धमतरी/कोर्रा। छत्तीसगढ़ के धमतरी जिले में ग्राम कोर्रा और इर्रा के बीच स्थित एक तालाब इन दिनों अपनी प्राकृतिक सुंदरता के साथ-साथ अनोखी कलात्मक सजावट के कारण लोगों का ध्यान आकर्षित कर रहा है। तालाब किनारे खड़े बरगद और पीपल के पेड़ों पर रंग-बिरंगे पानी से भरी प्लास्टिक की बोतलें रस्सियों के सहारे लटकाई गई हैं, जो हवा के झोंकों के साथ झूलती हुई एक मनमोहक दृश्य प्रस्तुत कर रही हैं।
स्थानीय ग्रामीणों के अनुसार इस अनूठी सजावट को किसने तैयार किया, इसकी जानकारी किसी को नहीं है। हालांकि अधिकांश लोगों का मानना है कि गर्मी की छुट्टियों के दौरान गांव के बच्चों ने खेल-खेल में अपनी रचनात्मक सोच का परिचय देते हुए यह अनोखा प्रयोग किया होगा। ग्रामीण क्षेत्रों में बच्चे अक्सर तालाब किनारे समय बिताते हैं, स्नान करते हैं और पेड़ों की छांव में खेलते हैं। ऐसे में उनकी कल्पनाशीलता का यह सुंदर रूप लोगों को खूब पसंद आ रहा है।
यह रंगीन ‘नेचर आर्ट’ अब राहगीरों और आसपास के ग्रामीणों के लिए आकर्षण का केंद्र बन चुका है। यहां से गुजरने वाले लोग कुछ देर रुककर इस अनोखे नज़ारे का आनंद लेते हैं और मोबाइल से तस्वीरें व सेल्फी लेकर अपनी यादों में इसे संजो रहे हैं। देखते ही देखते यह स्थान एक छोटे से सेल्फी पॉइंट के रूप में भी पहचान बनाने लगा है।
पर्यावरण प्रेमियों का कहना है कि यदि इस प्रकार की रचनात्मक गतिविधियों में प्लास्टिक का उपयोग केवल सजावट के उद्देश्य से जिम्मेदारीपूर्वक किया जाए और बाद में उसका उचित निस्तारण भी सुनिश्चित किया जाए, तो यह प्रकृति संरक्षण और पर्यावरण जागरूकता का सकारात्मक संदेश देने का माध्यम बन सकता है।
फिलहाल तालाब किनारे पेड़ों पर लटकती रंग-बिरंगी बोतलें ग्रामीण परिवेश की सादगी, बच्चों की कल्पनाशीलता और प्रकृति के साथ रचनात्मक जुड़ाव का सुंदर उदाहरण बनकर लोगों का मन मोह रही हैं।










