बिलासपुर। दुल्हन की ड्रेस, मुंह से निकलता सिगरेट का छल्ला, हाथ में पिस्टल और बैकग्राउंड में गाना—‘बेगम बगैर बादशाह किस काम का’। छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में इस अंदाज में बनाई गई एक सोशल मीडिया रील ने बवाल खड़ा कर दिया है। वीडियो वायरल होने के बाद स्थानीय नागरिकों और हिंदू संगठनों ने आपत्ति जताई। मामले में पुलिस ने युवतियों समेत 9 लोगों के खिलाफ केस दर्ज कर गिरफ्तारी की कार्रवाई की है।
मामला नवरात्रि और गरबा महोत्सव से पहले सोशल मीडिया पर सामने आए एक वीडियो से जुड़ा है। जानकारी के मुताबिक, गरबा पास के प्रचार के लिए बनाई गई इस रील में कुछ युवतियां गरबा ड्रेस में नजर आ रही हैं। वीडियो में सिगरेट पीने और पिस्टल लहराने जैसे दृश्य दिखाई देते हैं। आरोप यह भी है कि हाईवे पर शूटिंग के दौरान यातायात प्रभावित हुआ।
‘बेगम बगैर बादशाह किस काम का’ गाने पर बनाई रील
वीडियो में इस्तेमाल किए गए गाने और युवतियों के अंदाज को लेकर सोशल मीडिया पर चर्चा तेज हो गई। गरबा जैसे धार्मिक-सांस्कृतिक आयोजन से जुड़ी पोशाक में सिगरेट और पिस्टल के प्रदर्शन को लेकर लोगों ने सवाल उठाए। शिकायतकर्ताओं ने इसे धार्मिक भावनाओं और आयोजन की गरिमा से जुड़ा मामला बताया।
वीडियो में दिखाई देने वाली गतिविधियों को लेकर शिफा मैथ्यू नाम के सोशल मीडिया अकाउंट का भी उल्लेख किया गया है। हालांकि, वीडियो बनाने का उद्देश्य, उसमें दिखाई गई वस्तु की वास्तविकता और शूटिंग के दौरान यातायात प्रभावित होने से जुड़े तथ्यों की पुष्टि जांच के आधार पर ही होगी।
हिंदू संगठनों ने SP कार्यालय पहुंचकर की शिकायत
वीडियो वायरल होने के बाद बजरंग दल के कार्यकर्ताओं सहित हिंदू संगठनों ने पुलिस से शिकायत की। शिकायतकर्ताओं ने वीडियो में शामिल लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। मामला एएसपी सिटी के संज्ञान में आने के बाद पुलिस ने वीडियो में नजर आ रहे लोगों को पूछताछ के लिए बुलाया।
पुलिस की ओर से मिली जानकारी के अनुसार, मामले में युवतियों समेत कुल 9 लोगों के खिलाफ केस दर्ज कर उन्हें गिरफ्तार किया गया है। पुलिस की वैधानिक कार्रवाई के साथ मामले से जुड़े तथ्यों की जांच की जा रही है।
गरबा आयोजनों को लेकर पुलिस की चेतावनी
पुलिस ने नवरात्रि और गरबा आयोजनों के दौरान सोशल मीडिया रील बनाते समय धार्मिक भावनाओं और सामाजिक मर्यादा का ध्यान रखने की अपील की है। पुलिस का कहना है कि चाकू, पिस्टल, सिगरेट या गुंडागर्दी का प्रदर्शन करते हुए वीडियो बनाकर वायरल करना गलत संदेश दे सकता है और दूसरे लोगों को भी ऐसी गतिविधियों के लिए प्रोत्साहित कर सकता है।
नवरात्रि और गरबा आस्था से जुड़े आयोजन हैं। ऐसे में पुलिस ने लोगों से आयोजन की गरिमा बनाए रखने और सार्वजनिक स्थानों पर ऐसी गतिविधियों से बचने की अपील की है, जिनसे विवाद पैदा हो या आम लोगों को परेशानी हो।










