Mobile Ban। शिक्षकों के लिए एक और कड़ा फरमान जारी किया गया है। स्कूल में शिक्षक अब निजी कामों के लिए मोबाइल का इस्तेमाल नहीं कर सकेंगे। इस संबंध में स्पष्ट और कड़ा आदेश जारी कर दिया गया है। छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले के करतला विकासखंड में शिक्षा व्यवस्था को बेहतर बनाने और कक्षाओं में पठन-पाठन का माहौल बनाए रखने के लिए शिक्षकों के मोबाइल फोन इस्तेमाल पर सख्ती की गई है।
विकासखंड शिक्षा अधिकारी, करतला की ओर से विद्यालयों में कक्षा संचालन के दौरान शिक्षकों के मोबाइल फोन इस्तेमाल पर प्रतिबंध लगाने संबंधी आदेश जारी किया गया है। विकासखंड शिक्षा अधिकारी कार्यालय से 6 अक्टूबर 2026 को जारी पत्र में इस संबंध में स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं। आदेश की प्रतियां विकासखंड क्षेत्र के सभी प्राचार्यों, प्रधान पाठकों और सीएससी (संकुल समन्वयकों) को भेजी गई हैं।
कक्षा में मोबाइल का इस्तेमाल पूरी तरह प्रतिबंधित
जारी आदेश के मुताबिक, शिक्षक कक्षा संचालन के दौरान मोबाइल फोन का उपयोग नहीं कर सकेंगे। स्कूल से संबंधित आवश्यक ऑनलाइन कार्यों के लिए ही मोबाइल का न्यूनतम और जरूरत के अनुसार उपयोग करने की अनुमति होगी। इसके अलावा कक्षा के दौरान मोबाइल का अन्य किसी भी कार्य के लिए इस्तेमाल प्रतिबंधित रहेगा।शिक्षा विभाग का यह निर्देश खास तौर पर यह सुनिश्चित करने के उद्देश्य से जारी किया गया है कि कक्षा के समय शिक्षकों का पूरा ध्यान विद्यार्थियों की पढ़ाई और शिक्षण कार्य पर रहे।
शिकायत या लापरवाही पर होगी कार्रवाई
आदेश में शिक्षकों को नियमों का कड़ाई से पालन करने के निर्देश दिए गए हैं। यदि कोई शिक्षक कक्षा के दौरान मोबाइल फोन का इस्तेमाल करते हुए पाया जाता है या इस संबंध में शिकायत प्राप्त होती है, तो संबंधित शिक्षक के खिलाफ बिना किसी देरी के एकपक्षीय अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।आदेश में यह भी स्पष्ट किया गया है कि नियमों के उल्लंघन की स्थिति में संबंधित शिक्षक स्वयं इसके लिए जिम्मेदार होंगे।

स्कूलों में बेहतर शैक्षणिक माहौल बनाने पर जोर
विकासखंड शिक्षा अधिकारी के इस निर्देश का मुख्य उद्देश्य विद्यालयों में अनुशासन और शिक्षण व्यवस्था को मजबूत करना है। कक्षा के दौरान मोबाइल के गैर-जरूरी इस्तेमाल से शिक्षकों का ध्यान भटकने की आशंका रहती है, जिसका असर विद्यार्थियों की पढ़ाई पर पड़ सकता है।
ऐसे में विभाग ने शिक्षकों को शिक्षण कार्य के दौरान मोबाइल से दूरी बनाए रखने के निर्देश दिए हैं।इस आदेश की प्रति जिला शिक्षा अधिकारी, कोरबा को भी सूचनार्थ भेजी गई है। अब विद्यालयों के प्राचार्य, प्रधान पाठक और संकुल समन्वयक इस निर्देश के पालन की निगरानी करेंगे।










