बिलासपुर। शिक्षकों के तबादले से जुड़े अहम मामले में हाईकोर्ट ने शिक्षा सचिव को नयी पदस्थापना का आदेश दिया है। दरअसल ये तबादला 6 अगस्त 2026 को हुई थी। अपने इस फैसले से छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट ने 45 प्रतिशत अस्थि दिव्यांगता से ग्रस्त शिक्षक टेकश्वर कौशिक को बड़ी राहत दी है। कोर्ट ने स्कूल शिक्षा विभाग के सचिव को निर्देश दिया है कि शिक्षक को उनकी वर्तमान पदस्थापना के नजदीक स्थित दो स्कूलों में से किसी एक में पदस्थ किया जाए।
इसके लिए कोर्ट ने आदेश की प्रति मिलने के 30 दिनों के भीतर आवश्यक आदेश जारी करने की समय-सीमा तय की है।न्यायमूर्ति बिभु दत्त गुरु की एकलपीठ ने यह निर्देश देते हुए स्पष्ट किया कि कोर्ट स्थानांतरण नीति या मूल तबादला आदेश की वैधता पर कोई राय नहीं दे रहा है। यह राहत शिक्षक की दिव्यांगता और नजदीकी स्कूलों में रिक्त पद उपलब्ध होने के आधार पर दी गई है।
42 किलोमीटर दूर किया गया था तबादला
मिली जानकारी के मुताबिक कबीरधाम जिले के ग्राम सेमरिया निवासी टेकश्वर कौशिक लोहारा विकासखंड की शासकीय प्राथमिक शाला सेमरिया में सहायक शिक्षक (एलबी), विज्ञान के पद पर कार्यरत थे। स्कूल शिक्षा विभाग ने 6 अगस्त 2026 को जारी आदेश के तहत उनका तबादला शासकीय माध्यमिक शाला कृतबंधा में कर दिया था। यह स्कूल उनकी वर्तमान पदस्थापना से करीब 42 किलोमीटर दूर है।
शिक्षक ने अपनी याचिका में बताया कि वह 45 प्रतिशत अस्थि दिव्यांग हैं। ऐसे में इतनी दूर स्थित स्कूल में पदस्थापना से उन्हें आने-जाने में परेशानी का सामना करना पड़ेगा। उन्होंने अपनी दिव्यांगता और दूरी को आधार बनाकर तबादला आदेश में राहत देने की मांग की थी।
अभ्यावेदन खारिज होने के बाद दोबारा पहुंचे हाई कोर्ट
टेकश्वर कौशिक ने इससे पहले भी तबादले के खिलाफ हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था। उस समय कोर्ट ने उन्हें स्थानांतरण नीति के तहत गठित समिति के समक्ष अभ्यावेदन प्रस्तुत करने का निर्देश दिया था।इसके बाद शिक्षक ने अपनी 45 प्रतिशत दिव्यांगता और नई पदस्थापना की दूरी का हवाला देते हुए समिति के समक्ष अभ्यावेदन दिया। हालांकि, उनकी मांग खारिज कर दी गई। इसके बाद उन्होंने दोबारा हाई कोर्ट में याचिका दायर कर राहत की मांग की।
गोचिया और बंधौरा स्कूल में रिक्त पद
सुनवाई के दौरान हाई कोर्ट ने राज्य सरकार से पूछा कि शिक्षक की वर्तमान पदस्थापना के नजदीक उनके पद के अनुरूप कोई रिक्त पद उपलब्ध है या नहीं। इस पर जिला शिक्षा अधिकारी, कबीरधाम से मिली जानकारी में बताया गया कि शासकीय माध्यमिक शाला गोचिया और शासकीय माध्यमिक शाला बंधौरा में पद खाली हैं।नजदीकी स्कूलों में रिक्त पद उपलब्ध होने और शिक्षक की दिव्यांगता को ध्यान में रखते हुए कोर्ट ने उनकी शिकायत के समाधान के लिए निर्देश जारी किया।
30 दिन के भीतर जारी करना होगा आदेश
हाई कोर्ट ने स्कूल शिक्षा विभाग के सचिव को निर्देश दिया है कि सक्षम प्राधिकारी शासकीय माध्यमिक शाला गोचिया और शासकीय माध्यमिक शाला बंधौरा में से किसी एक स्कूल का चयन कर शिक्षक की पदस्थापना सुनिश्चित करें।कोर्ट के आदेश के अनुसार, आदेश की प्रति प्राप्त होने के 30 दिनों के भीतर इस संबंध में आवश्यक आदेश जारी करना होगा। इस निर्देश से 45 प्रतिशत दिव्यांगता से ग्रस्त शिक्षक को दूरस्थ पदस्थापना से राहत मिलने का रास्ता साफ हो गया है।










