धमतरी/नगरी,9 अगस्त 2026। आज 9 अगस्त विश्व आदिवासी दिवस के अवसर पर सर्व आदिवासी समाज तहसील नगरी के अध्यक्ष एवं ग्राम पंचायत रतावा के सरपंच उमेश देव, अध्यक्ष सरपंच संघ नगरी एवं पूर्व जनपद सदस्य जनपद पंचायत नगरी तथा ग्राम पंचायत राजपुर के सरपंच उत्तम नेताम, कोषाध्यक्ष सरपंच संघ नगरी, कोषाध्यक्ष सर्व आदिवासी समाज तहसील नगरी, कोषाध्यक्ष गोंडवाना समाज उपक्षेत्र राजपुर एवं पूर्व जनपद सदस्य जनपद पंचायत नगरी ने प्रदेश, जिला एवं क्षेत्रवासियों को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दीं।
गौरतलब है कि आज पूरे देश,प्रदेश में गरिमामय और परंपरागत तरीके से विश्व आदिवासी दिवस मनाया जा रहा है, वहीं विश्व आदिवासी दिवस के मौके पर सर्व आदिवासी समाज द्वारा नगरी के कृषि उप मंडी परिसर में जिला स्तरीय कार्यक्रम का अयोजन किया जा रहा है, जिसकी तैयारी में समाज के पदाधिकारी लगातर जुटे हुए थे।
उमेश देव और उत्तम नेताम दोनों जनप्रतिनिधियों ने कहा कि विश्व आदिवासी दिवस हमारे लिए केवल उत्सव का अवसर नहीं, बल्कि अपनी पहचान, इतिहास और गौरवशाली विरासत को याद करने का दिन है। आदिवासी समाज की संस्कृति प्रकृति के साथ सह-अस्तित्व, सामूहिकता और सामाजिक सद्भाव की सीख देती है।
उन्होंने कहा कि हमारी बोली, हमारी परंपराएं, हमारे रीति-रिवाज और हमारी लोककला ही हमारी असली पहचान हैं। बदलते दौर में विकास जरूरी है, लेकिन विकास की दौड़ में अपनी जड़ों और सांस्कृतिक विरासत को पीछे नहीं छोड़ा जाना चाहिए।
उमेश देव एवं उत्तम नेताम ने विशेष रूप से युवा पीढ़ी से अपनी संस्कृति और समाज से जुड़ने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि युवा शिक्षा के क्षेत्र में आगे बढ़ें, अपने अधिकारों के प्रति जागरूक बनें और समाज के विकास में सक्रिय भूमिका निभाएं। वहीं समाज के वरिष्ठजनों के अनुभव और युवाओं की ऊर्जा मिलकर एक मजबूत एवं सशक्त समाज का निर्माण कर सकती है।
उन्होंने कहा कि आदिवासी समाज की सबसे बड़ी ताकत उसकी एकता है। सामाजिक एकजुटता, आपसी सहयोग और सकारात्मक सोच के साथ शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार एवं गांवों के विकास की दिशा में लगातार आगे बढ़ने की आवश्यकता है।
उन्होंने बताया कि संयुक्त राष्ट्र महासभा ने वर्ष 1994 में 9 अगस्त को विश्व के आदिवासी लोगों का अंतरराष्ट्रीय दिवस घोषित किया था। इस दिवस का उद्देश्य दुनिया के आदिवासी समुदायों के अधिकारों, संस्कृति, भाषा, परंपराओं और पहचान के संरक्षण के प्रति जागरूकता बढ़ाना है।
अंत में उन्होंने कहा—
“आइए, इस विश्व आदिवासी दिवस पर हम अपनी विरासत को सिर्फ याद न करें, बल्कि उसे अगली पीढ़ी तक पहुंचाने का संकल्प लें। हमारी संस्कृति हमारा गौरव है और हमारी एकता हमारी शक्ति।”
उमेश देव एवं उत्तम नेताम ने समस्त प्रदेश, जिला एवं क्षेत्रवासियों को विश्व आदिवासी दिवस की हार्दिक बधाई एवं मंगलमय शुभकामनाएं प्रेषित कीं।




















