रायपुर/बिलासपुर। छत्तीसगढ़ में सरकारी शिक्षक बनने की तैयारी कर रहे अभ्यर्थियों के लिए बड़ी खबर है। छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट, बिलासपुर के अंतरिम आदेश के बाद छत्तीसगढ़ कर्मचारी चयन मंडल (CGSSB) ने सहायक शिक्षक भर्ती परीक्षा को स्थगित कर दिया है। 11 अक्टूबर 2026 को आयोजित होने वाली सहायक शिक्षक (LSAT26) की लिखित परीक्षा अब आगामी आदेश तक नहीं होगी। इस संबंध में परीक्षा नियंत्रक की ओर से आदेश जारी किया गया है।
यह कार्रवाई हाईकोर्ट में दायर याचिका WPS No. 6783 of 2026 में पारित आदेश के अनुपालन में की गई है। मामले में अदालत ने दृष्टिहीन अभ्यर्थियों सहित संबंधित आरक्षित वर्गों को भर्ती प्रक्रिया में शामिल करने और आवेदन का अवसर देने के संबंध में निर्देश दिए हैं।
हाईकोर्ट के आदेश के बाद परीक्षा स्थगित
छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट में 9 अक्टूबर 2026 को हुई सुनवाई के दौरान भर्ती विज्ञापन में आरक्षित वर्गों को शामिल करने का मुद्दा उठाया गया। अदालत को बताया गया कि 16 अप्रैल 2026 को जारी भर्ती विज्ञापन के संबंध में 9 अक्टूबर को शुद्धिपत्र जारी किया गया है। हालांकि, दृष्टिहीन अभ्यर्थियों को आवेदन की अंतिम तिथि समाप्त होने का हवाला देकर भर्ती प्रक्रिया में शामिल करने में असमर्थता जताई गई।
इस पर अदालत ने राज्य सरकार के तर्क से असहमति जताई। न्यायालय ने निर्देश दिया कि संबंधित आरक्षित वर्गों को विज्ञापन में शामिल कर आवेदन का अवसर दिए जाने तक सहायक शिक्षक और शिक्षक पदों की चयन परीक्षाएं आयोजित नहीं की जाएं।
11 अक्टूबर की परीक्षा और गोपनीय सामग्री वितरण स्थगित
जारी जानकारी के अनुसार, सहायक शिक्षक भर्ती परीक्षा (LSAT26) का आयोजन 11 अक्टूबर 2026 को प्रस्तावित था। कर्मचारी चयन मंडल ने इस परीक्षा को आगामी आदेश तक स्थगित कर दिया है।
परीक्षा स्थगित होने के साथ ही परीक्षा से संबंधित गोपनीय सामग्री के वितरण की प्रक्रिया भी टाल दी गई है। मंडल की ओर से राज्य के विभिन्न जिलों के नोडल अधिकारियों को इस संबंध में सूचना भेजी गई है।
इनमें सरगुजा, कोरिया, बिलासपुर, दंतेवाड़ा, धमतरी, दुर्ग, जगदलपुर, जांजगीर-चांपा, जशपुर नगर, कांकेर, कबीरधाम, कोरबा, महासमुंद, रायगढ़, रायपुर और राजनांदगांव सहित अन्य संबंधित परीक्षा केंद्रों के अधिकारी शामिल हैं।
दृष्टिहीन अभ्यर्थियों को अवसर देने का उठा मुद्दा
मामले की सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ताओं की ओर से दलील दी गई कि भर्ती प्रक्रिया में आरक्षित वर्गों को नियमानुसार अवसर मिलना चाहिए। राज्य सरकार ने अदालत को बताया कि वर्गवार आरक्षित पदों का विवरण देते हुए शुद्धिपत्र जारी किया जा चुका है, लेकिन आवेदन की अंतिम तिथि 21 अगस्त 2026 को समाप्त होने के कारण दृष्टिहीन अभ्यर्थियों को शामिल करने में कठिनाई है।
अदालत ने इस तर्क पर असहमति जताते हुए आरक्षित वर्गों को आवेदन का अवसर देने की आवश्यकता पर जोर दिया। याचिकाकर्ताओं की ओर से यह भी बताया गया कि जारी शुद्धिपत्र केवल सहायक शिक्षक पद के लिए है, शिक्षक पद के लिए नहीं।

शिक्षक भर्ती परीक्षा पर भी रोक
हाईकोर्ट के अंतरिम आदेश का दायरा केवल सहायक शिक्षक भर्ती परीक्षा तक सीमित नहीं है। आदेश के अनुसार, शिक्षक पद की 25 अक्टूबर 2026 को प्रस्तावित चयन परीक्षा भी संबंधित आरक्षित वर्गों को विज्ञापन में शामिल कर आवेदन का अवसर दिए जाने तक आयोजित नहीं की जाएगी।
इस तरह फिलहाल सहायक शिक्षक और शिक्षक, दोनों पदों की भर्ती परीक्षाओं पर असर पड़ा है। हालांकि, कर्मचारी चयन मंडल द्वारा जारी स्थगन आदेश की उपलब्ध जानकारी विशेष रूप से 11 अक्टूबर की सहायक शिक्षक परीक्षा से संबंधित है।
तीन सप्ताह बाद होगी अगली सुनवाई
हाईकोर्ट ने प्रतिवादियों को जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया है। मामले की अगली सुनवाई तीन सप्ताह बाद निर्धारित की गई है। अदालत ने यह भी स्पष्ट किया है कि राज्य सरकार और संबंधित विभाग नियमानुसार नया शुद्धिपत्र जारी कर सकते हैं या सभी पात्र आरक्षित वर्गों को आवेदन का अवसर देते हुए नया विज्ञापन जारी कर सकते हैं।
अभ्यर्थियों के लिए जरूरी सूचना: सहायक शिक्षक भर्ती परीक्षा की नई तारीख अभी उपलब्ध जानकारी में घोषित नहीं हुई है। अभ्यर्थियों को नई परीक्षा तिथि, आवेदन प्रक्रिया और भर्ती विज्ञापन से संबंधित अपडेट के लिए छत्तीसगढ़ कर्मचारी चयन मंडल की आधिकारिक सूचनाओं पर नजर रखनी चाहिए।










