रायपुर। छत्तीसगढ़ में मौसम में तेजी से बदलाव होता दिख रहा है। जून में बेजान पड़ी जमीन, सूखी पड़ी नदियां और किसानों के बेरुख चेहरे फिर से खिल उठे हैं। इधर, कई जगहों से बारिश की वजह से तबाही की भी खबरें हैं। आज भी मौसम विभाग ने बारिश को लेकर कई जिलों में चेतावनी जारी की है। मौसम विभाग ने बताया है कि छत्तीसगढ़ में मौसम एक बार फिर करवट लेने वाला है।
भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने राज्य के कई जिलों के लिए ऑरेंज और येलो अलर्ट जारी किया है। विभाग के अनुसार दोपहर बाद मौसम में अचानक बदलाव हो सकता है। कई इलाकों में गरज-चमक के साथ तेज बारिश, तेज हवाएं और आकाशीय बिजली गिरने की आशंका जताई गई है।
मौसम विभाग ने लोगों से अपील की है कि खराब मौसम के दौरान बेहद जरूरी होने पर ही घर से बाहर निकलें। खुले मैदान, पेड़ों के नीचे या बिजली के खंभों के पास खड़े होने से बचें और सुरक्षित स्थान पर रहें।
इन संभागों के लिए जारी हुआ अलर्ट
मौसम विभाग ने बिलासपुर, सरगुजा और दुर्ग संभाग के कई जिलों के लिए अलर्ट जारी किया है।
येलो अलर्ट वाले जिले:
रायगढ़, बिलासपुर, कोरिया, जशपुर, गौरेला-पेंड्रा-मरवाही, मुंगेली, सरगुजा, सूरजपुर और बलरामपुर में तेज हवा, गरज-चमक और आकाशीय बिजली गिरने की संभावना जताई गई है।
इसके अलावा जांजगीर-चांपा, बेमेतरा और कबीरधाम सहित कई जिलों में भी गरज-चमक के साथ तेज हवाएं चलने की चेतावनी जारी की गई है।
अल नीनो की आशंका, किसानों के लिए एडवाइजरी
इधर, अल नीनो की संभावित स्थिति को देखते हुए कृषि विभाग ने किसानों के लिए विशेष एडवाइजरी जारी की है। विभाग ने मानसून में देरी और सूखे की आशंका के मद्देनजर आकस्मिक कार्ययोजना (Contingency Plan) तैयार की है।
उप संचालक संदीप भोई ने किसानों को कम अवधि वाली धान की किस्मों की खेती, डायरेक्ट सीडेड राइस (DSR) तकनीक अपनाने और फसल विविधीकरण पर जोर देने की सलाह दी है।
किसानों को ये सलाह
कृषि विभाग ने किसानों से कहा है कि वे केवल धान पर निर्भर रहने के बजाय दलहन और तिलहन जैसी वैकल्पिक फसलों की बुवाई करें। साथ ही खेतों में मल्चिंग तकनीक, मेड़बंदी और जल संरक्षण के उपाय अपनाएं। आर्थिक नुकसान से बचाव के लिए किसानों को प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना का लाभ लेने की भी सलाह दी गई है।










