामले में पुलिसकर्मी से कुलदीप के पुराने विवाद की बात भी जांच के दौरान सामने आई थी।
फैसले के बाद फिर चर्चा में आया मामला
29 सितंबर को दोषी करार दिए जाने के बाद कोर्ट परिसर से बाहर निकलते समय मुख्य आरोपी कुलदीप साहू के कथित तौर पर मुस्कुराने और मीडिया की ओर इशारा करने का वीडियो भी सामने आया था। अब अदालत द्वारा तीन आरोपियों को फांसी और एक को उम्रकैद की सजा सुनाए जाने के बाद यह बहुचर्चित मामला एक बार फिर सुर्खियों में है।










