रायपुर । एक शिक्षक की हत्या की जांच में शिक्षा विभाग का VSK ऐप पुलिस के लिए अहम सुराग बन गया। आरंग के बनचरौदा इलाके में शिक्षक शिवकुमार चंद्राकर की हत्या के बाद पुलिस के सामने सबसे बड़ी चुनौती यह पता लगाने की थी कि वारदात के वक्त आरोपी कहां था। संदेह के घेरे में आए उसके साथी शिक्षक चंद्रप्रकाश वर्मा ने पुलिस को बताया कि वह सुबह 9.30 बजे स्कूल पहुंच गया था और फेस स्कैन के जरिए अपनी उपस्थिति दर्ज की थी। लेकिन VSK की लॉग रिपोर्ट ने उसकी कहानी पर सवाल खड़ा कर दिया।
रिकॉर्ड में चंद्रप्रकाश की एंट्री करीब 12.30 बजे दर्ज मिली। यही अंतर पुलिस के शक की बड़ी वजह बना। इसके बाद पूछताछ आगे बढ़ी तो चंद्रप्रकाश ने शिवकुमार की हत्या की बात स्वीकार कर ली। पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया।
सुनसान जगह पर मिला था शिक्षक का शव
मामला 17 सितंबर का है। बनचरौदा के सुनसान इलाके में शिक्षक शिवकुमार चंद्राकर का शव मिला था। सूचना के बाद आरंग पुलिस मौके पर पहुंची। घटनास्थल सुनसान होने के कारण वहां से तत्काल कोई सीसीटीवी फुटेज नहीं मिल सका। पुलिस ने आसपास के लोगों से पूछताछ शुरू की। इसी दौरान एक चरवाहे ने घटनास्थल के आसपास सफेद रंग की स्कूटी देखे जाने की जानकारी दी। जांच आगे बढ़ी तो पुलिस को पता चला कि मृतक शिवकुमार कुम्हारी के स्कूल में शिक्षक था।
उसी स्कूल का शिक्षक निकला आरोपी
जांच में यह भी सामने आया कि शिवकुमार रेत, रियल एस्टेट और बुलियन ट्रेडिंग के कारोबार से जुड़ा था। उसी स्कूल में पदस्थ शिक्षक चंद्रप्रकाश वर्मा भी उसके साथ कारोबार करता था।
पुलिस ने चंद्रप्रकाश से पूछताछ की। उसने दावा किया कि वह घटना वाले दिन सुबह 9.30 बजे ही स्कूल पहुंच गया था और उसने फेस स्कैन से अटेंडेंस भी लगाई थी। यहीं से पुलिस ने उसके बताए समय को शिक्षा विभाग के VSK रिकॉर्ड से मिलाने का फैसला किया।
VSK रिकॉर्ड ने बदल दी जांच की दिशा
पुलिस ने VSK ऐप की अटेंडेंस लॉग रिपोर्ट निकाली। रिकॉर्ड में चंद्रप्रकाश की उपस्थिति करीब 12.30 बजे दर्ज थी, जबकि वह पुलिस को सुबह 9.30 बजे स्कूल पहुंचने की बात बता रहा था।
अटेंडेंस के समय में यह अंतर सामने आने के बाद पुलिस का शक और गहरा गया। इसके बाद चंद्रप्रकाश से दोबारा पूछताछ की गई। पुलिस के अनुसार, पूछताछ में उसने हत्या की बात स्वीकार कर ली।यानी जिस डिजिटल अटेंडेंस रिकॉर्ड को वह अपनी मौजूदगी का सबूत बता रहा था, वही रिकॉर्ड पुलिस के लिए उसके खिलाफ अहम कड़ी बन गया।
30 लाख रुपये के लेन-देन का विवाद
पुलिस के मुताबिक, शिवकुमार और चंद्रप्रकाश के बीच रेत, रियल एस्टेट और बुलियन ट्रेडिंग से जुड़े करीब 30 लाख रुपये के लेन-देन का विवाद था। चंद्रप्रकाश का आरोप था कि शिवकुमार ने उससे अलग-अलग समय पर रकम ली थी और उस पर ब्याज भी देना था।
पुलिस के अनुसार, शिवकुमार ने कुछ समय तक ब्याज चुकाया, लेकिन करीब तीन महीने से भुगतान बंद था। रकम मांगने पर दोनों के बीच विवाद भी हुआ था। इसी लेन-देन को हत्या की वजह बताया जा रहा है।
पहले फोन कर बुलाया, फिर सुनसान जगह ले गया
पुलिस के मुताबिक, घटना वाले दिन चंद्रप्रकाश ने शिवकुमार को फोन कर बुलाया। इसके बाद दोनों बनचरौदा के सुनसान इलाके में पहुंचे। वहां बातचीत के दौरान विवाद हुआ और आरोपी ने पत्थर से सिर पर वार कर शिवकुमार की हत्या कर दी।
पुलिस ने आरोपी की निशानदेही पर स्कूटी, हथियार, हथौड़ा, तीन ब्लैंक चेक, मोबाइल, पर्स और खून से सने कपड़े बरामद किए हैं।
आरंग पुलिस ने मामले का खुलासा घटना के करीब 24 घंटे के भीतर करते हुए आरोपी चंद्रप्रकाश वर्मा को गिरफ्तार किया है। उसे कोर्ट में पेश कर आगे की कानूनी कार्रवाई की गई है।










