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CG High Court: हाईकोर्ट का बड़ा फैसला, परिवार में पहले से सरकारी नौकरी है तो नहीं मिलेगी अनुकंपा नियुक्ति, खारिज की याचिका

मृतक सरकारी कर्मचारी के परिवार का कोई सदस्य पहले से सरकारी नौकरी में कार्यरत है, तो परिवार के किसी अन्य सदस्य को अनुकंपा नियुक्ति का लाभ नहीं मिल सकता।

July 17, 2026 1:12 PM
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Anukampa Niyukti Case : छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने अनुकंपा नियुक्ति को लेकर बहुत बड़ा फैसला सुनाया है। हाईकोर्ट ने महत्वपूर्ण फैसले में कहा है कि यदि मृतक सरकारी कर्मचारी के परिवार का कोई सदस्य पहले से सरकारी सेवा में है, तो दूसरे सदस्य को अनुकंपा नियुक्ति का लाभ नहीं दिया जा सकता। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि यह नहीं देखा जाएगा कि सरकारी नौकरी वाला सदस्य परिवार की आर्थिक मदद कर रहा है या नहीं।

छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने दायर याचिका पर सुनवाई करते हुए स्पष्ट किया कि यदि मृतक सरकारी कर्मचारी के परिवार का कोई सदस्य पहले से सरकारी नौकरी में कार्यरत है, तो परिवार के किसी अन्य सदस्य को अनुकंपा नियुक्ति का लाभ नहीं मिल सकता। अदालत ने यह भी कहा कि इस स्थिति में यह जांच नहीं की जा सकती कि सरकारी सेवा में कार्यरत सदस्य परिवार को आर्थिक सहायता देता है या अलग रह रहा है। यह फैसला न्यायमूर्ति राकेश मोहन पांडे की एकल पीठ ने सुनाया।

जानिये क्या था मामला?

दुर्ग निवासी वीरमणि सोनवानी के पिता थान सिंह सोनवानी कृषि विभाग में कृषि विकास अधिकारी के पद पर कार्यरत थे। उनका 19 अक्टूबर 2016 को निधन हो गया था। इसके बाद वीरमणि सोनवानी ने अनुकंपा नियुक्ति के लिए आवेदन किया।हालांकि, विभाग ने 7 मार्च 2020 को उनका आवेदन यह कहते हुए निरस्त कर दिया कि उनके भाई पहले से सरकारी सेवा में कार्यरत हैं, इसलिए वे अनुकंपा नियुक्ति के पात्र नहीं हैं।

दोबारा आवेदन भी हुआ निरस्त

याचिकाकर्ता ने हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया। मामले में विभाग ने दोबारा विचार किया, लेकिन 12 अगस्त 2021 को भी आवेदन को उसी आधार पर अस्वीकार कर दिया।याचिकाकर्ता की ओर से दलील दी गई कि उनका भाई अलग रहता है और परिवार को किसी प्रकार की आर्थिक सहायता नहीं देता, इसलिए उन्हें अनुकंपा नियुक्ति का लाभ मिलना चाहिए।

हाईकोर्ट ने क्या कहा?

हाईकोर्ट ने कहा कि अनुकंपा नियुक्ति राज्य सरकार की निर्धारित नीति के अनुसार ही दी जा सकती है। जब नीति में स्पष्ट रूप से यह प्रावधान है कि परिवार का कोई सदस्य पहले से सरकारी सेवा में होने पर अन्य सदस्य को अनुकंपा नियुक्ति नहीं मिलेगी, तो अदालत इस बात की जांच कराने का निर्देश नहीं दे सकती कि वह सदस्य परिवार की आर्थिक मदद कर रहा है या नहीं।अदालत ने यह भी माना कि इस विषय पर हाईकोर्ट की फुल बेंच पहले ही कानूनी स्थिति स्पष्ट कर चुकी है।

याचिका खारिज

सभी तथ्यों और लागू नीति पर विचार करने के बाद हाईकोर्ट ने याचिकाकर्ता की याचिका को खारिज कर दिया और राज्य सरकार के निर्णय को बरकरार रखा।

Gitendra Sahu

Gitendra Kumar Sahu has over 10 years of experience in journalism and newsroom operations. He has worked with reputed media organizations such as Swaraj Express and Press Trust of India (PTI), where he spent nearly five years in active journalism. He has also worked with several digital media platforms and possesses extensive experience in both field reporting and newsroom desk operations. After completing his graduation, he chose journalism as his professional career. He specializes in political reporting, current affairs, and crime journalism, with strong expertise in breaking and handling major news stories.

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