धमतरी। जिस बेटे की मौत का सदमा परिवार कई दिनों से झेल रहा था, जिसका शव पहचानने के बाद परिजनों ने अंतिम संस्कार तक कर दिया था, अचानक वही बेटा जिंदा सामने आ गया, तो सभी की आंखें नम हो गयी। 28 वर्षीय मोतीलाल विश्वकर्मा, जिसे परिवार मृत समझ चुका था, वो धमतरी में जिंदा मिला है। युवक के सामने आते ही परिवार की खुशी का ठिकाना नहीं रहा, लेकिन इस हैरान करने वाले मामले ने पुलिस के सामने एक बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है—आखिर 28 जुलाई को सेमरा नाला के पास मिला वह शव किसका था, जिसे परिवार ने मोतीलाल समझकर अंतिम संस्कार कर दिया था?
परिवार मान चुका था मोतीलाल को मृत
बलौदाबाजार जिले के ग्राम सुकली बरेली निवासी मोतीलाल कई दिनों से लापता था। परिवार उसकी तलाश कर रहा था। इसी दौरान सेमरा नाला के पास एक शव मिला, जिसकी पहचान परिजनों ने मोतीलाल के रूप में की। पहचान के बाद परिवार ने शव का अंतिम संस्कार भी कर दिया। उन्हें लगा कि उनका बेटा अब इस दुनिया में नहीं रहा।लेकिन कहानी ने उस वक्त पूरी तरह पलटी खाई, जब मोतीलाल धमतरी के संबलपुर मोड़ स्थित पेट्रोल पंप के पास जिंदा मिला।
उसकी हालत देखकर समाजसेवी शिवा प्रधान और समिति के सदस्यों ने उसे जिला अस्पताल पहुंचाया। वहां वोटर आईडी से उसकी पहचान मोतीलाल के रूप में हुई और परिवार से संपर्क किया गया।आधी रात जब मोतीलाल अपने घर पहुंचा तो परिवार की आंखों में गम की जगह खुशी के आंसू थे। जिस बेटे को मृत समझकर अंतिम विदाई दे दी गई थी, वह उनके सामने जिंदा खड़ा था।लेकिन कुछ दिनों बाद धमतरी में जो हुआ, उसने पूरे मामले की तस्वीर ही बदल दी।
पेट्रोल पंप के पास बदहाल हालत में मिला युवक
मोतीलाल धमतरी के संबलपुर मोड़ स्थित पेट्रोल पंप के पास मिला। उसकी हालत देखकर समाजसेवी शिवा प्रधान और समिति के सदस्यों ने उसकी मदद की और उसे इलाज के लिए जिला अस्पताल पहुंचाया।अस्पताल में युवक की पहचान के लिए जांच की गई। इसी दौरान उसके पास मिले वोटर आईडी कार्ड से उसकी पहचान मोतीलाल विश्वकर्मा के रूप में हुई।पहचान की पुष्टि होने के बाद समिति के सदस्यों ने उसके परिवार से संपर्क किया और उन्हें बताया कि मोतीलाल जिंदा है।
आधी रात घर पहुंचा बेटा, खुशी से छलकी आंखें
मोतीलाल के जिंदा होने की खबर मिलते ही परिवार के लोग हैरान रह गए। जिस बेटे को मृत समझकर परिवार अंतिम संस्कार कर चुका था, उसके जिंदा होने की जानकारी मिलते ही परिजन धमतरी पहुंचे।इसके बाद मोतीलाल को आधी रात उसके घर पहुंचाया गया। बेटे को सामने जिंदा देखकर परिवार की आंखों से खुशी के आंसू छलक पड़े। परिवार के लिए यह पल किसी चमत्कार से कम नहीं था।
अब सबसे बड़ा सवाल- आखिर किसका था वह शव?
मोतीलाल के जिंदा मिलने के बाद अब पूरा मामला रहस्य बन गया है। 28 जुलाई को सेमरा नाला के पास जो शव मिला था, आखिर वह किसका था?परिवार ने उस शव की पहचान मोतीलाल के रूप में की थी और अंतिम संस्कार भी कर दिया था। अब जब मोतीलाल खुद जिंदा मिल गया है तो शव की पहचान को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।
क्या शव की पहचान में गलती हुई थी? क्या किसी दूसरे व्यक्ति के शव को मोतीलाल समझ लिया गया? या फिर इस पूरे मामले में कोई और कहानी छिपी हुई है? इन सवालों का जवाब अब पुलिस जांच के बाद ही सामने आएगा।
पुलिस के सामने खड़ा हुआ बड़ा सवाल
मोतीलाल के जिंदा मिलने के बाद पुलिस के सामने अब उस शव की पहचान करना सबसे बड़ी चुनौती है। पुलिस को यह पता लगाना होगा कि सेमरा नाला के पास मिला शव किस व्यक्ति का था और उसकी पहचान मोतीलाल के रूप में कैसे हुई।
फिलहाल यह मामला परिवार के लिए राहत और पुलिस के लिए एक बड़ी पहेली बन गया है। एक तरफ परिवार को अपना बेटा वापस मिल गया है, वहीं दूसरी तरफ उस शव की असली पहचान अब जांच का अहम हिस्सा बन गई है।
जिस युवक को परिवार मृत समझकर अंतिम विदाई दे चुका था, उसका जिंदा मिलना पूरे इलाके में चर्चा का विषय बना हुआ है। अब सभी की नजर पुलिस की जांच पर है कि आखिर उस अज्ञात शव की असली पहचान कब और कैसे सामने आती है।




















