कबीरधाम।“चंडालपुर नहीं, अब चंदनपुर कहिए भाई…” कबीरधाम जिले के इस गांव में शुक्रवार देर रात कुछ ऐसा ही माहौल था। तेज बारिश के बावजूद ग्रामीणों की भीड़ जुटी थी और हर चेहरे पर वर्षों पुरानी मांग पूरी होने की खुशी साफ नजर आ रही थी। गांव का नाम अब सरकारी दस्तावेजों में चंडालपुर नहीं, ‘चंदनपुर’ दर्ज होगा।
इस खुशी को साझा करने के लिए उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा खुद गांव पहुंचे। खास बात यह रही कि वे केवल बधाई देने नहीं आए थे, बल्कि गांव की नई पहचान का राजपत्र लेकर पहुंचे थे। उन्होंने ग्रामीणों को राजपत्र की प्रति सौंपकर आधिकारिक रूप से नाम बदलने की जानकारी दी और वर्षों पुरानी मांग पूरी होने पर ग्रामीणों को बधाई दी।
उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने कहा कि ग्रामवासियों की ओर से लंबे समय से गांव का नाम बदलने की मांग की जा रही थी। स्थानीय लोगों की भावना और मांग को ध्यान में रखते हुए प्रस्ताव तैयार कर शासन को भेजा गया। इसके बाद मंत्रिमंडल स्तर पर चर्चा हुई, राज्यपाल की स्वीकृति प्राप्त हुई और अंततः राजपत्र में इसका प्रकाशन किया गया।
उन्होंने कहा कि राजपत्र में प्रकाशन के बाद अब ‘चंदनपुर’ नाम सरकारी अभिलेखों और संबंधित शासकीय वेब पोर्टलों में दर्ज रहेगा। उन्होंने ग्रामीणों से आग्रह किया कि वे भी अपने दैनिक व्यवहार और बोलचाल में गांव के नए नाम ‘चंदनपुर’ का उपयोग करें, ताकि आने वाली पीढ़ियां इसी नाम से गांव को जानें और इसकी पहचान आगे भी कायम रहे।
राजपत्र लेकर पहुंचे तो बारिश में भी उमड़ पड़ा गांव
शुक्रवार देर रात तेज बारिश के बीच उप मुख्यमंत्री के चंदनपुर पहुंचने पर बड़ी संख्या में ग्रामीण स्वागत के लिए मौजूद रहे। नाम परिवर्तन की खुशी में ग्रामीणों ने एक-दूसरे को मिठाई खिलाई और अपनी खुशी का इजहार किया।गांव के लोगों के लिए यह सिर्फ नाम बदलने का फैसला नहीं, बल्कि अपनी भावनाओं और स्थानीय पहचान को आधिकारिक मान्यता मिलने का अवसर था।
‘चंडालपुर’ से ‘चंदनपुर’ तक का सफर
ग्रामीण लंबे समय से गांव का नाम बदलने की मांग कर रहे थे। स्थानीय लोगों की मांग और भावनाओं को देखते हुए नाम परिवर्तन का प्रस्ताव शासन को भेजा गया। इसके बाद मंत्रिमंडल स्तर पर चर्चा, राज्यपाल की स्वीकृति और निर्धारित प्रक्रिया पूरी होने के बाद नए नाम का राजपत्र में प्रकाशन किया गया।
अब ‘चंदनपुर’ नाम सरकारी अभिलेखों और संबंधित शासकीय वेब पोर्टलों में दर्ज होगा। यानी आने वाले समय में गांव की आधिकारिक पहचान भी चंदनपुर के नाम से ही होगी।उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने ग्रामीणों से अपील की कि वे रोजमर्रा की बातचीत और व्यवहार में भी गांव के नए नाम चंदनपुर का इस्तेमाल करें, ताकि आने वाली पीढ़ियां इसी नाम से गांव को जानें।
नाम बदला तो विकास की सौगात भी मिली
गांव को नई पहचान मिलने के साथ विकास कार्यों की सौगात भी मिली। उप मुख्यमंत्री ने सीसी रोड और सामुदायिक भवन के लिए 11.70 लाख रुपए देने की घोषणा की।इसके अलावा ग्रामीणों को दस्तावेजों में नाम बदलवाने के लिए अलग-अलग सरकारी दफ्तरों के चक्कर न लगाने पड़ें, इसके लिए विशेष शिविर लगाया जाएगा। शिविर में आधार कार्ड समेत अन्य दस्तावेजों में गांव का नाम बदलने की प्रक्रिया पूरी कराने की व्यवस्था की जाएगी।
नाम में इतिहास, संस्कृति और भावनाएं भी जुड़ी होती हैं
विजय शर्मा ने कहा कि किसी गांव का नाम केवल उसकी पहचान नहीं होता। उसके साथ स्थानीय इतिहास, संस्कृति, परंपरा और लोगों की भावनाएं भी जुड़ी होती हैं। ऐसे में चंदनपुर नाम को आधिकारिक पहचान मिलना ग्रामीणों की लंबे समय से चली आ रही मांग और भावना के सम्मान का प्रतीक है।
वर्षों तक जिस नाम को बदलने की मांग उठती रही, अब वही बदलाव सरकारी राजपत्र में दर्ज हो चुका है। बारिश की उस रात चंदनपुर में सिर्फ नाम नहीं बदला था, ग्रामीणों को अपनी नई पहचान का दस्तावेज भी मिल गया।










