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TET को लेकर बड़ा ऐलान : शिक्षकों के राष्ट्रीय अधिवेशन में 12 प्रस्ताव पारित, संसद मार्च का ऐलान, RTE से पहले नियुक्त शिक्षकों को TET से राहत देने की भी मांग

लखनऊ में शिक्षक अधिवेशन के दौरान 12 प्रस्ताव पारित किए गए। शिक्षकों ने TET से छूट, पुरानी पेंशन, केंद्रीय वेतनमान और स्वास्थ्य बीमा समेत कई मांगें उठाईं।

October 7, 2026 1:34 PM
शिक्षक अधिवेशन में 12 प्रस्ताव पारित, TET से छूट और पुरानी पेंशन की मांग
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Teacher News। शिक्षकों के राष्ट्रीय हितों से जुड़े विभिन्न मुद्दों को लेकर लखनऊ में आयोजित शिक्षक अधिवेशन में 12 महत्वपूर्ण प्रस्ताव पारित किए गए। अटल बिहारी वाजपेयी साइंटिफिक कन्वेंशन सेंटर में आयोजित अधिवेशन की अध्यक्षता टीचर्स फेडरेशन ऑफ इंडिया के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. दिनेश चंद्र शर्मा ने की। उत्तर प्रदेश के उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक कार्यक्रम में मुख्य अतिथि और यूपी भाजपा के उपाध्यक्ष नीरज सिंह विशिष्ट अतिथि के रूप में शामिल हुए।

अधिवेशन में देश के विभिन्न राज्यों से पहुंचे शिक्षक प्रतिनिधियों ने वेतन, पेंशन, सेवा शर्तों, स्वास्थ्य सुरक्षा और शिक्षकों से जुड़े अन्य मुद्दों पर चर्चा की। इस दौरान शिक्षकों की मांगों को लेकर केंद्र सरकार से आवश्यक कदम उठाने की मांग की गई।

RTE से पहले नियुक्त शिक्षकों को TET से छूट की मांग

फेडरेशन के राष्ट्रीय महासचिव सह अखिल झारखंड प्राथमिक शिक्षक संघ के प्रदेश महासचिव राममूर्ति ठाकुर ने शिक्षा का अधिकार कानून (RTE) लागू होने से पहले नियुक्त शिक्षकों को शिक्षक पात्रता परीक्षा (TET) की अनिवार्यता से मुक्त करने की मांग उठाई।

उन्होंने कहा कि इस संबंध में केंद्र सरकार को संसद के माध्यम से आवश्यक पहल करनी चाहिए। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि इस मामले में पहल नहीं की गई तो शिक्षक बड़े आंदोलन की दिशा में आगे बढ़ सकते हैं।

वेतन और सेवा शर्तों में एकरूपता की मांग

अधिवेशन में शिक्षकों के वेतन, राष्ट्रीय सेवा शर्तों और स्वास्थ्य सुरक्षा में एकरूपता की मांग भी उठाई गई। शिक्षक प्रतिनिधियों का कहना था कि देश में शिक्षा नीति और शिक्षक नियुक्ति से जुड़ी व्यवस्था होने के बावजूद अलग-अलग राज्यों में शिक्षकों के वेतन और सुविधाओं में काफी अंतर है।फेडरेशन ने सभी राज्यों में शिक्षकों के लिए केंद्रीय वेतनमान लागू करने की मांग रखी, ताकि वेतन व्यवस्था में एकरूपता लाई जा सके।

शीतकालीन सत्र में संसद मार्च का ऐलान

टीचर्स फेडरेशन ऑफ इंडिया के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. दिनेश चंद्र शर्मा ने कहा कि शिक्षकों की मांगों को लेकर संसद के शीतकालीन सत्र के दौरान संसद मार्च किया जाएगा। उन्होंने कहा कि शिक्षकों से जुड़े मुद्दों को राष्ट्रीय स्तर पर उठाने के लिए फेडरेशन आगे भी आंदोलनात्मक कार्यक्रम आयोजित करेगा।अधिवेशन में झारखंड से फेडरेशन के राष्ट्रीय महासचिव अजय कुमार सिंह और राजेश कुमार सिन्हा समेत विभिन्न राज्यों के शिक्षक प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया।

ये 12 प्रस्ताव हुए पारित

अधिवेशन में शिक्षकों से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर निम्न 12 प्रस्ताव पारित किए गए—
1. RTE लागू होने से पहले नियुक्त शिक्षकों को TET की अनिवार्यता से मुक्त करने के लिए केंद्र सरकार संसद में संशोधन प्रस्ताव लाए।
2. पुरानी पेंशन योजना बहाल की जाए।
3. सभी राज्यों में शिक्षकों के लिए केंद्रीय वेतनमान लागू कर वेतन में एकरूपता लाई जाए।
4. शिक्षकों को MACP का लाभ दिया जाए।
5. प्रत्येक प्राथमिक और उच्च प्राथमिक विद्यालय में प्रधानाध्यापक का एक पद सृजित किया जाए।
6. चुनाव, जनगणना और आपदा जैसी वास्तविक ड्यूटी को छोड़कर शिक्षकों को अन्य गैर-शैक्षणिक कार्यों से मुक्त किया जाए।
7. केंद्रीय विद्यालयों की तर्ज पर देशभर के विद्यालयों के लिए समान वार्षिक अवकाश तालिका लागू की जाए।
8. शिक्षकों को परिवार सहित न्यूनतम 20 लाख रुपये की स्वास्थ्य बीमा सुरक्षा दी जाए।
9. प्राथमिक शिक्षकों को भी विधान परिषद के शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र में मताधिकार और चुनाव लड़ने का अधिकार दिया जाए।
10. शिशु देखभाल भत्ते के लिए दो बच्चों की सीमा समाप्त की जाए।
11. शिक्षक प्रशिक्षण प्राप्त और TET उत्तीर्ण आश्रितों को अनुकंपा के आधार पर शिक्षक पद पर नियुक्ति का अवसर दिया जाए।
12. देशभर में विद्यालयों के विलय (मर्जर) पर रोक लगाई जाए।

 

Gitendra Sahu

Gitendra Kumar Sahu has over 10 years of experience in journalism and newsroom operations. He has worked with reputed media organizations such as Swaraj Express and Press Trust of India (PTI), where he spent nearly five years in active journalism. He has also worked with several digital media platforms and possesses extensive experience in both field reporting and newsroom desk operations. After completing his graduation, he chose journalism as his professional career. He specializes in political reporting, current affairs, and crime journalism, with strong expertise in breaking and handling major news stories.

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