धमतरी/गरियाबंद। छत्तीसगढ़ के धमतरी और गरियाबंद सहित कई जिलों में दो दिनों की बारिश में ही जनजीवन अस्त व्यस्त हो गया है। पिछले दो दिनों से रुक-रुककर हो रही तेज बारिश ने बेशक किसानों के चेहरों पर मुस्कान लायी है, लेकिन दूसरी ओर मूसलाधार बारिश और तेज आंधी ने कई इलाकों में खूब तबाही मचायी है। कई स्थानों पर पेड़ गिरने से घंटों तक यातायात बाधित रहा, नदी-नाले उफान पर आने से ग्रामीणों का आवागमन ठप हो गया और कच्ची सड़कों पर कीचड़ के कारण लोगों का निकलना तक मुश्किल हो गया।
नगरी में सड़क पर गिरा विशाल पेड़, घंटों बाधित रहा यातायात
जानकारी के अनुसार, रविवार को तेज बारिश और आंधी के दौरान धमतरी जिले के नगरी स्थित अंजनी चौक-सांकरा मार्ग पर एक विशाल पेड़ सड़क पर गिर गया। पेड़ गिरने से सड़क के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं और कई घंटों तक यातायात पूरी तरह प्रभावित रहा।
घटना की सूचना मिलते ही संबंधित विभाग की टीम मौके पर पहुंची। स्थानीय लोगों के सहयोग से पेड़ को हटाने का कार्य शुरू किया गया। काफी मशक्कत के बाद पेड़ को सड़क से हटाया गया, जिसके बाद यातायात दोबारा सुचारु हो सका।
नेशनल हाईवे-130सी पर आठ घंटे तक लगा रहा जाम
वहीं गरियाबंद जिले में भी तेज बारिश का असर देखने को मिला। जिले के कोदोमाली के पास नेशनल हाईवे-130सी पर एक बड़ा पेड़ गिर जाने से सड़क पूरी तरह बंद हो गई। इसके चलते करीब आठ घंटे तक हाईवे पर लंबा जाम लगा रहा।
सड़क के दोनों ओर छोटे-बड़े वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। कई यात्री वाहन पूरी रात जाम में फंसे रहे, जिससे यात्रियों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा। स्थानीय प्रशासन और वन विभाग की टीम ने मौके पर पहुंचकर पेड़ हटाने का काम शुरू किया। सोमवार सुबह करीब सात बजे मार्ग को साफ कर यातायात बहाल किया जा सका।
गरांजी नदी में बाढ़, ग्रामीण घरों में रहने को मजबूर
लगातार बारिश के कारण गरियाबंद जिले के अंतिम छोर पर स्थित सुदूर वनांचल क्षेत्र चमेंदा से ओडिशा जाने वाले मार्ग पर बहने वाली गरांजी नदी उफान पर आ गई। नदी का जलस्तर बढ़ने से आवागमन पूरी तरह बंद हो गया और कई ग्रामीण अपने घरों में ही फंसकर रह गए।
ग्रामीणों ने बताया कि उनका गांव ओडिशा सीमा के काफी नजदीक है। रोजमर्रा की जरूरतों का सामान खरीदने और अन्य आवश्यक कार्यों के लिए उन्हें नियमित रूप से ओडिशा जाना पड़ता है। लेकिन नदी में आई बाढ़ के कारण वे घरों से बाहर नहीं निकल सके, जिससे दैनिक जीवन भी प्रभावित हुआ।
कीचड़ से बदहाल सड़क, पैदल चलना भी हुआ मुश्किल
बारिश के बाद चमेंदा के बुडरा पारा से धुरवागुड़ी-खल्लारी जाने वाले मार्ग की हालत भी बेहद खराब हो गई है। सड़क पर भारी कीचड़ जमा होने से पैदल चलना तक मुश्किल हो गया है। वहीं दोपहिया और चारपहिया वाहनों का आवागमन भी बाधित हो रहा है।
ग्रामीणों का आरोप है कि पंचायत की ओर से सड़क पर मुरूम तो डलवाया गया था, लेकिन उसका समतलीकरण नहीं कराया गया। इसी लापरवाही के कारण बारिश के दौरान सड़क पूरी तरह दलदल में तब्दील हो गई है। इससे ग्रामीणों को रोजाना आवागमन में भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
लगातार हो रही बारिश से जहां खेती-किसानी के लिए अनुकूल परिस्थितियां बनी हैं, वहीं दूसरी ओर ग्रामीण क्षेत्रों में बुनियादी सुविधाओं की कमी और खराब सड़कें लोगों के लिए बड़ी समस्या बन गई हैं। ग्रामीणों ने प्रशासन से क्षतिग्रस्त सड़कों की मरम्मत और जलभराव वाले क्षेत्रों में शीघ्र राहत कार्य शुरू करने की मांग की है।










